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    फतेहगढ़ साहिब कोर्ट ने प्रतिबंधित इंजेक्शन मामले में युवक को 10 साल की कैद सुनाई, एक लाख रुपये जुर्माना

    Updated: Thu, 29 Jan 2026 05:27 PM (IST)

    फतेहगढ़ साहिब की स्पेशल कोर्ट ने साढ़े चार साल पुराने प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामदगी मामले में एक युवक को दोषी ठहराया है। आरोपी मनजिंदर सिंह को 10 ...और पढ़ें

    साढ़े चार साल पुराने मामले में सुनाई गई सजा।

    साढ़े चार साल पुराने मामले में सुनाई गई सजा।

    जागरण संवाददाता, फतेहगढ़ साहिब। प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों की बरामदगी के करीब साढ़े चार साल पुराने मामले में फतेहगढ़ साहिब की स्पेशल कोर्ट ने एक युवक को दोषी करार देते हुए 10 साल की कठोर कैद और 1,00,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयान और केस डायरी के आधार पर सुनाया।

    मिली जानकारी के अनुसार यह मामला 28 अक्तूबर 2021 को फतेहगढ़ साहिब थाने में दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, उस दिन थाना क्षेत्र में गुरुद्वारा श्री रथ साहिब के समीप नाकाबंदी कर संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान फतेहगढ़ साहिब की ओर से पैदल आ रहा गांव डेरा मीर मीरां निवासी मनजिंदर सिंह पुलिस पार्टी को देखकर घबरा गया और भागने का प्रयास करने लगा।

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    कब्जे से मिली थी प्रतिबंधित दवाएं व इंजेक्शन

    पुलिस कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे मौके पर ही काबू कर लिया। नियमानुसार तलाशी लेने पर उसके कब्जे से प्रतिबंधित श्रेणी के 24 इंजेक्शन और 38 शीशियां बरामद की गईं। बरामद नशीली सामग्री के संबंध में आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान बरामदगी की पुष्टि कर फॉरेंसिक रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। साथ ही, मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए।

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    पुलिस आरोप साबित करने में रही सफल

    मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने में सफल रहा। सभी तथ्यों और सबूतों पर विचार करने के बाद स्पेशल कोर्ट ने मनजिंदर सिंह को दोषी ठहराते हुए 10 साल की कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 1,00,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान रखा गया है।

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