गर्मी में गोलगप्पे और चाट का शौक पड़ सकता है भारी! बढ़ता तापमान कैसे बना रहा है आपके खाने को जहरीला?
गर्मी के मौसम में बाहर का खाना आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। यह फूड पॉइजनिंग और इन्फेक्शन की वजह बन सकता है।

भारी पड़ सकता है चाट गोलगप्पे का शौक (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। स्ट्रीट फूड हर किसी को खूब पसंद आता है और इसलिए अक्सर लोग सड़क किनारे मिल रहे गोल-गप्पे, चाट आदि बड़े चाव से खाते हैं। लेकिन इस मौसम में स्वाद के चक्कर में बाहर का खाना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है।
गर्मी का मौसम आते ही चिलचिलाती धूप और हीटवेव का असर हमारे पाचन पर भी पड़ता है, इसलिए इन्फेक्शन और पेट से जुड़ी बीमारियों की समस्याएं इस मौसम में काफी बढ़ जाती हैं। ऐसे में बाहर खुले में रखा खाना और खतरनाक हो सकता है। आइए जानें कि गर्मी में बाहर का खाना कैसे आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
बढ़ते तापमान में बैक्टीरिया का हमला
गर्मियों के दिनों में तापमान बहुत ज्यादा होता है और यही गर्म मौसम बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। इस मौसम में खाना बहुत जल्दी खराब होने लगता है। खासकर कुछ चीजें ऐसी हैं जिनमें इन्फेक्शन का खतरा कई गुना ज्यादा होता है, जैसे- दूध और डेयरी से बनी चीजें, पहले से कटी हुई फल और सब्जियां, चटनी और सलाद, नॉन-वेजिटेरियन खाना और काफी देर तक खुले में रखा गया खाना। अगर इन चीजों को बनाते या परोसते समय साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो ये सीधे आपको बीमार कर सकती हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
डॉ. शरद मल्होत्रा (सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी, आकाश हेल्थकेयर) के अनुसार, गर्मी के मौसम में बाहर का खाना पूरी तरह से असुरक्षित नहीं होता है। हालांकि, इस बात पर ध्यान देना जरूरी है कि उसे किस तरह स्टोर किया गया है, उसकी क्वालिटी कैसी है और वहां कितनी सफाई रखी गई है।
जब तापमान ज्यादा होता है, तो बैक्टीरिया बहुत तेजी से मल्टीप्लाई होते हैं। ऐसे में अगर खाना लंबे समय तक खुला छोड़ दिया जाए, तो फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि गर्मियों में अस्पतालों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है।
फूड पॉइजनिंग के कारण
- दूषित या गंदा पानी पीना
- अधपका खाना
- खाने को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करना
- खराब हाइजीन के बीच खाना तैयार होना
स्ट्रीट फूड वेंडर्स या रेस्तरां में कई बार खाने काफी समय तक बाहर खुला रहता है, जिससे उसमें वायरस और बैक्टीरिया घर बना लेते हैं। इसके कारण खाना जल्दी खराब होता है और उसे खाने से फूड पॉइजनिंग का रिस्क भी काफी बढ़ जाता है।
किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा?
छोटे बच्चे, बुजुर्ग लोग, प्रेग्नेंट महिलाएं और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में फूड पॉइजनिंग का रिस्क ज्यादा रहता है। साथ ही, इन लोगों के शरीर में इन्फेक्शन के बाद पानी की कमी बहुत तेजी से होती है, जिससे स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ सकती है।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
डॉक्टरों का साफ कहना है कि गर्मी में होने वाले पेट के इन्फेक्शन को जरा भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। कई बार मरीज गंभीर डिहाइड्रेशन और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स इंबैलेंस के साथ अस्पताल पहुंचते हैं। अगर आपको या परिवार में किसी को नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए-
- लगातार उल्टी या दस्त होना
- तेज बुखार आना
- शरीर में बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना
खुद को बीमार होने से कैसे बचाएं?
- ताजा खाना खाएं- हमेशा ऐसी जगह से खाएं जहां आपकी आंखों के सामने ताजा खाना बन रहा हो और उसे ढककर रखा गया हो।
- इन चीजों से बनाएं दूरी- कटे हुए फल-सब्जियां, खुले में मिलने वाले जूस, बासी खाना और ज्यादा क्रीम या डेयरी वाले फूड आइटम खाने से बचें।
- पानी पर दें ध्यान- हमेशा सुरक्षित या पैकेज्ड पानी ही पिएं। बाहर मिलने वाले बर्फ वाले ड्रिंक्स से परहेज करें, क्योंकि कई बार बर्फ बनाने में दूषित पानी का इस्तेमाल होता है जो बीमारी की वजह बनता है।
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