Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    निगम कमिश्नर को नहीं मिली सरकारी कोठी, 19 दिन से सर्किट हाउस में ठहराव; अफसरशाही पर उठे बड़े सवाल

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 04:59 PM (IST)

    बठिंडा में नई निगम कमिश्नर को सरकारी कोठी नहीं मिल पाई है। 19 दिनों से सर्किट हाउस में रह रही हैं। कोठी में अन्य अधिकारी रह रहे हैं, जिससे प्रशासनिक अ ...और पढ़ें

    सर्किट हाउस में खड़ी कमिश्नर लवजीत कलसी की गाड़ी।

    सर्किट हाउस में खड़ी कमिश्नर लवजीत कलसी की गाड़ी।

    HighLights

    1. नई कमिश्नर लवजीत कलसी को नहीं मिला सरकारी आवास।

    2. 19 दिन से सर्किट हाउस में रह रही हैं कमिश्नर।

    3. कमिश्नर की कोठी पर ज्वाइंट कमिश्नर का कब्जा।

    नितिन सिंगला,बठिंंडा। नगर निगम बठिंडा में प्रशासनिक अव्यवस्था का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां शहर की सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी को ही अपना सरकारी आवास नहीं मिल पा रहा। नई नियुक्त निगम कमिश्नर लवजीत कलसी को पदभार संभाले लगभग 19 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कमिश्नर के लिए निर्धारित सरकारी कोठी नहीं सौंपी गई है। मजबूरी में वह सर्किट हाउस में रह रही हैं।

    जानकारी के अनुसार म्यूनिसिपल कालोनी में निगम कमिश्नर के लिए निर्धारित कोठी पहले से मौजूद है, लेकिन फिलहाल उसमें ज्वाइंट कमिश्नर राकेश कुमार मीना अपने परिवार सहित रह रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनकी नियुक्ति के बाद उन्होंने इस कोठी में शिफ्ट कर लिया था।

    इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब पहले एडीसी विकास कंचन के पास निगम कमिश्नर का अतिरिक्त कार्यभार था। उन्होंने अतिरिक्त जिम्मेदारी होने के चलते कमिश्नर की कोठी में रहने से परहेज किया। इसी बीच ज्वाइंट कमिश्नर की नियुक्ति हुई और उन्होंने कमिश्नर की कोठी में निवास शुरू कर दिया।

    यह भी पढ़ें- 80 करोड़ का 'धनी' मोची! आया साइबर ठग के निशाने पर, UP Police ने पंजाब से पकड़े ठग, पाकिस्तान और श्रीलंका तक जुड़े तार

    कमिश्नर की कोठी अन्य अधिकारियों को अलॉट

    स्थिति और जटिल तब हो गई जब सरकार ने लवजीत कलसी को स्थायी निगम कमिश्नर नियुक्त कर दिया। अब समस्या यह है कि कमिश्नर के लिए निर्धारित कोठी पहले से ही ज्वाइंट कमिश्नर के कब्जे में है, जबकि ज्वाइंट कमिश्नर स्तर के अधिकारी के लिए निर्धारित दूसरी कोठी में एक प्रशिक्षण पर आई महिला अधिकारी रह रही हैं।

    खबरें और भी

    इस असमंजस के कारण निगम प्रशासन खुद ही उलझन में है। अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे कि किससे आवास खाली कराया जाए। सूत्रों के अनुसार इस मुद्दे पर कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।

    यह भी पढ़ें- मोगा पहुंचे मंत्री लालचंद काटारुचक, 24 घंटे में भुगतान का भरोसा; मजदूरी बढ़ी, किसानों के खाते में पहुंचे करोड़

    चर्चा का विषय बन चुकी ये घटना

    इस स्थिति ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर शहर के विकास और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाली अधिकारी को ही मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही, वहीं दूसरी ओर विभागीय समन्वय की कमी भी उजागर हो रही है।

    फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस पर कोई स्पष्ट निर्णय लिया जाएगा, ताकि कमिश्नर को उनका अधिकारिक आवास मिल सके।

    यह भी पढ़ें- पाकिस्तान से खालसा साजना दिवस मना लौटे श्रद्धालु, अटारी सीमा पर जोरदार स्वागत, बोले सो निहाल से गूंजा माहौल