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    क्या हार्ट अटैक के खतरे को कम करेगा सिर्फ एक इंजेक्शन? जानिए बैड कोलेस्ट्रॉल पर यह कैसे करता है काम

    Updated: Sat, 30 May 2026 10:58 AM (GMT+05:30)

    वैज्ञानिकों ने एक नई जीन-एडिटिंग दवा विकसित की है जो सिर्फ एक इंजेक्शन से खराब कोलेस्ट्रॉल  को स्थायी रूप से कम कर सकती है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा ट ...और पढ़ें

    हार्ट अटैक से बचाने वाली जीन थेरेपी अब नहीं होगी महंगी (Image Source: AI-Generated)

    हार्ट अटैक से बचाने वाली जीन थेरेपी अब नहीं होगी महंगी (Image Source: AI-Generated) 

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी सोचा है कि सिर्फ एक दवा या इंजेक्शन से हार्ट अटैक का खतरा हमेशा के लिए टल सकता है? वैज्ञानिकों ने एक ऐसा ही चमत्कार कर दिखाया है।

    उन्होंने डीएनए में बदलाव करने वाली एक नई दवा तैयार की है, जिसका सिर्फ एक इंजेक्शन शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बेहद लंबे समय के लिए कम कर सकता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह नई रिसर्च क्या कहती है और यह हमारे लिए कितनी बड़ी खबर है।

    heart attack risk

    (Image Source: AI-Generated) 

    क्या कहती है यह नई रिसर्च?

    'द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन' में छपी एक हालिया रिसर्च के मुताबिक, अगर आगे के बड़े अध्ययनों में भी इस दवा के नतीजे ऐसे ही शानदार रहे, तो यह जीन थेरेपी दिल की बीमारियों से बचने का एक पक्का और स्थायी इलाज बन सकती है।

    इस महत्वपूर्ण अध्ययन का नेतृत्व वर्व थेरप्यूटिक्स के सीईओ डॉ. शेखर कथिरेशन ने किया है। ड्यूक यूनिवर्सिटी के जाने-माने हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. जॉन एच. पी. अलेक्जेंडर का मानना है कि कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों का यह स्थायी इलाज मेडिकल दुनिया में एक बड़ा 'गेम चेंजर' साबित हो सकता है।

    रिसर्च के चौंकाने वाले नतीजे

    वैज्ञानिकों ने इस दवा का ट्रायल 85 ऐसे मरीजों पर किया जो या तो दिल की बीमारी से जूझ रहे थे या फिर जेनेटिक रूप से खराब कोलेस्ट्रॉल के शिकार थे।

    • फिलहाल इनमें से 35 मरीजों के डेटा की जांच की गई है।
    • जिन मरीजों को दवा की सबसे ज्यादा यानी हेवी डोज दी गई, उनके शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर एक ही खुराक में 62% तक कम हो गया।

    सबसे राहत की बात यह है कि जिन मरीजों को 18 महीने पहले यह थेरेपी दी गई थी, उनमें आज भी कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम बना हुआ है।

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    शरीर में कैसे काम करती है यह जीन-एडिटिंग 'मशीन'?

    • यह पूरी प्रक्रिया किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसी लगती है।
    • इस इलाज में मरीज के शरीर में एक जीन-एडिटिंग 'मशीन' दवा के रूप में डाली जाती है।
    • यह मशीन फैट की परत में लिपटे छोटे कणों के जरिए खून के रास्ते सीधे लिवर तक पहुंचती है।
    • लिवर की कोशिकाओं में पहुंचकर यह उनके डीएनए में मौजूद 'पीसीके' (PCK) नाम के खास जीन को ढूंढ निकालती है।
    • इसके बाद यह उस डीएनए में जरूरी बदलाव कर देती है, जिससे खराब कोलेस्ट्रॉल का बनना रुक जाता है।

    क्या यह इलाज बहुत महंगा होगा?

    अक्सर जीन थेरेपी या दुर्लभ बीमारियों के इलाज की कीमत इतनी ज्यादा होती है कि वह आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाती है, लेकिन इस दवा के मुख्य वैज्ञानिक ने एक बड़ी खुशखबरी दी है। उनका कहना है कि मंजूरी मिलने के बाद कंपनी का मकसद इसे बहुत महंगा बनाना बिल्कुल नहीं है। भविष्य में इसे प्राथमिक उपचार और सामान्य इलाज का हिस्सा बनाने की कोशिश की जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें।

    भारत के लिए क्यों है यह दवा एक बड़ी उम्मीद?

    'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज' की रिपोर्ट के आंकड़े डराने वाले हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले भारत में हर साल 28 लाख से ज्यादा लोगों की मौत सिर्फ दिल की बीमारियों की वजह से होती है। ऐसे में अगर यह जीन-एडिटिंग दवा पूरी तरह से सफल और आम जनता के लिए उपलब्ध हो जाती है, तो हमारे देश में लाखों अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकेंगी।

    Source:

    New England Journal of Medicine

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