जानलेवा कीटाणुओं से बचाव का पहला तरीका है हैंडवॉश, जानें दिनभर में कब-कब हाथ धोना है जरूरी?
खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस से बचाव में सही समय और सही तरीके से हाथ धोना सुरक्षा कवच की तरह काम कर सकता है। ...और पढ़ें

क्यों जरूरी है हाथ धोना? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में इबोला आउटब्रेक को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेनशन ने ग्लोबल इमरजेंसी घोषित कर दिया है। इससे कुछ दिन पहले ही पहले हंतावायरस आउटब्रेक के मामले भी सुनने को मिले। इन आउटब्रेक्स ने दुनिया को सिखा दिया है कि अनदेखे वायरस और बैक्टीरिया हमारे स्वास्थ्य के लिए कितने बड़े दुश्मन साबित हो सकते हैं।
जब भी कोई संक्रामक बीमारी फैलती है, तो डॉक्टर्स सबसे पहले पर्सनल हैंड हाइजीन पर जोर देते हैं। हाथ धोना एक बेहद साधारण और बुनियादी आदत लग सकती है, लेकिन यह जानलेवा बीमारियों के खिलाफ हमारा सबसे पहला और सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है। आइए जानते हैं कि बीमारियों से बचने के लिए हैंड वॉश करना क्यों इतना जरूरी है और हमें कब-कब अपने हाथ जरूर धोने चाहिए।
हैंड वॉश क्यों जरूरी है?
हम दिनभर में अपने हाथों से न जाने कितनी सतहों, जैसे मोबाइल, दरवाजे के हैंडल, नोट, या मेट्रो की सीटें छूते हैं। इन जगहों पर खतरनाक वायरस और बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं, जो हमारे हाथों पर चिपक जाते हैं।
जब हम बिना हाथ धोए अपने चेहरे, आंख, नाक या मुंह को छूते हैं, तो ये कीटाणु हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और हमें बीमार बनाते हैं। इससे एक व्यक्ति से बीमारी दूसरे व्यक्ति में पहुंचती है और संक्रामक बीमारियां तेजी के फैलने लगती हैं।
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साबुन और पानी से हाथ धोने पर वायरस और बैक्टीरिया हमारे शरीर में प्रवेश नहीं कर पाते और बीमारियां कम फैलती हैं। डायरिया, निमोनिया, फ्लू जैसी बीमारियों को फैलने से रोकने में नियमित हैंडवॉश काफी कारगर साबित हो सकता है।
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(Picture Courtesy: Freepik)
कब-कब हैंडवॉश करना है बेहद जरूरी?
बीमारियों से सुरक्षित रहने के लिए केवल हाथ धोना ही काफी नहीं है, बल्कि सही समय पर हाथ धोना जरूरी है।
- खाना खाने और बनाने से पहले- खाना बनाने और खाने से पहले हाथ को साबुन से अच्छी तरह धोना जरूरी है, ताकि खाने के जरिए कीटाणु पेट में न जाएं। कच्चा मांस, पोल्ट्री या मछली छूने के बाद भी हाथ धोएं। इनमें साल्मोनेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो हाथों के जरिए शरीर में जा सकते हैं।
- टॉयलेट जाने के बाद- टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद साबुन से हाथ धोना सबसे बुनियादी और जरूरी नियम है। खांसने, छींकने या नाक साफ करने के बाद भी हाथ धोना चाहिए, ताकि आपके जरिए संक्रमण दूसरों तक न फैले।
- जानवरों के संपर्क में आने पर- ऑफिस, बाजार या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आने के बाद सबसे पहले हाथ धोएं। वहीं पालतू या जंगली जानवरों को छूने के बाद भी हाथ धोना जरूरी है। हंतावायरस जैसी बीमारियां संक्रमित चूहों और अन्य जीवों के मल-मूत्र या लार के संपर्क में आने से फैलती हैं। इसलिए जानवरों या उनके पिंजरे को छूने के बाद हैंडवॉश करना जरूरी है। साथ ही, डस्टबिन या घर का कूड़ा फेंकने के बाद हाथों को अच्छी तरह साफ करें।
मेडिकल और केयरगिविंग के दौरान
किसी बीमार व्यक्ति से मिलने से पहले और बाद में हाथ अच्छी तरह धोएं, ताकि आप न तो उन्हें संक्रमित करें और न ही उनका इन्फेक्शन घर लाएं। ऐसे ही घाव या चोट की ड्रेसिंग करने से पहले और बाद में भी साबुन से हाथ धोना जरूरी है।
हाथ धोने का सही तरीका क्या है?
- सिर्फ पानी से हाथ खंगाल लेना हैंडवॉश नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सही तरीके से हाथ धोने में कम से कम 20 सेकंड का समय लगना चाहिए।
- हाथों को साफ पानी से गीला करें और साबुन लगाएं।
- हथेलियों को आपस में रगड़ें, फिर उंगलियों के बीच की जगह, नाखूनों के अंदर और हाथों के पीछे के हिस्से को अच्छी तरह साफ करें। कलाइयों तक हाथों को रगड़ें।
- साफ पानी से धोकर हाथों को किसी साफ तौलिए या एयर ड्रायर से सुखाएं। पानी न होने पर कम से कम 60-70% अल्कोहल वाले सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।