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    दवाओं पर कैसे रिएक्ट करता है कैंसर? नई लाइव-ट्रैकिंग तकनीक से वैज्ञानिकों को मिलेंगे सटीक जवाब

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 09:07 AM (IST)

    वैज्ञानिक एक नई तकनीक विकसित कर रहे हैं जिससे कैंसर कोशिकाओं को जीवित अवस्था में रियल-टाइम में देखा जा सकेगा। ...और पढ़ें

    रियल-टाइम में लाइव देखी जा सकेंगी ट्यूमर की जीवित कोशिकाएं (Image Source: AI-Generated)

    रियल-टाइम में लाइव देखी जा सकेंगी ट्यूमर की जीवित कोशिकाएं (Image Source: AI-Generated)

    HighLights

    1. जीवित कैंसर कोशिकाओं का रियल-टाइम अध्ययन अब संभव

    2. ट्यूमर के विकास, दवाओं की प्रतिक्रिया समझने में सहायक

    3. प्रीसिजेनिटिक्स ने विकसित की यह गेम-चेंजिंग तकनीक

    प्रेट्र, नई दिल्ली। मेडिकल साइंस ने भले ही आज कितनी भी तरक्की कर ली हो, लेकिन मौजूदा समय में वैज्ञानिक कोशिकाओं का अध्ययन उन्हें केमिकल के जरिए फिक्स या नष्ट करने के बाद ही करते हैं। इस तरीके से किसी भी गतिशील जैविक प्रक्रिया की सिर्फ एक रुकी हुई तस्वीर ही मिल पाती है।

    हालांकि, जरा सोचिए, क्या हो अगर वैज्ञानिक कैंसर की कोशिकाओं को जीवित अवस्था में लाइव देख सकें? यह कोई सपना नहीं, बल्कि जल्द ही हकीकत बनने जा रहा है, जिससे दवा खोजने के नए रास्ते खुल सकते हैं।

    कैंसर के इलाज में कैसे मिलेगी मदद?

    शोधकर्ता इन दिनों एक ऐसी नई तकनीक विकसित करने में जुटे हैं, जिसकी मदद से जीवित कैंसर कोशिकाओं को रियल-टाइम में देखा जा सकेगा। यह मेडिकल क्षेत्र में एक बहुत बड़ा कदम साबित होगा।

    इससे वैज्ञानिकों को अपनी आंखों से यह देखने और समझने में मदद मिलेगी कि ट्यूमर आखिर कैसे बढ़ता है और वह अलग-अलग दवाइयों पर किस तरह की प्रतिक्रिया देता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि बायोमेडिकल रिसर्च और विशेष रूप से ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में जीवित कोशिकाओं के व्यवहार को रियल-टाइम में समझना शोध का अगला सबसे अहम पड़ाव है।

    क्यों जरूरी है कोशिकाओं को लाइव देखना?

    कैंसर का इलाज इतना मुश्किल इसलिए है क्योंकि कैंसर की कोशिकाएं लगातार अपना रूप और स्वभाव बदलती रहती हैं। ये कोशिकाएं शरीर के माहौल के हिसाब से खुद को ढाल लेती हैं और कई बार तो इलाज या दवाइयों के खिलाफ अपना प्रतिरोध भी विकसित कर लेती हैं। ऐसे में इनका लाइव अध्ययन करना बहुत जरूरी है ताकि इनकी हर हरकत को करीब से समझा जा सके।

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    कैसे काम करेगी यह नई तकनीक?

    इस दिशा में सैन फ्रांसिस्को स्थित बायोटेक स्टार्ट-अप 'प्रीसिजेनिटिक्स' ने एक बड़ी पहल की है। कंपनी की संस्थापक और सीईओ परमिता मिश्रा ने बताया कि उनकी टीम एक ऐसा तकनीकी प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है, जो शोधकर्ताओं के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।

    इस प्लेटफॉर्म की खासियत यह है कि इसके जरिए जीवित कोशिकाओं को बिना किसी रंग, लेबल या नमूने को नष्ट किए सीधे लाइव देखा जा सकेगा। यह नई और आधुनिक तकनीक मुख्य रूप से इन चार विज्ञानों को आपस में जोड़ती है:

    • रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी
    • फोटोनिक्स
    • माइक्रोफ्लुइडिक्स
    • कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी

    इन तकनीकों के अनोखे संगम से जीवित कोशिकाओं के अंदर चल रही वास्तविक जैव रासायनिक जानकारी को रियल-टाइम में प्राप्त किया जा सकेगा, जो भविष्य में कैंसर के खिलाफ एक बहुत बड़ा हथियार बन सकता है।

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