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    कम समय में ज्यादा और बेहतर काम करना चाहते हैं? प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए अपनाएं ये 5 आदतें

    Updated: Sun, 15 Mar 2026 07:40 AM (GMT+05:30)

    अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए आप अपने डेली रूटीन में कुछ छोटी-छोटी आदतों को अपना सकते हैं। ...और पढ़ें

    कैसे बढ़ाएं अपनी प्रोडक्टिविटी? (Picture Courtesy: Freepik)

    कैसे बढ़ाएं अपनी प्रोडक्टिविटी? (Picture Courtesy: Freepik)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम अक्सर सोचते हैं कि प्रोडक्टिविटी का मतलब है दिन भर खुद को बिजी रखना या बहुत सारे काम एक साथ करना। लेकिन असल में, प्रोडक्टिविटी का मतलब है कम समय में सही और क्वालिटी वाला काम करना। अगर आप भी अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाना चाहते हैं, तो आपको कुछ छोटी-छोटी आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। आइए जानें ऐसी ही कुछ आदतों के बारे में।

    प्रायोरिटी लिस्ट बनाएं

    ज्यादातर लोग सुबह उठकर कामों की एक लंबी लिस्ट बना लेते हैं, जिसे पूरा न कर पाने पर दिन के लास्ट में तनाव होता है। इसकी जगह, अपनी लिस्ट में से सिर्फ 3 सबसे जरूरी काम चुनें। रात को सोने से पहले अगले दिन के टॉप 3 काम लिख लें। जब आप सुबह उठेंगे, तो आपके दिमाग को साफ पता होगा कि एनर्जी कहां लगानी है। इससे डिसीजन फटीग कम होती है।

    पोमोडोरो तकनीक का इस्तेमाल करें

    हमारा दिमाग लंबे समय तक एक ही काम पर फोकस नहीं रह सकता। फोकस बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है, काम को छोटे हिस्सों में बांटना। 25 मिनट पूरे फोकस के साथ काम करें और फिर 5 मिनट का ब्रेक लें। इसे पोमोडोरो तकनीक कहते हैं। चार पोमोडोरो के बाद एक 15-20 मिनट का ब्रेक लें। यह छोटी-सी आदत आपके दिमाग को तरोताजा रखती है और थकान महसूस नहीं होने देती।

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    (AI Generated Image)

    2-मिनट रूल अपनाएं

    प्रोक्रास्टिनेशन खत्म करने के लिए यह तरीका रामबाण इलाज है। अगर कोई ऐसा काम है जिसमें 2 मिनट से कम समय लगता है, जैसे- ईमेल का जवाब देना, बिल भरना, या डेस्क साफ करना, तो उसे बाद के लिए न टालें। उसे तुरंत कर दें। छोटे कामों को तुरंत निपटाने से मानसिक बोझ कम होता है और लिस्ट छोटी रहती है।

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    डिजिटल डिटॉक्स और डीप वर्क

    स्मार्टफोन के नोटिफिकेशन हमारे फोकस के सबसे बड़े दुश्मन हैं। एक बार ध्यान भटकने के बाद दोबारा काम पर लौटने में दिमाग को समय लगता है। दिन का कम से कम 1-2 घंटा डीप वर्क के लिए रखें। इस दौरान फोन को दूसरे कमरे में रखें या डू नॉट डिस्टर्ब मोड पर डाल दें। बिना किसी रुकावट के किया गया काम साधारण काम से कहीं ज्यादा बेहतर होता है।

    सबसे मुश्किल काम पहले करें

    अपने दिन के सबसे मुश्किल और जरूरी काम को सबसे पहले निपटा दें। इससे आपको उपलब्धि की भावना महसूस होगी अक्सर हम मुश्किल काम को टालते रहते हैं, जिससे मन में भारीपन रहता है। जब आप सबसे मुश्किल काम सुबह ही खत्म कर लेते हैं, तो आपका आत्मविश्वास बढ़ जाता है और बाकी के छोटे काम बहुत आसान लगने लगते हैं।