कहीं आपके इंडोर प्लांट्स तो नहीं बन रहे डेंगू का कारण? मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए करें ये उपाय
अगर ध्यान न रखा जाए, तो नमी और पानी के जमाव के कारण इंडोर प्लांट्स भी मच्छरों के पनपने का ठिकाना बन सकते हैं। ...और पढ़ें

क्या आपके मनी प्लांट में भी पनप रहे हैं मच्छर? (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। घर के अंदर पौधे लगाना न केवल घर की खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि यह हवा को शुद्ध रखने और मानसिक शांति देने में भी मददगार होता है। हालांकि, कई बार हमारी यही पसंद अनजाने में बीमारियों को दावत दे देती है। अगर सही देखभाल न की जाए, तो आपके प्यारे इंडोर प्लांट्स मच्छरों के पनपने का सबसे सुरक्षित ठिकाना बन सकते हैं।
मच्छर न केवल नींद खराब करते हैं, बल्कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियों का कारण भी बनते हैं। आइए जानते हैं कि इंडोर प्लांट्स में मच्छर क्यों पनपते हैं और इनसे बचाव के लिए आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
पौधों में मच्छर पनपने के कारण
मच्छरों को अंडे देने के लिए स्थिर पानी और नमी वाली जगह की जरूरत होती है। इसलिए इंडोर प्लांट्स इनके लिए परफेक्ट ब्रीडिंग स्पॉट बन सकते हैं।
- गमलों के नीचे रखी ट्रे- ड्रेनेज ट्रे में जमा हुआ पानी मच्छरों का पसंदीदा स्थान होता है।
- मिट्टी में ज्यादा नमी- अगर गमले की मिट्टी हमेशा गीली रहती है, तो वहां मच्छर और छोटे कीड़े आसानी से घर बना लेते हैं।
- पानी वाले पौधे- मनी प्लांट या लकी बैम्बू जैसे पौधे जो सीधे पानी में उगाए जाते हैं, उनमें अगर पानी न बदला जाए तो मच्छर पैदा होने लगते हैं।
बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
ड्रेनेज ट्रे को नियमित साफ करें
गमले के नीचे रखी प्लेट या ट्रे में पानी जमा न होने दें। जब भी आप पौधों में पानी डालें, तो कुछ देर बाद ट्रे को चेक करें और एक्स्ट्रा पानी को फेंक दें। सूखे कपड़े से ट्रे को पोंछना और भी बेहतर है।
ओवर-वॉटरिंग से बचें
मिट्टी में तभी पानी दें जब उसकी ऊपरी सतह सूखी महसूस हो। मिट्टी का लगातार गीला रहना फंगल इन्फेक्शन और मच्छरों, दोनों को बढ़ावा देता है। मिट्टी की ऊपरी सतह को समय-समय पर खुदाई करते रहें, ताकि हवा का सर्कुलेशन बेहतर हो।
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पानी वाले पौधों का पानी बदलते रहें
अगर आपने कांच की बोतलों या जार में पौधे लगाए हैं, तो हर 3 से 5 दिनों में उनका पानी जरूर बदलें। नया पानी डालने से पहले जार को अंदर से अच्छी तरह साफ करें, ताकि अगर कोई अंडे वहां चिपके हों, तो वे निकल जाएं।
नीम के तेल का इस्तेमाल
नीम का तेल एक प्राकृतिक कीटनाशक है। एक लीटर पानी में कुछ बूंदें नीम का तेल मिलाकर स्प्रे बोतल में भर लें। इसे हफ्ते में एक बार पौधों की पत्तियों और मिट्टी पर छिड़कें। यह कीड़ों और मच्छरों को दूर रखता है।
कंकड़ या रेत का इस्तेमाल
गमले की मिट्टी के ऊपर छोटी कंकड़ या रेत की एक परत बिछा दें। यह मच्छरों को मिट्टी के संपर्क में आने और वहां अंडे देने से रोकता है। साथ ही, यह आपके गमलों को एक सुंदर लुक भी देता है।