Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    अस्पताल जाने की नौबत ही क्यों आने देना? बीमारियों को कोसों दूर रखेंगे डॉक्टर्स के बताए गोल्डन रूल्स

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 01:03 PM (IST)

    भारत में अक्सर देखा जाता है कि लोग अस्पताल का रुख तभी करते हैं, जब तकलीफ बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, लेकिन क्या यह सही तरीका है? ...और पढ़ें

    इलाज के भारी-भरकम खर्च से बचना है? आज ही से अपनाएं डॉक्टरों की बताई ये छोटी-छोटी आदतें (Image Source: AI-Generated)

    इलाज के भारी-भरकम खर्च से बचना है? आज ही से अपनाएं डॉक्टरों की बताई ये छोटी-छोटी आदतें (Image Source: AI-Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। 'नेशनल डॉक्टर्स डे' के मौके पर नई दिल्ली में आयोजित इलनेस टू वेलनेस फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में देश के जाने-माने डॉक्टरों ने इस बात पर जोर दिया कि अगर हम अपनी दिनचर्या में कुछ बुनियादी बदलाव कर लें, तो कई गंभीर बीमारियों को आसानी से टाला जा सकता है। आइए, जानते हैं कि लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए डॉक्टर्स लोगों को क्या सलाह देते हैं।

    doctor recommended health tips

    (Image Source: AI-Generated)

    इलाज से कहीं बेहतर है बचाव

    पीएसआरआई इंस्टीट्यूट और एम्स, नई दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर डॉ. जी. सी. खिलनानी का मानना है कि बचाव हमेशा इलाज से ज्यादा असरदार होता है। अगर लोग प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बना लें, तो कई बीमारियों को बढ़ने से रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर हेल्थ चेकअप, बैलेंस डाइट, फिजिकल एक्टिविटी, जरूरी वैक्सीनेशन, साफ-सफाई और सही वक्त पर डॉक्टर की सलाह जैसी छोटी-छोटी आदतें बीमारियों के बोझ को काफी हद तक कम कर सकती हैं।

    बचपन की अच्छी आदतें, बुढ़ापे में देंगी साथ

    अपोलो हॉस्पिटल्स के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन और पद्मश्री डॉ. यश गुलाटी ने हड्डियों और जोड़ों की सेहत को स्वस्थ जीवन का सबसे बड़ा आधार बताते हैं। उनका कहना है कि बढ़ती उम्र में बिना किसी सहारे के चलना-फिरना बहुत जरूरी है। अगर कोई बच्चा कम उम्र से ही योग और फिजिकल एक्टिविटीज शुरू कर देता है, तो भविष्य में हड्डियों से जुड़ी कई समस्याओं को टाला जा सकता है। डॉ. गुलाटी जोर देते हैं कि हेल्थ चेकअप को केवल एक औपचारिकता समझने के बजाय, बल्कि इसे स्वस्थ जीवन जीने के एक आजीवन नियम की तरह अपनाना चाहिए।

    बीमारियों की सबसे बड़ी जड़ है मोटापा

    आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक, प्रोफेसर डॉ. निर्मल कुमार गांगुली ने बताया कि आज भारत के सामने मोटापा एक बहुत बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। यह कई गैर-संचारी बीमारियों का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि नियमित कसरत, योग, ध्यान, पर्याप्त आराम और फल, सब्जियों व फाइबर से भरपूर आहार लेकर हम अपनी सेहत को बेहतर कर सकते हैं। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि बहुत कम भारतीय बीमार होने से पहले बचाव के तरीके अपनाते हैं। समय रहते स्वास्थ्य पर ध्यान देने से न केवल बीमारियां दूर रहती हैं, बल्कि तेजी से बढ़ती उम्र के असर को भी धीमा किया जा सकता है।

    खबरें और भी

    सिर्फ दवाइयों से नहीं बनेगा स्वस्थ समाज

    हेल्थ सेक्टर में डॉक्टर्स की बदलती भूमिका पर बात करते हुए 'इलनेस टू वेलनेस फाउंडेशन' की एडवाइजरी काउंसिल के चेयरपर्सन अनिल राजपूत कहते हैं कि आज डॉक्टर सिर्फ बीमारियों का इलाज नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे शिक्षक और मार्गदर्शक की तरह लोगों को स्वस्थ रहने के लिए जागरूक भी कर रहे हैं। उनका मानना है कि एक स्वस्थ समाज का निर्माण केवल अस्पतालों और दवाओं के भरोसे नहीं हो सकता। इसके लिए लोगों में जागरूकता, बेहतर जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी का होना बेहद जरूरी है।

    यह भी पढ़ें- शिकायतें तुरंत, मगर तारीफ में देरी! क्यों हम भूल जाते हैं कि भगवान कहलाने वाले डॉक्टर भी एक इंसान हैं?

    यह भी पढ़ें- दूसरों का इलाज करने वाले डॉक्टर्स खुद कैसे रहते हैं हेल्दी? स्ट्रेसफुल लाइफ में इन आदतों से रहते हैं फिट