सावधान! पंजाब में रोज 170 लोग हो रहे साइबर ठगी के शिकार, युवाओं पर सबसे ज्यादा खतरा
पंजाब में बीते एक वर्ष में 62 हजार से अधिक साइबर अपराध दर्ज हुए। 540 करोड़ रुपये से ज्यादा की संदिग्ध ठगी सामने आई। पुलिस ने 63 हजार बैंक खाते फ्रीज क ...और पढ़ें

ये AI जनरेटेड इमेज है।
HighLights
पंजाब में रोज औसतन 170 लोग साइबर ठगी के शिकार।
युवा फेक फ्रेंडशिप, गेमिंग, सेक्सटॉर्शन से सबसे ज्यादा प्रभावित।
पुलिस ने 63,000 से अधिक बैंक खाते फ्रीज किए, जागरूकता अभियान तेज।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। राज्य में साइबर अपराध अब केवल बड़े शहरों या हाई-प्रोफाइल लोगों तक सीमित नहीं रहा। हर दिन औसतन 170 से अधिक साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं और चिंताजनक बात यह है कि जालंधर, लुधियाना जैसे बड़े शहरों के साथ कपूरथला, तरनतारन, होशियारपुर और फिरोजपुर जैसे छोटे शहर भी ठगों के निशाने पर हैं।
सबसे बड़ा खतरा युवाओं के सामने उभर रहा है, जिन्हें फेक फ्रेंडशिप, आनलाइन गेमिंग, इंटरनेट मीडिया ट्रैप और सेक्सटार्शन के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में साइबर अपराध अब केवल पुलिस का विषय नहीं, बल्कि परिवार और समाज दोनों के लिए पब्लिक इंटरेस्ट का बड़ा मुद्दा बन गया है।
पंजाब पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, बीते एक वर्ष में राज्यभर में 62,253 साइबर अपराध के मामले दर्ज हुए। यानी औसतन हर दिन 170 से ज्यादा लोग साइबर ठगी का शिकार बने। इस दौरान 540.34 करोड़ रुपये के संदिग्ध साइबर फ्रॉड ट्रांजेक्शन ट्रैक किए गए। हालांकि इनमें से केवल 64 करोड़ रुपये ही पीड़ितों को वापस मिल सके हैं।
यह भी पढ़ें- एक्टर सोनू सूद ने 'छत आपकी-जिम्मेदारी हमारी' अभियान से बाढ़ पीड़ितों को दी राहत, 180 परिवारों को मिला पक्का घर
63 हजार से अधिक बैंक खाते फ्रीज
पंजाब पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े 63,000 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज किया है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि कार्रवाई से संगठित साइबर नेटवर्क, उनके वित्तीय ट्रेल और अंतरराज्यीय कनेक्शन सामने आए हैं। एडवांस तकनीक और फाइनेंशियल ट्रैकिंग के जरिए हजारों खातों तक पहुंच बनाई गई।
खबरें और भी
जालंधर कमिश्नरेट में सबसे ज्यादा 16,032 खाते फ्रीज किए गए और 6.81 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई। कपूरथला में 7,344 खातों से 2.56 करोड़, होशियारपुर में 7,201 खातों से 3.96 करोड़ तथा फिरोजपुर में 6,930 खातों से 93.16 लाख रुपये बरामद हुए। तरनतारन में 5,229 खातों से 6.97 करोड़ रुपये रिकवर किए गए। आंकड़े साफ बताते हैं कि साइबर ठगी का नेटवर्क अब ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों तक गहराई से फैल चुका है।
यह भी पढ़ें- पंजाब में 90 प्रतिशत वोटरों की मैपिंग पूरी, मुख्यमंत्री बोले- कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर नहीं होगा
डिजिटल सतर्कता बनी सबसे बड़ी सुरक्षा
हाल ही में साइबर क्राइम डिवीजन ने कनाडा में रह रहे पंजाब मूल के व्यक्ति से जुड़े साइबर एक्सटार्शन केस का खुलासा किया। इंटरनेट मीडिया पर ऑनलाइन ‘अरदास’ के बहाने संपर्क कर वीडियो हासिल किया गया और बाद में ब्लैकमेलिंग शुरू हुई। इस मामले में तीन आरोपित गिरफ्तार किए गए। पुलिस ने 3.49 लाख रुपये, 500 अमेरिकी डॉलर, 29 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए।
स्पेशल डीजीपी (साइबर क्राइम) वी नीरजा ने कहा कि युवाओं को डिजिटल ट्रैप से बचाने के लिए जागरूकता अभियान तेज किए गए हैं। पिछले एक वर्ष में 129 अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किए गए। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के बदलते तरीके यह संकेत दे रहे हैं कि जागरूकता अब सबसे बड़ा बचाव है।
क्यों बढ़ रहा साइबर खतरा ?
- इंटरनेट मीडिया पर फेक प्रोफाइल और फ्रेंड रिक्वेस्ट
- आनलाइन गेमिंग और इन-ऐप पेमेंट ट्रैप
- फर्जी केवाईसी, बैंक कॉल और ओटीपी फ्राड
- सेक्सटार्शन और वीडियो ब्लैकमेलिंग
- निवेश और लाटरी के नाम पर ठगी
साइबर फ्राड से बचने के 5 तरीके
- ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक डिटेल कभी साझा न करें
- अनजान लिंक या एपीके फाइल डाउनलोड न करें
- वीडियो काल पर निजी कंटेंट शेयर करने से बचें
- बैंक फ्राड की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें
- संदिग्ध ट्रांजेक्शन दिखते ही खाते को तुरंत ब्लॉक कराएं
आंकड़ों में पंजाब का साइबर संकट
- 62,253 साइबर क्राइम केस
- 540.34 करोड़ रुपये संदिग्ध ठगी
- 63,000 बैंक खाते फ्रीज
- 64 करोड़ रुपये रिकवर
- हर दिन 170 शिकायतें
यह भी पढ़ें- फतेहगढ़ साहिब में सुई के ओवरफ्लो ने उजाड़ी किसान की मेहनत, खेतों में घुसा पानी; फसल बर्बाद