सावधान! गर्मी में डिहाइड्रेशन से हो सकती है किडनी स्टोन की समस्या, ऐसे करें लक्षणों की पहचान
गर्मी में डिहाइड्रेशन किडनी स्टोन का प्रमुख कारण बन सकता है। ...और पढ़ें

डिहाइड्रेशन से किडनी स्टोन का खतरा! (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
सीमा झा, नई दिल्ली। धूप या तेज गर्मी में रहने से शरीर में पानी की कमी होना इन दिनों सबसे आम समस्या है। वहीं, एसी या कूलर रहने से भी प्यास कम लगती है, जिससे शरीर में पानी कमी हो सकती है। पानी की यह समस्या पथरी (स्टोन) का कारण भी बन सकती है। डिहाइड्रेशन और इससे होने वाली परेशानियों से कैसे करें बचाव, बता रही हैं सीमा झा...
क्या आप चिलचिलाती धूप में प्यास बुझाने के लिए तुरंत कार्बोनेटेड ड्रिंक यानी सोडा या फिजी पेय पदार्थ पीना अधिक पसंद करते हैं? चाय-काफी की आदत गर्मी के इस मौसम में भी पहले जैसी बनी हुई है तो अब सचेत हो जाएं, अन्यथा इससे शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा हो सकता है। इसी तरह, एसी कमरे में लगातार काम करने की आदत भी डिहाइड्रेशन का कारण बन सकती है। बता दें कि जैसे वाहन को ईंधन की आवश्यकता रहती है उसी तरह पानी भी शरीर के लिए एक तरह का ईंधन होता है।
शरीर में पानी की कमी होने पर अनेक तरह स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इनमें से एक प्रमुख खतरा है किडनी में पथरी का। इसका पता भी अचानक ही चलता है। किडनी में पथरी से असहनीय दर्द, मूत्र मार्ग में रुकावट, यहां तक कि इससे गंभीर संक्रमण भी हो सकता है। समय पर उचित उपचार नहीं मिलने पर किडनी में सूजन या इसके फेल होने जैसी नौबत आ सकती है।
डिहाइड्रेशन कैसे बनता है पथरी का कारण
वातावरण का तापमान बढ़ने पर शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए सक्रिय हो जाता है। इसी के चलते सीना निकलने और अधिक प्यास महसूस होने जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। शरीर मे तरल पदार्थों की कमी हो जाने पर यूरिन का रंग बदल जाता है। इसकी बढ़ी हुई सांद्रता के कारण खनिज और लवण आसानी से एक दूसरे से चिपक कर एक जगह जमा हो जाते हैं। यही किडनी में पथरी का रूप ले सकते हैं। यूरिन में कैल्शियम, आक्सलेट और यूरिक एसिड जैसे पदार्थों का स्तर अधिक हो जाता है जो क्रिस्टल यानी पथरी बनाने के लिए अनुकूल माहौल बना देता है। कुल मिलाकर कहें तो पानी की कमी एक खतरनाक स्थिति है। इससे बचना चाहिए। जिन्हें पहले भी किडनी में पथरी की समस्या हो चुकी है, उन्हें इसकी आशंका अधिक रहती है, इसलिए ऐसे लोगों को अधिक सतर्क होना चाहिए।
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पानी क्यों है जरूरी?
पानी का सेवन किडनी के लिए जरूरी है क्योंकि इससे रक्त से अपशिष्ट पदार्थों का फिल्टर हो जाता है। यह रक्त में आवश्यक पोषक तत्वों का प्रवाह बेहतर तरीके से कर पाता है। इससे आप पथरी व मूत्र मार्ग के संक्रमण यानी यूटीआइ जैसी समस्याओं से बच सकते हैं। जरूरी नहीं कि स्वयं को हाइड्रेट रखने के लिए आप केवल पानी पर निर्भर रहें। आप प्यास लगने पर मीठा रहित जूस या हर्बल टी जैसे स्वास्थ्यवर्धक पेय का भी प्रयोग कर सकते हैं।
किडनी में पथरी होने पर शरीर देता है 4 बड़े संकेत

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डिहाइड्रेशन बन सकता है बड़ी मुसीबत

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ऐसे करें डिहाइड्रेशन से बचाव
- पानी के साथ नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ व फलों का रस ले सकते हैं। इससे शरीर में पानी के साथ जरूरी खनिज भी बरकरार रहेंगे।
- दोपहर 12 बजे से चार बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। जरूरी होने पर छतरी, हैट,स्कार्फ व धूप के चश्मे का प्रयोग करें।
- सूती, हल्का व ढीले कपड़ों का प्रयोग करना चाहिए, ताकि से पसीना जल्दी सूखे और बढ़ते तापमान से राहत मिले।
- तेज मसाले वाले भारी खानपान से दूरी बरतें। खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूज आदि ठंडे फल खाएं। ये शरीर में पानी की कमी पूरा करने में सहायक हैं।
- यदि पसीना अधिक आता है तो दिन में एक बार ओआरएस या ग्लूकोज का घोल लें।
खानपान में रहे ध्यान
- अधिक मीठे पेय से बचना चाहिए। इससे वजन बढ़ता है और पथरी की आशंका भी रहती है।
- नींबू पानी का सेवन अच्छा है। नमक का प्रयोग कम से कम करें यह यूरिन में कैल्शियम की मात्रा बढ़ा देता है।
- ताजी सब्जियां, फल, मछली, अंडे, दलिया आदि का प्रयोग सही है।
- साबुत अनाज, साबुत आटे से बनी ब्रेड व बिस्किट का प्रयोग करना चाहिए।
इनका भी रहे ध्यान
- आप जो भी हर्बल और विटामिन सप्लीमेंट लेते हैं, उनके बारे में अपने चिकित्सक से जरूर बताएं। ध्यान रहे, चिकित्सकीय परामर्श के बिना ली गई दवाइयां किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।
- लंबे समय तक नियमित लेने वाली डाक्टर की बिना पर्ची वाली दर्द निवारक दवाइयां भी किडनी के लिए नुकसानदेह हैं।
- एंटीबायोटिक दवाओं के बार-बार इस्तेमाल से भी किडनी की समस्याएं हो सकती हैं।
- धूमपान से बचना जरूरी है। यह रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और रक्त प्रवाह को कम करता है, जिससे किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाती है।
- अल्कोहल किडनी के लिए रक्त को छानना और शरीर में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट के स्तर को नियंत्रित करना कठिन बना सकता है। अधिक अल्कोहल क्रानिक किडनी रोग होने की संभावना कई गुना बढ़ा सकता है।
कामकाजी वर्ग रहें सावधान
डॉ. अंशुमान अग्रवाल, वरिष्ठ कंसल्टेंट यूरोलोजिस्ट, इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, दिल्ली का कहना है:
गर्मी शुरू होते ही यूरिन की समस्या अधिक बढ़ने लगती है। इसका सबसे प्रमुख कारण है- पानी की कमी होना या हाड्रेशन को नजरअंदाज करना। खासकर युवा व कामकाजी वर्गों में किडनी को लेकर उतनी सजगता नहीं रह पाती। कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, चाय-काफी का अधिक सेवन, अल्कोहल, धूमपान डिहाइड्रेशन का कारण बनता है, यह सबको पता होना चाहिए। दिन भर में दो से तीन लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए। यूरिन गाढ़ा आ रहा है तो सतर्क हो जाएं। यूरिन हमेशा सफेद या हल्का पीला या क्रीम का रंग होना चाहिए। इसके रंग में बदलाव हो रहा है तो चिकित्स्क से संपर्क करें। साथ ही अपना वजन नियंत्रण में रखना चाहिए। चाकलेट, प्रोसेस्ड आहार, तेल मसालों आदि के अधिक सेवन से बचना चाहिए।