मोटापा, बीपी और शुगर का डेडली कॉम्बिनेशन: आपके लिवर के लिए किसी दुश्मन से कम नहीं मेटाबॉलिक सिंड्रोम
मोटापा, हाई बीपी, डायबिटीज और खराब कोलेस्ट्रॉल का गठजोड़ हमारे लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। ...और पढ़ें

मेटाबॉलिक सिंड्रोम कैसे बन रहा है लिवर डिजीज का मुख्य कारण? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के दौर में हमारी बदलती आदतें हमारे शरीर को अंदर ही अंदर गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी समस्या तेजी से उभर रही है जिसे 'मेटाबॉलिक सिंड्रोम' कहा जाता है।
बता दें, यह कोई एक अकेली बीमारी नहीं है, बल्कि बीमारियों का एक ऐसा जाल है जिसका सीधा और बेहद खतरनाक असर हमारे लिवर पर पड़ रहा है। यही वजह है कि पिछले कुछ समय में फैटी लिवर के मरीजों की संख्या में भारी उछाल आया है।
आइए, 19 अप्रैल को मनाए जाने वाले World Liver Day के मौके पर डॉक्टर से जानते हैं कि कैसे हमारी रोजमर्रा की गलतियां लिवर को बीमार कर रही हैं और हम इससे कैसे बच सकते हैं।
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कई बीमारियों का गठजोड़ है मेटाबॉलिक सिंड्रोम
जब किसी व्यक्ति को एक ही समय पर मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और खराब कोलेस्ट्रॉल की समस्या घेर लेती है, तो इसी स्थिति को मेटाबॉलिक सिंड्रोम का नाम दिया गया है। जब ये सारी परेशानियां एक साथ शरीर पर हमला करती हैं, तो शरीर की पूरी कार्यप्रणाली डगमगा जाती है और इसका सबसे पहला शिकार लिवर होता है।
लिवर तक कैसे पहुंचता है नुकसान?
जब शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगती है, तो उसका एक बड़ा हिस्सा सीधे लिवर में जाकर इकट्ठा हो जाता है। चिकित्सा जगत में इस स्थिति को आम भाषा में 'फैटी लिवर' या तकनीकी रूप से MASLD (मेटाबॉलिक एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज) कहते हैं।
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अगर शुरुआत में ही इस पर रोक न लगाई जाए, तो यह चर्बी लिवर में सूजन (NASH), सिरोसिस, फाइब्रोसिस और आगे चलकर लिवर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का रूप ले सकती है।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर, डॉ. शरद मल्होत्रा ने इस खतरे पर जोर दिया है। उनका कहना है कि आजकल लिवर खराब होने का सबसे बड़ा कारण यही मेटाबॉलिक सिंड्रोम है।
डॉ. मल्होत्रा के अनुसार, जब हम शारीरिक मेहनत नहीं करते और गलत चीजें खाते हैं, तो शरीर में 'इंसुलिन रेजिस्टेंस' बढ़ जाता है। इसी कारण लिवर पर फैट की परत चढ़ने लगती है। हालांकि, वह एक बेहद राहत वाली बात भी बताते हैं- अगर आप शुरुआती स्टेज में ही अपनी लाइफस्टाइल सुधार लें, बैलेंस डाइट लें, वजन घटाएं और एक्सरसाइज करें, तो फैटी लिवर की समस्या को जड़ से मिटाया जा सकता है।

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आखिर क्यों बढ़ रहे हैं इसके मामले?
आज के युवाओं में यह बीमारी सबसे तेजी से फैल रही है, जो कि एक बड़ी चिंता का विषय है। इसके पीछे हमारी आज की दिनचर्या जिम्मेदार है, जिसमें शामिल हैं:
- घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना
- जंक फूड खाने की बढ़ती आदत
- नींद पूरी न होना
- शहरी जीवन की आपाधापी
इन शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज
फैटी लिवर और मेटाबॉलिक सिंड्रोम के शुरुआती लक्षण अक्सर छिपे रहते हैं। फिर भी, शरीर कुछ ऐसे संकेत देता है जिन्हें आपको बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
- हर वक्त थकावट महसूस होना
- पेट के दाहिने हिस्से में अजीब सा भारीपन लगना
- लगातार वजन का बढ़ना
- ब्लड रिपोर्ट में अनियमितताएं या गड़बड़ी आना
लिवर को बचाने के अचूक उपाय
एक्सपर्ट का कहना है कि आप अपनी दिनचर्या में कुछ साधारण बदलाव करके अपने लिवर को नई जिंदगी दे सकते हैं:
- फिजिकल एक्टिविटी: रोजाना कम से कम 30 मिनट तक कोई न कोई एक्सरसाइज जरूर करें।
- खानपान में सुधार: अपने भोजन में ताजी और पौष्टिक चीजें शामिल करें।
- परहेज: मीठी चीजों और जंक फूड से पूरी तरह दूरी बना लें।
- वजन पर काबू: अपने वजन को नियंत्रित रखें और मोटापा न बढ़ने दें।
- नियमित जांच: समय-समय पर अपना पूरा हेल्थ चेकअप करवाते रहें।
मेटाबॉलिक सिंड्रोम अब सिर्फ दिल या डायबिटीज का खतरा नहीं रह गया है, बल्कि यह आपके लिवर के लिए एक 'साइलेंट किलर' बन चुका है। समय रहते अपनी आदतों में सुधार करना और एक एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाना ही इस गंभीर खतरे से बचने और अपने लिवर को जीवनभर स्वस्थ रखने का एकमात्र प्रभावी तरीका है।
