भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ संगरूर में किसानों का प्रदर्शन; देश के लिए घातक बता प्रतियां फूंकीं
संगरूर में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने ...और पढ़ें

भारत अमेरिकी समझौते की प्रतियां फूंकते किसान।
HighLights
किसानों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की प्रतियां जलाईं।
समझौते को देश और कृषि के लिए घातक बताया गया।
सरकार से समझौता वापस लेने की मांग, आंदोलन की चेतावनी।
जागरण संवाददाता, संगरूर। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर ने सुनाम ब्लॉक के कई गांवों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। गांव चट्ठा ननहेड़ा, खडियाल, रामगढ़ जवंधा, महला, नमोल, छाजला, मैदेवास, भैणी, गंधुआं, जखेपाल, कनकवाल भंगुआं और उगराहां में किसानों ने समझौते की प्रतियां जलाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
संगठन के जिला महासचिव रण सिंह चट्ठा ने कहा कि इतिहास गवाह है कि किस तरह ईस्ट इंडिया कंपनी ने व्यापार के नाम पर भारत में प्रवेश किया और धीरे-धीरे पूरे देश पर कब्जा कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब केंद्र सरकार अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के साथ समझौता कर देश को उसी दिशा में ले जा रही है। उनके अनुसार यह समझौता किसानों और देश के हितों के खिलाफ है।
यह भी पढ़ें- लुधियाना में स्कूल प्रबंधक को मिली धमकी, डोनी बल गैंगस्टर बताकर मांगी रंगदारी
समझौते के परिणाम दूरगामी होंगे
रण सिंह चट्ठा ने कहा कि इस समझौते के प्रभाव दूरगामी होंगे और इसका सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्री और आईटी सेल इस मुद्दे पर अमेरिका के पक्ष में प्रचार कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं।
ब्लॉक प्रधान केवल सिंह जवंधा ने कहा कि लोग यह न समझें कि यह केवल किसानों का मुद्दा है। उनका कहना था कि यदि कृषि और खाद्य सुरक्षा प्रभावित होती है तो इसका असर हर उस व्यक्ति पर पड़ेगा जो अनाज खाता है।
यह भी पढ़ें- कपूरथला में महाशिवरात्रि मेले का भव्य शुभारंभ, भक्तों ने किया भोलेनाथ का गुणगान
बड़ी गिनती में पहुंचे किसान नेता
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समझौते को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान कश्मीर सिंह उगराहां, दलेल सिंह चट्ठा, हरी सिंह चट्ठा, हरबंस सिंह खडियाल, हरजिंदर सिंह महला, करम सिंह नमोल, कुलदीप सिंह छाजला, जग्गी सिंह गंधुआं, मलकीत सिंह गंधुआं, गुरमेल सिंह शाहपुर कलां, जगतार सिंह कनकवाल भंगुआं, नसीब सिंह जखेपाल, भगवंत सिंह मैदेवास और अमनदीप सिंह शेरों सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।