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    तेज धूप झुलसा रही है आपकी बालकनी में रखे पौधे, प्लांट्स को सनबर्न से बचाएंगे ये 3 आसान उपाय

    Updated: Tue, 19 May 2026 02:03 PM (IST)

    गर्मी के मौसम में पौधों को झुलसने से बचाने के लिए पानी देने के साथ-साथ और भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। ...और पढ़ें

    गर्मी से बचाने के लिए सिर्फ पानी देना नहीं है काफी (AI Generated Image)

    गर्मी से बचाने के लिए सिर्फ पानी देना नहीं है काफी (AI Generated Image)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मी का मौसम सिर्फ हमारे लिए ही नहीं, बल्कि हमारे पौधों के लिए भी काफी मुश्किल होता है। दोपहर की चिलचिलाती धूप और लू हमारे घर के बगीचे और बालकनी में लगे पौधों का भी हाल बेहाल कर देते हैं। कई लोग सोचते हैं कि गर्मी के मौसम में पौधों को सुबह-शाम पानी देना काफी, लेकिन इसके बावजूद आपके पौधे झुलस सकते हैं। 

    इंसानों की तरह पौधों को भी सनबर्न होता है। जब पौधों की पत्तियां पीली या भूरी होने लगें, उनके किनारे सूखकर मुड़ने लगें, या उन पर भूरे धब्बे दिखने लगें, तो समझ जाइए कि आपका पौधा सनबर्न का शिकार हो चुका है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो पौधा पूरी तरह सूखकर मर सकता है। अपने हरे-भरे पौधों को इस भीषण गर्मी और सनबर्न से सुरक्षित रखने के लिए आप ये 3 बेहद आसान और असरदार उपाय अपना सकते हैं।

    धूप से बचाएं

    तेज धूप से पौधों को बचाने का सबसे पहला स्टेप उन्हें सीधी धूप से बचाना है। मई-जून की दोपहर की धूप इतनी तेज होती है कि यह पत्तियों को जला देती है। इससे बचने के लिए अपनी बालकनी, छत या गार्डन के ऊपर के ऊपर किसी हल्के रंग के कपड़े या जाली से छांव करें। इससे पौधों को धूप तो मिलेगी, लेकिन इतनी तेज नहीं कि उनकी पत्तियां झुलस जाएं।

    Plant Sunburn

    (AI Generated Image

    मल्चिंग तकनीक का इस्तेमाल करें

    गर्मियों में सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि गमले की मिट्टी में पानी डालते ही वह तेज धूप के कारण बहुत जल्दी भाप बनकर उड़ जाता है। इससे जड़ें हर समय गर्म रहती हैं और पौधा स्ट्रेस में आ जाता है। इससे बचने का सबसे बेस्ट तरीका है मल्चिंग। गमले की मिट्टी की ऊपरी परत को सूखी पत्तियों, लकड़ी के बुरादे, नारियल के छिलके या सूखे घास-फूस से ढक दें। इसे ही मल्चिंग कहते हैं।

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    यह परत एक ढाल की तरह काम करती है। यह सूरज की सीधी गर्मी को मिट्टी तक नहीं पहुंचने देती, जिससे मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है और पौधों की जड़ें ठंडी रहती हैं।

    पानी देने का सही समय 

    अक्सर लोग अनजाने में दोपहर के समय पौधों में पानी डाल देते हैं, जो कि सबसे बड़ी गलती है। तेज धूप के कारण पानी जल्दी गर्म हो जाता है, जिससे पौधे की जड़ों को नुकसान होता है। साथ ही, पत्तियों पर पानी छिड़कने से उन पर जमी पानी की बूंदें मैग्नीफाइंग ग्लास की तरह काम करती हैं, जिससे सूरज की किरणें पत्तियों को और ज्यादा जला देती हैं।

    इसलिए पौधों को हमेशा सुबह सूरज निकलने से पहले या फिर शाम को सूरज ढलने के बाद ही पानी दें। सुबह पानी देने से पौधों को दिनभर की धूप से लड़ने की ताकत मिलती है। साथ ही, गमले में पानी तब तक डालें जब तक वह नीचे के छेद से बाहर न निकलने लगे। इससे पानी जड़ों की गहराई तक पहुंचता है।