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सावन विशेष: शिवलिंग पर चढ़ाई गई सामग्री का बाद में क्या करें? जानें विसर्जन के सही नियम

Published: Mon, 03 Aug 2026 08:00 AM (IST)

सावन में शिवलिंग पर अर्पित की गई सामग्री, जिसे निर्माल्य कहते हैं, का सही निपटान महत्वपूर्ण है। ज्योतिषी से जानिए इसे निपटारा करने का सही तरीका?

सावन में शिव को चढ़ाई गई चीजों का बाद में क्या करें? (Picture Credits- AI Image)

सावन में शिव को चढ़ाई गई चीजों का बाद में क्या करें? (Picture Credits- AI Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। श्रावण मास में भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पूजा- पाठ करने के साथ जलाभिषेक,रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान का सहारा लेते हैं। इस दौरान भक्त उन्हें दूध, बेलपत्र, धतूरा और फूल भी अर्पित करते हैं। हिंदू शास्त्रों में शिवलिंग पर अर्पण की जाने वाली वस्तुओं को 'निर्माल्य' कहा जाता है।

शिव पुराण के मुताबिक, शिवलिंग से छूने वाली प्रत्येक वस्तुओं पर भगवान शिव के गण चंडेश्वर का अधिकार माना जाता है, इस वजह से इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने से बचा जाता है। आइए एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी से जानते हैं सावन में शिवलिंग पर अर्पित की जाने वाली वस्तुओं का बाद में क्या करना चाहिए?

एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषियों के अनुसार, शिवजी को अर्पित की गई सामग्री जैसे जल, दूध, बेलपत्र, फूल, धतूरा आदि को निर्माल्या कहा जाता है। इस पवित्र सामग्री को कभी भी सामान्य कचरे में नहीं फेंकना चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त नहीं होती है। इसके अलावा पूजा का फल भी निष्फल हो जाता है।

निर्माल्या के उपयोग और विसर्जन के सही तरीके

सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान चढ़ाई गई सामग्री को सही विधि से निपटाने के लिए धार्मिक नियमों का पालन करना चाहिए। निर्माल्य का निपटारा करने के लिए तीन चीजों का खास तौर पर ध्यान रखें।

पेड़ की जड़ में अर्पित करना
पूजा के बाद बेलपत्र, फूल आदि को साफ पानी में विसर्जित करें या किसी बेल अथवा पीपल के पेड़ की जड़ में दबा दें।

जैविक खाद बनाना
निर्माल्य का निपटारा करने का सबसे उत्तम तरीका यह है कि इन सभी प्राकृतिक चीजों को मिट्टी के एक गड्ढे में डालकर जैविक खाद बना लें। यह एक उत्तम और सही तरीका माना जाता है।

पवित्र जल का छिड़काव
शिवलिंग पर चढ़े जल या गंगाजल को घर में छिड़कने से घर की नकारात्मकता समाप्त होती है।

शिवलिंग के स्पर्श के बाद प्रत्येक वस्तु पवित्र और शुद्ध हो जाती है। ऐसे में अगर आप निर्माल्य का अपमान करते हैं या उसे सामान्य कचरे में फेंक देते हैं, तो इसे निर्माल्य का अपमान माना जाता है। इसलिए अगली बार जब भी आप निर्माल्य का निपटारा करें, तो इन नियमों का खास ध्यान रखें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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