कमर और पेट की जिद्दी चर्बी होगी कम! बस रोज सुबह इस आसान तरीके से करें 'तिर्यक ताड़ासन'
तिर्यक ताड़ासन शरीर और मन को संतुलित रखने वाला एक असरदार योगासन है। यह कमर और पेट की चर्बी कम करने, पीठ दर्द से राहत और पाचन सुधारने में सहायक है। ...और पढ़ें

एक योगासन से मिलेंगे ढेरों फायदे (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी लाइफ में शरीर और मन दोनों पर तनाव का असर साफ दिखने लगा है। गलत लाइफस्टाइल, लंबे समय तक बैठकर काम करना, फिजिकल एक्टिविटीज की कमी और मेंटल प्रेशर से कई तरह की समस्याएं पैदा हो जाती हैं।
ऐसे में योग एक ऐसा नेचुरल ट्रीटमेंट है, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के शरीर और मन दोनों को संतुलन में रखता है। योगासनों में तिर्यक ताड़ासन एक आसान, लेकिन असरदार आसन है, जो पूरे शरीर को फायदा पहुंचाता है और मन को शांत रखने में मदद करता है। आइए जानते हैं इस आसन के बारे में विस्तार से।
क्या है तिर्यक ताड़ासन?
तिर्यक ताड़ासन, ताड़ासन का ही एक रूप है, जिसमें शरीर को एक ओर झुकाकर खिंचाव दिया जाता है। “तिर्यक” का मतलब है तिरछा या साइड में झुकना। यह आसन रीढ़ की हड्डी, मांसपेशियों और नसों को एक्टिव करता है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है।
तिर्यक ताड़ासन करने का तरीका
- सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं, पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें।अब दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाकर आपस में जोड़ लें।
- गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए शरीर को धीरे-धीरे दाईं ओर झुकाएं और कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहें और नॉर्मल तरीके से सांस लेते रहें।
- सांस लेते हुए वापस सीधी स्थिति में आएं।
- अब यही प्रक्रिया बाईं ओर दोहराएं।इस आसन को 5-10 बार दोहराया जा सकता है।
इस आसन के फायदे
- रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पीठ दर्द से राहत दिलाता है।
- कमर, कूल्हों और पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे फैट कम करने में मदद मिलती है।
- पाचन तंत्र सक्रिय होता है, जिससे कब्ज और गैस की समस्या में सुधार होता है।
- यह आसन शरीर की पोश्चर को सुधारता है और लंबे समय तक बैठने से होने वाली अकड़न को दूर करता है।
- दिमाग में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है, जिससे फोकस बढ़ता है।
- गहरी सांसों के साथ अभ्यास करने से मन शांत रहता है और नकारात्मक विचार कम होते हैं।
- कुछ लोगों के लिए खास लाभकारी
- जो लोग ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं
- कमर या पीठ दर्द से परेशान लोग
- वजन घटाने की कोशिश कर रहे व्यक्ति
- मानसिक तनाव और थकान महसूस करने वाले लोग।