जन्माष्टमी पर शनि के वक्री गोचर से पलट सकती है इन 5 राशियों की किस्मत, क्या आप भी हैं इसमें शामिल?
4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी पर शनिदेव मीन राशि में वक्री होंगे, जिससे मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक और कुंभ राशि ...और पढ़ें
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कैसा रहेगा शनि की उल्टी चाल का प्रभाव (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
जन्माष्टमी 2026 पर शनिदेव मीन राशि में वक्री होंगे।
मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, कुंभ पर विशेष प्रभाव पड़ेगा।
पुराने कार्यों को सुधारने और अनुशासित होने का अवसर।
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। 4 सितंबर 2026 को देश भर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami 2026) का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस खास दिन पर न्याय के देवता शनिदेव मीन राशि में उल्टी चाल से गोचर कर रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को कर्म, अनुशासन, जिम्मेदारी, न्याय, कड़ी मेहनत, सब्र और निरंतर प्रयास का कारक माना गया है।
शनिदेव की उल्टी चाल पुराने बाकी पड़े कामों, पुराने फैसलों और जिम्मेदारियों को फिर से सुधारने का मौका देती है। जन्माष्टमी का दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ा है और इसका बहुत गहरा धार्मिक महत्व है। इस अवसर पर ग्रहों का यह प्रभाव कुछ राशियों को अपने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में अधिक अनुशासित, जिम्मेदार और धैर्यवान बनने की सीख देता है।
किन राशियों पर रहेगा शनिदेव का मुख्य प्रभाव?
1. मेष राशि:
आपकी राशि से 12वें भाव में शनिदेव उल्टी चाल से चल रहे हैं। इस समय आपके खर्चे, दूर की यात्राएं और मानसिक स्थिति पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होगी। कुछ पुरानी लेन-देन और बाकी पड़ी जिम्मेदारियां फिर से सामने आ सकती हैं। बिना सोचे-समझे फैसले लेने से बचें। जल्दबाजी में पैसे खर्च करने या बिना योजना के निवेश करने में थोड़ी सावधानी बरतें।
उपाय: जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करें और किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं।
2. कर्क राशि:
आपकी राशि से 9वें भाव में शनिदेव की उल्टी चाल रहेगी। पढ़ाई, लंबी यात्राओं, पिता, गुरु और भाग्य से जुड़े कामों में थोड़ा समय लग सकता है। निराश होने के बजाय इस समय का उपयोग अपने ज्ञान को बढ़ाने और पुरानी सीख का उपयोग करने में करें। अपने बड़े-बुजुर्गों या गुरुओं से बातचीत में विनम्रता बनाए रखें।
उपाय: जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी के पत्ते चढ़ाएं।
3. सिंह राशि:
आपकी राशि से 8वें भाव में शनिदेव की स्थिति रहेगी। यह समय बदलाव, साझे के धन और मानसिक स्थिति पर ध्यान देने का संकेत दे रहा है। अपने आर्थिक मामलों की जांच करें। किसी भी बड़े कागजात पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ लें। उधारी और निवेश से जुड़े मामलों में पूरी सावधानी रखें।
उपाय: शनिदेव के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाएं और कृष्ण मंत्र का जाप करें।
4. वृश्चिक राशि:
आपकी राशि से 5वें भाव में शनिदेव विराजमान रहेंगे। यह स्थिति पढ़ाई, बच्चों, प्रेम संबंधों और निवेश के क्षेत्रों को प्रभावित करती है। आपकी योजनाओं के परिणाम आने में थोड़ा समय लग सकता है। भावनाओं में आकर निवेश या रिश्तों से जुड़ा कोई बड़ा फैसला न लें। समझदारी से लिया गया फैसला ही फायदेमंद रहेगा।
उपाय: जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगाएं।
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5. कुंभ राशि:
शनिदेव आपकी राशि के स्वामी होकर 2रे भाव में उल्टी चाल से चल रहे हैं। इससे परिवार, बचत, वाणी और आर्थिक स्थिरता पर असर रहेगा। आपकी मेहनत से आर्थिक स्थिति सुधरेगी, लेकिन नतीजे धीरे-धीरे मिलेंगे। परिवार में बातचीत के दौरान मीठे शब्दों का प्रयोग करें। बेवजह के खर्चों और आपसी बातचीत में कड़वाहट से बचें।
उपाय: शनिवार के दिन काले तिल या भोजन का दान करें और भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करें।
शनिदेव के प्रभाव को अनुकूल बनाने के लिए जन्माष्टमी पर करें ये काम:
- पूरी श्रद्धा के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करें।
- भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी के पत्ते अर्पित करें।
- किसी जरूरतमंद इंसान को पेट भरकर भोजन कराएं।
- शनिवार के दिन काले तिल या सरसों के तेल का दान करें।
- अपने से बड़े-बुजुर्गों और मेहनत करने वाले लोगों का आदर-सत्कार करें।
- किसी के साथ गलत करने, बेईमानी करने या कटु शब्द बोलने से बचें।
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लेखक: श्री आनंद सागर पाठक, astropatri.com, फीडबैक के लिए लिखें: hello@astropatri.com
