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    11 आदतें आपके दिमाग को कर रही हैं समय से पहले बूढ़ा, न्यूरोलॉजिस्ट दे रहे चेतावनी

    Updated: Mon, 16 Mar 2026 12:29 PM (GMT+05:30)

    अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने 11 ऐसी आदतों के बारे में बताया है जो दिमाग को समय से पहले बूढ़ा कर सकती हैं। ...और पढ़ें

    डॉक्टर ने बताईं वो 11 आदतें जो चुपचाप कर रही हैं ब्रेन को डैमेज (Image Source: AI-Generated)

    डॉक्टर ने बताईं वो 11 आदतें जो चुपचाप कर रही हैं ब्रेन को डैमेज (Image Source: AI-Generated) 

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर लोग सोचते हैं कि दिमाग का सिकुड़ना या याददाश्त का कमजोर होना सिर्फ बुढ़ापे की निशानी है, लेकिन असल में हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतें ही हमारे दिमाग को समय से पहले ही बूढ़ा कर देती हैं।

    आइए, अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार से जानते हैं उन 11 वजहों के बारे में जो आपके दिमाग को नुकसान पहुंचा रही हैं और साथ ही यह भी कि आप इस खतरे को कैसे कम कर सकते हैं।

    Brain Aging

    (Image Source: AI-Generated) 

    सोचने-समझने की शक्ति कम कर रहीं 11 आदतें

    • नींद की कमी: जब हम गहरी नींद में होते हैं, तो हमारा दिमाग अपने अंदर जमा कचरे की 'सफाई' करता है। खराब नींद से दिमाग का आकार तेजी से घटने लगता है और याददाश्त कमजोर होती है।
    • लगातार तनाव: लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। यह दिमाग के उस हिस्से को नुकसान पहुंचाता है जो हमारी याददाश्त के लिए सबसे जरूरी है।
    • मोटापा: शोध बताते हैं कि मोटापे के कारण दिमाग का वॉल्यूम कम हो सकता है और यह तेजी से बूढ़ा होने लगता है, खासकर दिमाग का अगला हिस्सा।
    • डायबिटीज: अगर डायबिटीज कंट्रोल में न रहे, तो यह ब्रेन की ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाती है। इससे दिमाग के सिकुड़ने, स्ट्रोक और डिमेंशिया का खतरा काफी बढ़ जाता है।
    • फिजिकल इनएक्टिविटी: दिनभर बैठे रहने और एक्टिव न रहने से दिमाग में खून का बहाव कम हो जाता है। इसके विपरीत, नियमित व्यायाम करने से दिमाग के हिप्पोकैम्पस का आकार बढ़ता है।

    Brain Shrinkage Habits

    (Image Source: AI-Generated) 

    • सुनने की क्षमता में कमी: अगर आपको कम सुनाई देता है और आप इसका इलाज नहीं कराते हैं, तो यह डिमेंशिया का एक बड़ा कारण बन सकता है। आवाजें कम सुनाई देने से दिमाग के उन हिस्सों पर बुरा असर पड़ता है जो सुनने और समझने का काम करते हैं।
    • कमजोर नजर: आंखों की रोशनी कमजोर होने से इंसान बाहरी दुनिया से कटने लगता है। इस कारण दिमाग को कम उत्तेजना मिलती है, जिससे सोचने-समझने की क्षमता में गिरावट आ सकती है।
    • अकेलापन: लंबे समय तक अकेले रहने या समाज से कटे रहने से डिमेंशिया का खतरा बढ़ता है और दिमाग की बनावट में नकारात्मक बदलाव आते हैं।
    • विटामिन की कमी: शरीर में विटामिन B12 की कमी हमारी नसों को नुकसान पहुंचा सकती है। अगर इस पर ध्यान न दिया जाए, तो दिमाग सिकुड़ सकता है और सोचने की क्षमता कमजोर हो सकती है।
    • शराब का सेवन: ज्यादा शराब पीने से दिमाग के आकार में भारी कमी आ सकती है, खासकर फ्रंटल लोब्स और सेरिबैलम वाले हिस्सों में।
    • धूम्रपान: सिगरेट पीने से नसों को नुकसान पहुंचता है, जिससे दिमाग तेजी से बूढ़ा होने लगता है।

    अपने दिमाग को सिकुड़ने से कैसे बचाएं?

    डॉक्टर के अनुसार, अपने लाइफस्टाइल में कुछ आसान बदलाव करके आप अपने दिमाग को स्वस्थ रख सकते हैं:

    • अच्छी नींद लें: अपने दिमाग को खुद की मरम्मत करने का पूरा समय दें।
    • रेगुलर एक्सरसाइज करें: फिजिकली एक्टिव रहें।
    • हेल्दी डाइट लें: पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
    • सामाजिक जुड़ाव रखें: लोगों से मिलें-जुलें और अकेलापन दूर करें।
    • तनाव को कंट्रोल करें: खुद को मानसिक रूप से शांत रखें।
    • सेहत पर नजर रखें: अपना ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल हमेशा कंट्रोल में रखें।

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