प्याज काटते ही आंखों में क्यों आने लगते हैं आंसू? एक खास केमिकल रिएक्शन का है इसके पीछे हाथ
प्याज काटते समय आंखों से आंसू आना एक केमिकल रिएक्शन का नतीजा है, जिसमें सल्फर कंपाउंड और एंजाइम मिलकर सल्फ्यूरिक एसिड बनाते हैं। ...और पढ़ें

प्याज काटते समय क्यों आते हैं आंसू? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। घर में खाना बनाते समय सब्जी के लिए या सलाद के लिए प्याज काटनी पड़े, तो आंखों से तुरंत ही नदियां बहने लगती हैं। ये बहुत ही आम बात है, लेकिन क्या आप आपने कभी सोचा है कि प्याज काटते समय आंखों में आंसू क्यों आते हैं?
दरअसल, प्याज काटते समय आंखों से आंसू आना कोई इमोशनल रिएक्शन नहीं है। ऐसा एक केमिकल रिएक्शन की वजह से होता है। आइए जानें इसके बारे में।
प्याज से आंखों में आंसू क्यों आते हैं?
प्याज में सल्फर कंपाउंड और कुछ खास एंजाइम होते हैं। जब प्याज काटते हैं, तो ये केमिकल आपस में रिएक्ट करते हैं। प्याज के सेल्स टूटने पर एलिनेज एंजाइम सल्फॉक्साइड के साथ मिलते हैं और एक एसिड बनाते हैं। इसके बाद एक एंजाइम सल्फेनिक एसिड को एक गैस में बदलती है, जो हवा के जरिए हमारी आंखों तक पहुंचता है। ये गैस हमारी आंखों की परत में मौजूद पानी के साथ रिएक्ट करके बहुत थोड़ी मात्रा में सल्फूरिक एसिड बना देती है।
आंखों का डिफेंस मकैनिज्म
आंखों की सतह पर बहुत सेंसिटिव नर्वस होती हैं। सल्फ्यूरिक एसिड बनते ही हमारी आंखों में जलन होने लगती है और हमारा दिमाग इस सिग्नल को पहचानकर लैक्रिमल ग्लैंड्स, जो आंसू बनाते हैं, को एक्टिव होने का सिग्नल देता है। इस एसिड को बाहर निकालने के लिए हमारी आंखों से लगातार आंसू बहते रहते हैं। यानी प्याज काटते समय आंखों में आंसू आना हमारी आंखों का एक डिफेंस मकैनिज्म है, जो इस एसिड के खतरे से बचने के लिए शुरू होता है।
प्याज काटते समय आंसू रोकने के टिप्स
इस केमिकल रिएक्शन को पूरी तरह नहीं रोका जा सकता, लेकिन कुछ आसान उपायों से इसे कम जरूर किया जा सकता है। प्याज को काटने से 15-20 मिनट पहले फ्रिज में रख दें। ठंडा होने पर एंजाइम्स का रिएक्शन धीमा हो जाता है। दूसरा तरीका है कि प्याज को छीलकर आधा काटकर पानी में रख दें।
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इससे सल्फर गैस पानी में घुल जाती है और आंखों में जलन नहीं होती। तीसरा तरीका है कि प्याज काटते समय आप किचन का एग्जॉस्ट फैन चालू रखें, ताकि अंदर की हवा बाहर निकलती रहे और आपकी आंखों में जलन कम होगी।