कैंसर हो गया गायब! सबसे खतरनाक बीमारी पर वैज्ञानिकों को मिली बड़ी कामयाबी, पढ़ें गुड न्यूज
एक नई स्टडी में पैंक्रियाटिक कैंसर के इलाज में बड़ी सफलता मिली है। स्पेन के वैज्ञानिकों ने चूहों पर दवाओं के एक नए कॉम्बिनेशन का सफल परीक्षण किया, जिस ...और पढ़ें

पैंक्रियाटिक कैंसर का नया इलाज (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
नई स्टडी में पैंक्रियाटिक कैंसर के इलाज में बड़ी सफलता
दवाओं के नए कॉम्बिनेशन से चूहों में ट्यूमर पूरी तरह खत्म
'साइलेंट किलर' कैंसर के लिए नई उम्मीद और संभावनाएं
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जो किसी को भी अपना शिकार बना सकती है। यह बीमारी शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित करता है और उन्हीं के नाम से जाना जाता है। पैंक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) इन्हीं में से एक है, जो इसके गंभीर प्रकारों में से एक माना जाता है।
यह गंभीर इसलिए माना जाता है, क्योंकि इसकी पहचान अक्सर बहुत देर से होती है, जिसकी वजह से बचना काफी मुश्किल हो जाता है। हालांकि, अब इस कैंसर से बचाव से जुड़ी एक राहत की खबर सामने आई है। एक ताजा स्टडी में यह पता चला कि दवाओं के एक नए 'कॉम्बिनेशन' से इस कैंसर को खत्म किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस स्टडी के बारे में विस्तार से-
A team of scientists from the Spanish Cancer Research Centre, led by the renowned Dr Mariano Barbacid, has achieved the complete and permanent disappearance of pancreatic cancer in experimental models.
— Embassy of Spain UK (@EmbSpainUK) January 28, 2026
This discovery could make a difference in the fight against this disease. 👏 pic.twitter.com/gcnn1hPKBk
नई स्टडी से जगी उम्मीद
हाल ही में 'प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज' (PNAS) में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, स्पेन के वैज्ञानिकों ने चूहों पर दवाओं के एक नए 'कॉम्बिनेशन' का सफल परीक्षण किया है। इस एक्पेरिमेंट में यह पाया गया कि बिना किसी गंभीर साइड-इफेक्ट के ट्यूमर पूरी तरह खत्म हो गए।
यह खोज 'पैंक्रियाटिक डक्टल एडेनोकार्सिनोमा' (PDAC) के इलाज की दिशा में एक खुशखबरी साबित हो सकती है। पहले जहां इस कैंसर में जीवित रहने की संभावना (survival rate) अब तक बेहद कम मानी जाती थी। वहीं, अब वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज भविष्य में इंसानों पर होने वाले क्लिनिकल ट्राल्स के लिए रास्ता खोलेगी।
कितना खतरनाक है यह कैंसर?
अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो IARC के मुताबिक पैंक्रियाटिक कैंसर दुनिया का 12वां सबसे आम कैंसर है, लेकिन इसकी डेथ रेट के मामले में यह बहुत ज्यादा है। साल 2022 के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में इस कैंसर के करीब 5 लाख नए मामले सामने आए, जिनमें से लगभग 4 लाख मरीजों की मौत हो गई। यह आंकड़ा बताता है कि यह बीमारी कितनी जानलेवा है।
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क्यों कहलाता है 'साइलेंट किलर'?
पैंक्रियाटिक कैंसर को अक्सर 'साइलेंट किलर' कहा जाता है, क्योंकि यह चुपचाप दबे पांव लोगों को अपना शिकार बनाता है। यही इस कैंसर को लेकर सबसे बड़ी चुनौती है। पैंक्रियाज हमारे पेट की गहराई में छिपा होता है, जिससे शुरुआती दौर में ट्यूमर का पता नहीं चल पाता। साथ ही इसके लक्षण जैसे- गैस, अपच या पेट में हल्की गड़बड़ी काफी सामान्य होते हैं, जिससे इसका आसानी से पता लगा पाना मुश्किल होता है।
पैंक्रियाटिक कैंसर के लक्षण
अगर आपको निम्न लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत सावधान हो जाए-
- बिना किसी कारण के वजन घटना
- पेट में हल्का लेकिन लगातार दर्द रहना
- भूख न लगना या थोड़ा खाने पर ही पेट भरा महसूस होना
- बहुत ज्यादा थकान
- 50 साल की उम्र के बाद अचानक डायबिटीज होना
- मल त्याग (Bowel movement) में बदलाव
किन लोगों को रहता है ज्यादा खतरा
- धूम्रपान और बहुत ज्यादा शराब पीने वाले
- जरूरत से ज्यादा वजन
- क्रोनिक पैन्क्रियाटाइटिस के मरीज
- पैंक्रियाटिक कैंसर की फैमिली हिस्ट्री
- 60 साल से ज्यादा साल के बुजुर्ग