Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पंजाब में बाघापुराना पंचायत समिति चुनाव विवाद; अफसर ने लगाया मानसिक उत्पीड़न का आरोप, हाईकोर्ट ने किया तलब

    Updated: Mon, 23 Mar 2026 11:31 AM (IST)

    बाघापुराना पंचायत समिति चुनाव में अफसर ने मानसिक उत्पीड़न और दबाव के आरोप लगाए। मामले के बाद हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों को तलब किया है, जबकि प्रशासन ...और पढ़ें

    बीते दिन पहुंचे सुखबीर बादल मीडिया से बातचीत करते हुए।

    बीते दिन पहुंचे सुखबीर बादल मीडिया से बातचीत करते हुए।

    HighLights

    1. बाघापुराना पंचायत चुनाव में अधिकारी ने उत्पीड़न का आरोप लगाया।

    2. उपमंडल अधिकारी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शिकायत की।

    3. विपक्ष ने सरकार को घेरा, प्रशासन ने आरोपों को नकारा।

    डिजिटल डेस्क, मोगा। पंजाब के मोगा जिले के बाघापुराना क्षेत्र में पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इस मामले में एक अधिकारी ने जिला प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न और दबाव डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे प्रदेश की सियासत गरमा गई है।

    बताया जा रहा है कि बाघापुराना के उपमंडल अधिकारी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शिकायत की है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान उन पर अत्यधिक दबाव बनाया गया। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया और ऐसे कदम उठाने के लिए मजबूर किया गया जो निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

    जिसके बाद अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों को तलब कर लिया है। इन्हें आज ही कोर्ट में पेश होकर अपनी बात रखनी होगी। बता दें कि चुनाव में हंगामे के बाद 15 पंचायत समितियों ने कोर्ट में याचिका लगाई थी। 

    अधिकारी के अनुसार, 17 मार्च को प्रस्तावित चुनाव उस समय पूरे नहीं हो सके जब वहां कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई थी। इस बारे में जिला प्रशासन को समय रहते जानकारी भी दे दी गई थी। इसके बावजूद उन पर परिणाम घोषित करने के लिए दबाव बनाए जाने के आरोप लगाए गए हैं।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- कैबिनेट मंत्री भुल्लर की गिरफ्तारी पर अड़ा रंधावा परिवार, गगनदीप के जहरीला पदार्थ निगलने की फुटेज जारी कर दिया अल्टीमेटम

    विपक्षीय दलों ने सरकार पर साधा निशाना

    विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी पर दबाव डालकर विशेष उम्मीदवारों को जिताने की कोशिश की गई। साथ ही यह भी कहा गया कि अधिकारी को न्याय नहीं मिल रहा है और उन्होंने सुरक्षा तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    विपक्ष के नेताओं ने यह भी दावा किया कि अधिकारी ने देर रात मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा, स्थानांतरण और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम को उन्होंने लोकतंत्र और प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा हमला बताया है।

    यह भी पढ़ें- मुरादाबाद में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, ऑनलाइन बुकिंग के जरिए बुलाई गई थी युवतियां, 14 गिरफ्तार

    प्रशासनिक अधिकारियों ने आरोपों को नकारा

    दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ पहले से ही शिकायतें मिली हुई हैं और उनकी जांच जारी है। पंचायत समिति के कुछ सदस्यों ने भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

    इस विवाद ने ऐसे समय पर तूल पकड़ा है जब राज्य सरकार पहले से ही एक अन्य मामले को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। ऐसे में यह नया मामला पंजाब की राजनीति में और अधिक तनाव पैदा कर सकता है।

    (इनपुट- पीटीआई)

    यह भी पढ़ें- Punjab Weather: दो दिन बाद फिर बदलेगा मौसम, गर्मी के नहीं दिखे तेवर; आठ साल का टूटा रिकॉर्ड