क्या आपके मुंह में भी दिख रहे हैं ये लक्षण? शरीर में हो गई है मैग्नीशियम की कमी, तुरंत करें ये काम
शरीर में मैग्नीशियम की कमी कई बार मुंह के जरिए संकेत देती है। यह मिनरल हड्डियों, दांतों, नर्वस सिस्टम और मांसपेशियों के लिए जरूरी है। ...और पढ़ें

मुंह के लक्षण बताते हैं मैग्नीशियम की कमी (Picture Credit- AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मुंह में दिखाई देने वाले लक्षण अक्सर हमारे शरीर की पोषण स्थिति के बारे में संकेत देते हैं। खासतौर पर मैग्नीशियम की कमी के कारण कई बार मुंह में अलग-अलग समस्याएं दिखने लगती हैं। मैग्नीशियम एक महत्वपूर्ण मिनरल है जो मांसपेशियों, हड्डियों, दांतों, नर्वस सिस्टम और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है।
इसकी कमी को नजरअंदाज करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। आइए जानते हैं मुंह में दिखने वाले कुछ खास लक्षणों के बारे में,जो मैग्नीशियम की कमी से जुड़े हो सकते हैं और साथ ही इससे बचाव के उपाय भी-
मुंह में मैग्नीशियम की कमी के लक्षण
मसूड़ों से खून आना
अगर आपके मसूड़े बार-बार ब्रश करते समय या बिना वजह खून छोड़ते हैं, तो यह सिर्फ मसूड़ों की कमजोरी नहीं बल्कि मैग्नीशियम की कमी का संकेत हो सकता है।
दांतों का कमजोर होना
मैग्नीशियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखता है। इसकी कमी से दांत कमजोर, टूटने वाले और कैविटी की समस्या बढ़ सकती है।
मुंह में बार-बार छाले होना
लगातार माउथ अल्सर (छाले) होना इम्यून सिस्टम की कमजोरी और मिनरल्स की कमी से जुड़ा हो सकता है, खासकर जब शरीर में मैग्नीशियम का स्तर कम हो।
मुंह में सूखापन
मुंह में बार-बार सूखापन महसूस होना भी मैग्नीशियम की कमी का लक्षण है, क्योंकि यह मिनरल मांसपेशियों और नर्व फंक्शन को संतुलित करता है।
दांत पीसना
रात में नींद के दौरान दांत पीसने की आदत कई बार नर्वस सिस्टम पर असर डालने वाली मैग्नीशियम की कमी से जुड़ी होती है।
मुंह से दुर्गंध आना
लार का कम बनना और पाचन एंजाइम्स की गड़बड़ी मैग्नीशियम की कमी के कारण होती है, जिससे मुंह से बदबू आ सकती है।
होठों का फटना और जलन
होठ बार-बार फटना, उन पर जलन होना और कोनों में घाव बन जाना भी मिनरल्स की कमी के साथ-साथ मैग्नीशियम डिफिशियेंसी का संकेत हो सकता है।
बचाव और उपाय
- आहार में मैग्नीशियम युक्त चीजें शामिल करें- जैसे पालक, मेथी, मूंगफली, कद्दू के बीज, तिल, अखरोट, बादाम, ओट्स, डार्क चॉकलेट और दालें।
- डेयरी और अनाज का सेवन बढ़ाएं- दूध, दही, साबुत अनाज और हरी पत्तेदार सब्जियां मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं।
- हाइड्रेटेड रहें- पर्याप्त पानी पीने से शरीर के मिनरल्स का संतुलन बेहतर रहता है।
- सप्लीमेंट्स का सहारा- अगर प्रॉब्लम सीरियस दिखे तो डॉक्टर की सलाह से मैग्नीशियम सप्लीमेंट लें।
- लाइफस्टाइल सुधारें- स्ट्रेस कम करें, पर्याप्त नींद लें और प्रोसेस्ड फूड की जगह नेचुरल डाइट पर ध्यान दें।
- नियमित हेल्थ चेकअप और हेल्दी डाइट से इस कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है।
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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।