बढ़ता वजन कर रहा है आपके दिल को समय से पहले बूढ़ा, 'कार्डियक एज' को लेकर AIIMS डॉक्टर की चेतावनी
भारत में मोटापा एक बड़ी चिंता बन गया है, जो दिल को समय से पहले 'बूढ़ा' कर रहा है।

सावधान! वजन ही नहीं, आपके दिल की उम्र भी बढ़ा रहा है मोटापा; जानें क्या है 'कार्डियक एज' (Image Source: AI-Generated)
HighLights
भारत में मोटापा दिल को समय से पहले बूढ़ा कर रहा है
NFHS-6 के अनुसार, 30.7% महिलाएं और 27.3% पुरुष मोटापे से ग्रस्त
एम्स डॉक्टर ने 'कार्डियक एज' बढ़ने के खतरे पर प्रकाश डाला
प्रेट्र, नई दिल्ली। मोटापा कई गंभीर बीमारियों की जड़ है, यह तो हम सभी काफी समय से सुनते आ रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका एक नया और खतरनाक पहलू सामने आया है? भारत में तेजी से बढ़ता मोटापा अब एक बड़ी सार्वजनिक चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि यह आपके दिल को समय से पहले ही 'बूढ़ा' कर रहा है।
डराने वाले हैं नए आंकड़े
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) के ताजा आंकड़े भारत के लिए एक बड़ी चेतावनी लेकर आए हैं। साल 2023-24 की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 से 49 वर्ष की उम्र वाली 30.7% महिलाएं मोटापे या अधिक वजन का शिकार पाई गई हैं। वहीं, पुरुषों में भी यह आंकड़ा 27.3% दर्ज किया गया है। यह बढ़ता हुआ वजन सीधे तौर पर हमारी सेहत पर भारी पड़ रहा है।

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क्या है 'कार्डियक एज'?
डॉक्टर्स ने चेतावनी दी है कि आज कई लोगों की 'कार्डियक एज' यानी उनके दिल की उम्र, उनकी असली उम्र से कहीं ज्यादा हो चुकी है। इसका सीधा परिणाम यह है कि कम उम्र में ही हृदय रोग का खतरा उम्मीद से बहुत पहले बढ़ जाता है। यह स्थिति भविष्य में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों के बोझ को और भी ज्यादा बढ़ा सकती है।
एम्स दिल्ली में कार्डियोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. नीतीश नाइक बताते हैं कि किसी व्यक्ति की असली उम्र और उसके दिल की उम्र एक समान हो, यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है।
असल में, कार्डियक एज आपके हृदय और रक्त वाहिकाओं की जैविक सेहत को मापने का एक तरीका है। यह इस बात का आकलन है कि अलग-अलग जोखिम कारकों के कारण आपका दिल कितना स्वस्थ या बीमार है। यह आपके जीवन के वर्षों को नहीं, बल्कि आपके शरीर के अंदर अंगों की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है।
35 का शरीर, लेकिन दिल बुजुर्गों जैसा
डॉ. नाइक इस खतरे को समझाते हुए एक चौंकाने वाला उदाहरण देते हैं। अगर कोई 35 साल का युवा मोटापे, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहा है और उसकी जीवनशैली पूरी तरह से निष्क्रिय है, तो उसके दिल की स्थिति एक बुजुर्ग व्यक्ति के दिल के समान हो सकती है।
क्या कहता है WHO?
दुनिया भर में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण गैर-संक्रामक बीमारियां हैं, जिनमें मुख्य रूप से हृदय रोग और स्ट्रोक शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अधिक वजन और मोटापा इन जानलेवा बीमारियों को बुलावा देने वाले सबसे प्रमुख जोखिम कारकों में से एक बने हुए हैं।
यानी बढ़ता वजन सिर्फ आपके शरीर का आकार नहीं बदल रहा, बल्कि यह आपके दिल की उम्र को भी तेजी से बढ़ा रहा है।
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