वर्क फ्रॉम होम करने वाले हो रहे हैं अकेलेपन और डिप्रेशन के शिकार, नई रिसर्च ने दी सख्त चेतावनी
वर्क फ्रॉम होम से लाइफ आसान हुई है तो कुछ अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ के बीच फर्क ही भूल गए हैं। ...और पढ़ें

वर्क फ्रॉम होम से बढ़ रहा है अकेलापन (Image Source: AI Generated)
HighLights
वर्क फ्रॉम होम से बढ़ रहा अकेलापन और डिप्रेशन
जर्नल साइंस की स्टडी ने मानसिक स्वास्थ्य पर असर बताया
5 लाख अमेरिकियों पर हुई रिसर्च में यह खुलासा
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कोविड महामारी के बाद ही से वर्क फ्रॉम होम और रिमोट वर्क को ज्यादा तवज्जो दी जाने लगी है। इससे कई लोगों की लाइफ आसान भी हुई है तो कुछ अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ के बीच फर्क करना ही भूल गए हैं। वहीं, महामारी के अलावा ज्यादा गर्मी या ठंड के साथ ही बढ़ता प्रदूषण भी वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड मोड को बढ़ावा दे रहा है। लेकिन हाल ही की एक स्टडी इस वर्क कल्चर को कुछ खास अच्छा रिस्पांस देती नजर नहीं आ रही है। दरअसल, यह रिसर्च दावा कर रही है कि इससे लोगों में अकेलापन बढ़ रहा है।
वर्क फ्रॉम होम के कल्चर से बढ़ रहा है अकेलापन
जर्नल साइंस में पब्लिश एक नई स्टडी वर्क फ्रॉम होम को मेंटल हेल्थ के लिए बड़ा खतरा बता रही है। दरअसल, इस स्टडी में दावा किया गया है कि लगातार वर्क फ्रॉम होम करते रहने से सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यह प्रभाव मेंटल हेल्थ को बिगाड़ता है और अकेलेपन को बढ़ाता है।
5 लाख लोगों पर हुई स्टडी
जर्नल साइंस की यह रिसर्च 2011-2024 तक के सर्वे में शामिल करीब 5 लाख अमेरिकन पर की गई, जिसमें कोविड के समय यानी 2020-2021 को शामिल नहीं किया गया। इस सर्वे में दोनों तरह की जॉब थीं, एक वो नौकरियां जिन्हें कहीं से भी किया जा सकता है और बाकी वो जॉब जो ऑफिस जाए बगैर संभव नहीं।
इस स्टडी में यह पाया गया कि वर्क फ्रॉम होम का कोई फायदा नहीं मिलता। उल्टा इस रिसर्च में पाया गया कि लोग अपने वर्क डे में अकेले बैठे रहते हैं जिससे अकेलापन बढ़ता है। उनमें मेंटल हेल्थ ट्रीट्मन्ट लेने के केस भी ज्यादा देखे गए।
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इतना ही नहीं, यह स्टडी दावा करती है कि जिन लोगों ने घर से काम किया, उनमें 58% लोगों ने घंटों अकेले बिताए जबकि 72% लोगों ने बिना किसी व्यक्ति के संपर्क में आए पूरा दिन काम किया। रिसर्च में यह भी बताया गया है कि घर से काम वाले लोग किसी से मिलना-जुलना यानी सामाजिक भी पसंद नहीं कर रहे। अकेलेपन के शिकार वो लोग ज्यादा देखे गए जो अकेले रहते हैं।
वर्क फ्रॉम होम के नुकसान का अंदाजा नहीं
स्टडी में पाया गया कि लोग वर्क फ्रॉम होम को ज्यादा पसंद कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें इससे होने वाले नुकसान के बारे में जागरूकता बहुत कम है। इस तरह यह रिसर्च घर से काम रहे लोगों की बिगड़ती मानसिक स्थिति की तरफ इशारा कर रही है।