विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिखने में मॉडर्न, लेकिन सोच वही पुरानी? सर्वे में सामने आया 33% Gen-Z चाहते हैं आज्ञाकारी पत्नी

Published: Fri, 06 Mar 2026 04:16 PM (IST)

एक ग्लोबल सर्वे के अनुसार, 'जेन-जी' पुरुष पिछली पीढ़ियों की तुलना में ज्यादा रूढ़िवादी सोच रखते हैं।

जेन-जी पुरुषों की सोच ने बेबी बूमर्स को भी पीछे छोड़ा (Image Source: AI-Generated)

जेन-जी पुरुषों की सोच ने बेबी बूमर्स को भी पीछे छोड़ा (Image Source: AI-Generated) 


timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आमतौर पर हम यही मानते हैं कि 1997 के बाद पैदा हुई पीढ़ी, जिसे 'जेन-जी' कहा जाता है, वो अब तक की सबसे आधुनिक और खुले विचारों वाली पीढ़ी है, लेकिन हाल ही में हुए एक बड़े ग्लोबल सर्वे ने इस धारणा को पूरी तरह से पलट कर रख दिया है।

यह अध्ययन किंग्स कॉलेज लंदन के 'ग्लोबल इंस्टीट्यूट फॉर विमेन लीडरशिप' की साझेदारी में इप्सोस द्वारा दुनिया के 29 देशों के 23,000 लोगों पर किया गया। आपको जानकर हैरानी होगी कि आज के युवा पुरुष अपने दादा-नाना की पीढ़ी के मुकाबले कहीं ज्यादा रूढ़िवादी और पुरानी सोच रख रहे हैं।

relationship survey

(Image Source: AI-Generated) 

पत्नी और घर के फैसलों पर क्या सोचते हैं युवा?

सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि वैवाहिक जीवन और घर के अहम फैसलों को लेकर युवाओं की सोच पुरानी पीढ़ी से भी पीछे जा रही है:

  • आज्ञाकारी पत्नी की चाहत: करीब 33% जेन-जी पुरुष चाहते हैं कि उनकी पत्नी आज्ञाकारी हो और उनकी हर बात माने।

'पत्नी माने हर बात और घर में चले पति का राज'

हर तीसरे युवा (33%) का यह भी मानना है कि घर के बड़े फैसलों में अंतिम मुहर पति की ही होनी चाहिए।

  • पुरानी पीढ़ी से तुलना: हैरानी की बात यह है कि 'बेबी बूमर' पीढ़ी (1946-1964 के बीच जन्मे) में केवल 13% पुरुष ही ऐसा सोचते थे।
  • लड़कियों की राय: सिर्फ लड़के ही नहीं, बल्कि 18% जेन-जी लड़कियां भी यह मानती हैं कि पत्नी को हमेशा पति की आज्ञा का पालन करना चाहिए।

New survey on Gen z

(Image Source: AI-Generated)

खुद को पुराने सांचे में कैद कर रहे युवा

इस सर्वे के नतीजों पर विशेषज्ञों ने गहरी चिंता जताई है। ग्लोबल इंस्टीट्यूट फॉर विमेन्स लीडरशिप की निदेशक, हीजुंग चुंग का कहना है कि असल में युवाओं के अंदर अपना 'सामाजिक रुतबा' खोने का डर बैठ गया है। उन्हें लगने लगा है कि लैंगिक समानता की वजह से उनका अपना नुकसान हो रहा है।

वहीं, ऑस्ट्रेलिया की पूर्व प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने इन आंकड़ों को चिंताजनक बताते हुए कहा कि आज के युवा पुरुष न सिर्फ महिलाओं पर पाबंदियां लगा रहे हैं, बल्कि वे खुद पर भी सख्ती कर रहे हैं और खुद को एक पुराने सांचे में कैद करते जा रहे हैं।

Reference: Ipsos

यह भी पढ़ें- क्या Gen Z को शादी से डर लगता है? साइकियाट्रिस्ट ने डिकोड किया 'कमिटमेंट फोबिया'

यह भी पढ़ें- बूमर्स से जेन-जी तक ऐसे बदले खूबसूरती के मायने; किसी को पसंद नीली आंखें, तो किसी को चाहिए प्लंप लिप्स

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।