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    जालंधर के वरदान अस्पताल फायरिंग का मास्टरमाइंड अरेस्ट, पुलिस के साथ मुठभेड़ में पैर पर लगी गोली

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 12:11 PM (IST)

    जालंधर के वरदान अस्पताल फायरिंग का मुख्य आरोपी जोधा पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हो गया है। उसके पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, ...और पढ़ें

    घटनास्थल पर मौजूद पुलिस।

    घटनास्थल पर मौजूद पुलिस।

    HighLights

    1. वरदान अस्पताल फायरिंग का मुख्य आरोपी जोधा गिरफ्तार।

    2. पुलिस मुठभेड़ में आरोपी के दाएं पैर में लगी गोली।

    3. पुलिस को मिली बड़ी सफलता, खुलेंगे कई राज।

    जागरण संवाददाता, जालंधर। जालंधर में कई महीने पहले वरदान अस्पताल पर सरेआम फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले मुख्य आरोपित जोधा को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपित को गुप्त सूचना के आधार पर घेराबंदी कर पकड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन उसने खुद को घिरा देखकर पुलिस टीम पर ही फायरिंग शुरू कर दी।

    जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके दाएं पैर में लगी, जिसके बाद उसे काबू कर लिया गया। घायल हालत में उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से बत्तीस बोर का पिस्तौल भी बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपित मोटरसाइकिल पर सवार होकर सिटी इंस्टीट्यूट के नजदीक से गुजरने वाला है।

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर निगरानी शुरू कर दी। जैसे ही संदिग्ध वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। इसी दौरान आरोपित ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पार्टी पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपित घायल हो गया और मौके पर ही दबोच लिया गया।

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    गेट पर की थी फायरिंग

    गौरतलब है कि 28 फरवरी की रात करीब साढ़े नौ बजे मोता सिंह नगर स्थित वरदान अस्पताल के मुख्य गेट पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। पूरी वारदात वहां लगे निगरानी कैमरों में कैद हो गई थी। फुटेज में आरोपित महज तीन सेकेंड के भीतर चार गोलियां चलाता दिखाई दिया था। गोलियां अस्पताल के मुख्य गेट को चीरते हुए आर-पार निकल गई थीं।

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    घटना के समय अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई थी। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।

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    खुलेंगे वारदात के राज

    मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन पुलिस आयुक्त धनप्रीत कौर ने पुलिस की लापरवाही मानते हुए सहायक पुलिस आयुक्त मॉडल टाउन परमिंदर सिंह और मॉडल टाउन थाना प्रभारी रविंदर कुमार को निलंबित कर दिया था। इसके बाद से पुलिस लगातार मुख्य आरोपित और उसके साथियों की तलाश में जुटी हुई थी। मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी को पुलिस इस मामले में बड़ी सफलता मान रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि अब आरोपित से गहन पूछताछ की जाएगी। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश होगी कि अस्पताल पर फायरिंग की साजिश किसने रची, इसके पीछे क्या मकसद था, वारदात में और कौन-कौन शामिल थे तथा आरोपित को हथियार और अन्य सहयोग किसके माध्यम से मिला। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में इस सनसनीखेज फायरिंग कांड से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

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