हमेशा रहती है थकान और काम में नहीं लगता मन? वैज्ञानिकों ने खोज निकाली इसकी चौंकाने वाली वजह
इस स्टडी के जरिए आप जानेंगे कि शरीर में एनर्जी बनाए रखने के लिए सही पोषण और विटामिन्स का संतुलन होना कितना जरूरी है। ...और पढ़ें

कहीं आपकी थकान का कारण विटामिन-बी12 की कमी तो नहीं? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
प्रेट्र, नई दिल्ली। क्या आप भी भरपूर आराम करने के बावजूद खुद को थका हुआ महसूस करते हैं? या फिर आपको किसी भी काम को करने की प्रेरणा नहीं मिल पाती है? अगर ऐसा है, तो हाल ही में हुए एक नए शोध ने इसकी असली वजह का खुलासा किया है। आइए जानते हैं कि इस दिलचस्प अध्ययन में क्या अहम बातें सामने आई हैं।

(Image Source: AI-Generated)
विटामिन की कमी से बढ़ता है थकान का स्तर
रिसर्च के मुताबिक, शरीर में विटामिन बी12 और फोलेट (विटामिन बी9) की कमी होने पर रक्त में 'होमोसिस्टीन' नामक तत्व का स्तर काफी बढ़ जाता है। अध्ययन में पाया गया कि यह बढ़ा हुआ स्तर सीधे तौर पर हमारी ऊर्जा को प्रभावित करता है। दिलचस्प बात यह है कि इसका प्रभाव पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग होता है। जहां इस कमी के कारण पुरुषों में अधिक शारीरिक थकान देखी गई है, वहीं महिलाओं में किसी भी काम को करने के लिए प्रेरणा की भारी कमी पाई गई है।
जापानी शोधकर्ताओं का क्या कहना है?
यह महत्वपूर्ण अध्ययन जापान की ओसाका मेट्रोपालिटन यूनिवर्सिटी में किया गया है। अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता हिरोआकी कानोउची ने इस शोध के बारे में एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया, "स्वस्थ व्यक्तियों में विटामिन बी12, फोलेट और थकान के बीच सीधा कनेक्शन बताने वाली यह अपनी तरह की संभवतः पहली रिपोर्ट है।"
उनका कहना है कि अब तक खून में होमोसिस्टीन के बढ़े हुए स्तर को मुख्य रूप से केवल हृदय रोग, डिमेंशिया और हड्डियों के फ्रैक्चर के खतरे से जोड़कर देखा जाता था। लेकिन इन नए निष्कर्षों के बाद, अब हमें भविष्य में थकान और काम में मन न लगने जैसी समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान देना होगा।
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जब आराम करने से भी न दूर हो थकान
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी थकान जो पूरा आराम करने के बाद भी दूर नहीं होती है, वह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी और जीवन की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। कई बार लोगों को बिना किसी स्पष्ट कारण के लंबे समय तक लगातार थकान बनी रहती है। इसके गंभीर परिणाम होते हैं- जैसे कार्यस्थल पर काम करने की क्षमता या उत्पादकता का कम होना और स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भरता का बढ़ जाना।
असंतुलित आहार है असली वजह
मशहूर पत्रिका 'न्यूट्रिएंट्स' में प्रकाशित इस रिसर्च का मुख्य फोकस लोगों के पोषण की स्थिति और असंतुलित आहार पर था। शोधकर्ताओं ने पाया कि असंतुलित आहार लेने से शरीर में पानी में घुलनशील इन विटामिन्स की कमी हो जाती है।
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन की शुरुआत इसी परिकल्पना के साथ की थी कि फोलेट और विटामिन बी12 की कमी का सीधा संबंध थकान से हो सकता है। इसे साबित करने के लिए उन्होंने अपना पूरा ध्यान 'होमोसिस्टीन' पर केंद्रित किया। होमोसिस्टीन असल में शरीर में मौजूद एक ऐसा बायोमार्कर है, जिसका स्तर इन खास विटामिन्स की कमी होने पर तेजी से बढ़ने लगता है।