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    कौन तय करता है Gen-Z, मिलेनियल और अल्फा जैसे नाम? जानिए पीढ़ियों के बंटवारे का 150 साल पुराना इतिहास

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 06:26 PM (IST)

    जेन-जी, मिलेनियल और अल्फा जैसी पीढ़ियों में लोगों का बंटवारा लगभग 150 साल पहले हुआ, जो व्यक्ति की उम्र और एक्सपीरिएंस के हिसाब से बांटे गए। ...और पढ़ें

    कैसे मिला जेन-जी को उसका नाम? (AI Generated Image)

    कैसे मिला जेन-जी को उसका नाम? (AI Generated Image)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चैनल्स पर सिर्फ जेन-जी का जिक्र सुनने को मिल रहा है। हाल ही में हुए जेन-जी आंदोलन के बाद से ये जेनरेशन काफी चर्चा में बनी हुई है। ये जेनरेशन सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया के कई देशों की राजनीति में हलचल पैदा कर रही है। 

    स्मार्टफोन और इंटरनेट के बीच बड़ी हुई जेनरेशन ने श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश और इस साल भारत की सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आप इन्हें कमजोर नहीं समझ सकते। अब ऐसे में सवाल आता है कि आखिर जेन-जी है कौन ये किसने तय किया और अलग-अलग पीढ़ियों के नाम कैसे तय किए गए? आइए जानें इस सवालों के जवाब।

    क्या से आया जेनरेशन शब्द?

    जेन-जी, मिलेनियल जैसे जेनरेशन का बंटवारा हमेशा से नहीं होता था। ये लगभग 150 साल पहले शुरू हुआ है। सोशियोलॉजिस्ट कार्ल मैनहाइम के अनुसार पीढ़ियां सिर्फ जन्म के साल से तय नहीं होती। पीढ़ियां युवाओं के साझा अनुभवों और उनके दौर की बड़ी घटनाओं से बनती हैं। इसलिए पीढ़ियों को बांटते समय सिर्फ जन्म के साल नहीं, बल्कि उनके एक्सपीरिएंस को भी ध्यान में रखा गया। 

    पीढ़ियों का इतिहास

    • लॉस्ट जेनरेशन- 1883 - 1900
    • ग्रेटेस्ट/जी.आई. जेनरेशन- 1901 - 1927
    • साइलेंट जेनरेशन- 1928 - 1945
    • बूमर्स- 1946 - 1964
    • जेनरेशन एक्स- 1965 - 1980
    • मिलेयनियल्स/जेनरेशन वाई- 1981 - 1996
    • जूमर्स/जेनरेशन जेड- 1997 - 2012
    • जेनरेशन अल्फा- 2013 - 2024
    • जेनरेशन बीटा- 2025 से शुरू

    जेनरेशन के नाम कैसे पड़े?

    प्रथम विश्व युद्ध के दौर में बड़ी हुई पीढ़ी को लॉस्ट जेनरेशन का नाम दिया गया। इसके बाद आई ग्रेटेस्ट जेनरेशन, जिसमें महामंदी और द्वितीय विश्व युद्ध के अनुभवों को देखा। इसके बाद की पीढ़ी बेबी बूमर्स कहलाई। इन्हें ये नाम द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जन्म दर में आए अचानक उछाल के कारण मिला। इसके बाद आई जेनरेशन एक्स, जिनका नाम साहित्य और पॉप कल्चर के कारण मशहूर हुआ। 

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    क्यों कहलाए मिलियनियल्स और जेन-जी?

    साल 1982 के आस-पास पैदा हुए लोग साल 2000 तक ग्रैजुएट होने वाले थे, इसलिए इन्हें मिलेनियल्स कहा गया। वहीं जेनरेशन वाई के बाद आने के कारण अगली पीढ़ी को सीधे जेन जी कह दिया गया। इन नाम के पीछे कोई खास सोच नहीं छिपी थी, ये बस क्रोनोलॉजी का हिस्सा है। 

    जेन-जी को किन चीजों ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया?

    जेन-जी अपने से पिछली पीढ़ियों से काफी अलग माहौल में बड़ी हुई। इसे पीढ़ी की परवरिश और व्यक्तित्व को आकार देने में स्मार्टफोन, सोशल मीडिया, इंटरनेट की तेज रफ्तार, तेजी से बदलती तकनीक, कोविड-19 महामारी और आर्थिक अनिश्चितता का हाथ रहा है। 

    ये पीढ़ी डिजिटल दुनिया में पली-बढ़ी, जिसने इनके सोचने और काम करने के तरीके को काफी बदला है। इस पीढ़ी की दुनिया इंटरनेट के आस-पास घूमती है और इसका असर उनके जीने के तरीके पर भी नजर आता है। आज ये पीढ़ी अपने इसी तरीके का इस्तेमाल अपनी आवाज उठाने और बदलाव की मांग के लिए कर रही है।