लगातार बैठे रहना और कम नींद...कैसे डिजिटल लाइफस्टाइल युवाओं को बना रही है हाई बीपी का मरीज?
युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिसका मुख्य कारण डिजिटल लाइफस्टाइल है। स्क्रीन टाइम, तनाव, नींद की कमी और गलत खान-पान जैसी आद ...और पढ़ें

युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर: डिजिटल जीवनशैली के कारण और समाधान (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
डिजिटल लाइफस्टाइल युवाओं में हाई बीपी का मुख्य कारण
स्क्रीन टाइम, तनाव, नींद की कमी बढ़ा रहे जोखिम
नियमित व्यायाम, अच्छी नींद से करें हाई बीपी का बचाव
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या अब सिर्फ बुजुर्गों तक ही सीमित बीमारी नहीं रह गई है। आजकल 30 और 40 साल के युवा भी हाई बीपी की समस्या का शिकार हो रहे हैं, जिसका मुख्य कारण आज की डिजिटल होती लाइफस्टाइल है।
स्क्रीन का बहुत ज्यादा इस्तेमाल, लंबे समय तक बैठे रहना, काम का लगातार तनाव, अनियमित खान-पान और नींद की कमी इसके प्रमुख कारण बन रहे हैं। ऐसे में डॉ. वैभव मिश्रा (सीनियर डायरेक्टर, सीटीवीएस, कार्डियक साइंसेज, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज) से जानते हैं डिजिटल दौर में युवाओं के बढ़ते हाई ब्लड प्रेशर के बारे में-
क्यों बढ़ रहा बीपी?
आजकल कई लोग लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन के सामने 10-12 घंटे बिताते हैं। इससे फिजिकल एक्टिविटी कम होती है, जो वजन बढ़ने और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है और ये सभी कारक सीधे ब्लड प्रेशर को बढ़ाते हैं। इसके अलावा एक और प्रमुख कारक लगातार होने वाला मेंटल स्ट्रेस है।
वर्क प्रेशर, डेडलाइन, फाइनेंस से जुड़ी चिंताएं और ऑफिस के बाद भी आराम न कर पाना शरीर को लगातार तनाव की स्थिति में रखता है। इससे एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे समय के साथ हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर में लगातार बढ़ोतरी होती है।
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नींद की कमी भी जिम्मेदार
नींद की कमी भी उतनी ही खतरनाक है, लेकिन अक्सर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। नींद की खराब गुणवत्ता, देर रात तक इंटरनेट ब्राउज करना, बहुत ज्यादा वेब सीरीज देखना और स्लीप साइकिल में गड़बड़ी शरीर की नेचुरल रिकवरी प्रोसेस में बाधा डालती है।
अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग नियमित रूप से 6 घंटे से कम सोते हैं, उनमें हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है।
रोजमर्रा की आदतें
इन सबके अलावा लाइफस्टाइल से जुड़ी खान-पान की आदतें इस समस्या को और भी बदतर बना रही हैं। प्रोसेस्ड फूड्स ज्यादा खाना, नमक की ज्यादा मात्रा, ज्यादा कैफीन पीना, धूम्रपान, शराब और व्यायाम की कमी, कम उम्र में ही हाई ब्लड प्रेशर को बढ़ावा देते हैं।
क्यों चिंता का विषय है हाई बीपी?
चिंता की बात यह है कि हाई बीपी अक्सर एक "साइलेंट किलर" होता है। कई मरीज सालों तक बिना किसी लक्षण के रहते हैं, जब तक कि उन्हें दिल का दौरा, स्ट्रोक, किडनी की बीमारी या हार्ट फेलियर जैसी समस्याएं नहीं हो जातीं।
कैसे करें बचाव
अच्छी खबर यह है कि इससे बचना संभव है। इसके लिए आपको बस जीवनशैली में कुछ सरल बदलाव करने पड़ेंगे। नियमित व्यायाम, स्क्रीन टाइम सीमित करना, 7-8 घंटे की अच्छी नींद लेना, स्ट्रेस मैनेज करना, नमक कम करना, तंबाकू से परहेज करना और समय-समय पर ब्लड प्रेशर चेक कराना जरूरी है।