भारी डंबल उठाने से नहीं घटेगी पेट की चर्बी, डॉक्टर ने खोला फिटनेस इंडस्ट्री का सबसे बड़ा 'झूठ'
वजन उठाना शरीर और सेहत के लिए बेहतरीन है, लेकिन अगर आप इसे फैट कम करने का 'जादू' मान बैठे हैं, तो आप एक भ्रम का शिकार हैं। ...और पढ़ें

जिम में घंटों पसीना बहाने के बाद भी बाहर निकल रही है तोंद? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप रोज जिम में भारी डंबल उठाकर इस उम्मीद में पसीना बहा रहे हैं कि इससे आपके पेट की जिद्दी चर्बी पिघल जाएगी, तो आप एक बहुत बड़े भ्रम में जी रहे हैं।
अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार के मुताबिक, फिटनेस की दुनिया ने अपने फायदे के लिए हमें गलत जानकारी दी है। वजन उठाना शरीर के लिए फायदेमंद है, लेकिन जब बात फैट कम करने की आती है, तो यह सबसे बेहतरीन तरीका बिल्कुल नहीं है।

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डॉक्टर ने दिया ड्यूक यूनिवर्सिटी की रिसर्च का हवाला
ड्यूक यूनिवर्सिटी की एक पॉपुलर स्टडी ने इस बात को पूरी तरह साफ कर दिया है। इस रिसर्च में एरोबिक एक्सरसाइज, वेट लिफ्टिंग और दोनों को मिलाकर की जाने वाली एक्सरसाइज की तुलना की गई थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि नतीजे चौंकाने वाले थे- जी हां, वजन उठाने के मुकाबले, कार्डियो करने से लोगों का फैट काफी तेजी से कम हुआ।
खासकर वह विसेरल फैट जो हमारे अंदरूनी अंगों के आसपास जमा होता है। रिसर्च के अनुसार, सिर्फ वजन उठाने से शरीर का कुल फैट या वजन कम नहीं होता, हालांकि इससे मांसपेशियां जरूर मजबूत होती हैं। यही वजह है कि नियमित रूप से दौड़ने वालों के शरीर में खतरनाक विसेरल फैट बहुत कम पाया जाता है।
If your goal is fat loss, the gym bros have been misleading you.
— Dr Sudhir Kumar MD DM (@hyderabaddoctor) April 4, 2026
Lifting weights is essential for health, but if you believe it is the best way to lose fat, especially visceral (belly) fat, you have fallen for a marketing myth.
The Evidence (The STRRIDE Trial & Beyond):
One of… pic.twitter.com/BwzH55vohO
भारी वजन उठाने के बाद भी क्यों नहीं कम होता पेट?
कई लोग सालों तक जिम में पसीना बहाते हैं, फिर भी उनकी तोंद जस की तस रहती है। डॉक्टर का कहना है कि इसके पीछे एक सीधा-सा विज्ञान है। जब आप भारी वजन उठाते हैं, तो उस दौरान खर्च हुई ऊर्जा की भरपाई आपका शरीर दिन भर ज्यादा भूख लगाकर और थकान के कारण फिजिकल एक्टिविटी कम करवा कर कर लेता है।
इसके उलट, जो लोग नियमित कार्डियो या रनिंग करते हैं, वे हर मिनट ज्यादा कैलोरी खर्च करते हैं। उनका शरीर फैट को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करने में माहिर हो जाता है और उम्र बढ़ने पर भी उनके पेट के आसपास चर्बी जमा नहीं होती।
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यह सच आपसे क्यों छिपाया जाता है?
जरा सोचिए, अगर हर कोई यह जान जाए कि हफ्ते में 4 दिन, 45 मिनट बाहर दौड़ना वजन कम करने का सबसे असरदार और बिल्कुल 'मुफ्त' तरीका है, तो फिटनेस इंडस्ट्री का क्या होगा?
"भारी वजन उठाओ और शानदार बॉडी पाओ" जैसी बातें लोगों को आकर्षित करती हैं। इसी बहाने जिम की महंगी मेंबरशिप, सप्लीमेंट्स और पर्सनल ट्रेनिंग बेची जाती है। साधारण दौड़ने से किसी कंपनी का मुनाफा नहीं होता।
आपके लिए सही रणनीति क्या होनी चाहिए?
इसे एक गाड़ी के उदाहरण से समझें: स्ट्रेंथ ट्रेनिंग आपकी गाड़ी का 'इंजन' तैयार करता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है, लेकिन कार्डियो असल में वह प्रक्रिया है जो उस गाड़ी के 'ईंधन' यानी आपके शरीर की चर्बी को जलाती है।
अगर आपका मुख्य लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ फैट कम करना है, तो इस फॉर्मूले को अपनाएं:
- कार्डियो को अपना मुख्य हथियार बनाएं: सबसे ज्यादा ध्यान 'जोन 2' और एरोबिक एक्सरसाइज पर दें। चर्बी गलाने का असली काम यही करेगा।
- वजन उठाने को एक सपोर्ट सिस्टम की तरह लें: हफ्ते में बस 2 से 3 दिन वजन उठाना काफी है। इससे आपकी मांसपेशियां सुरक्षित रहेंगी और आपका शरीर सही आकार में रहेगा।
इसलिए, अगर आप जिम में भारी से भारी वजन तो उठा रहे हैं, लेकिन दौड़ने या कार्डियो करने से कतराते हैं, तो अपनी कमर के नाप के कम न होने पर हैरान मत होइए।