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    Chaitra Navratri 2026 Day 4: मां कूष्मांडा की पूजा में जरूर करें ये आरती, बरसेगी असीम कृपा

    Updated: Sun, 22 Mar 2026 09:11 AM (IST)

    चैत्र नवरात्र के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा (Maa Kushmanda puja) की जाती है, जो आज यानी 22 मार्च को की जाएगी। ...और पढ़ें

    Maa Kushmanda Ki Aarti

    Maa Kushmanda Ki Aarti

    HighLights

    1. नवरात्र के 9 दिन की जाती है देवी की आराधना

    2. नवरात्र के चौथे दिन होती है मां कुष्मांडा की पूजा

    3. मिलता है स्वास्थ्य और दीर्घायु का आशीर्वाद

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। चैत्र नवरात्र का चौथा मां कूष्मांडा को समर्पित है। इस दिन व्रत करने और श्रद्धा भाव से देवी मां की पूजा-अर्चना करने से साधक को आरोग्य स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्राप्ति होती है, साथ ही यश और बल में वृद्धि होती है। ऐसे में मां कूष्मांडा की पूजा के दौरान उनकी आरती भी जरुर करें, ताकि आपको पूजा का पूर्ण फल मिल सकता है।

    मां कूष्मांडा आरती (Maa Kushmanda Devi Ki Aarti)

    कूष्मांडा जय जग सुखदानी।

    मुझ पर दया करो महारानी॥

    पिगंला ज्वालामुखी निराली।

    शाकंबरी माँ भोली भाली॥

    लाखों नाम निराले तेरे ।

    भक्त कई मतवाले तेरे॥

    भीमा पर्वत पर है डेरा।

    स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥

    सबकी सुनती हो जगदंबे।

    सुख पहुँचती हो माँ अंबे॥

    तेरे दर्शन का मैं प्यासा।

    पूर्ण कर दो मेरी आशा॥

    माँ के मन में ममता भारी।

    क्यों ना सुनेगी अरज हमारी॥

    तेरे दर पर किया है डेरा।

    दूर करो माँ संकट मेरा॥

    मेरे कारज पूरे कर दो।

    मेरे तुम भंडारे भर दो॥

    तेरा दास तुझे ही ध्याए।

    भक्त तेरे दर शीश झुकाए॥

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    (Picture Credit: Freepik)

    मां कुष्मांडा के मंत्र (Maa Kushmanda Ke Mantra)

    1. मूल मंत्र: -

    ॐ देवी कुष्माण्डायै नमः

    2. बीज मंत्र: -

    ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्माण्डायै नमः

    3. स्तुति मंत्र: -

    सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥

    4. ध्यान मंत्र: -

    वन्दे वांछित कामर्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्।
    सिंहरूढ़ा अष्टभुजा कूष्मांडा यशस्वनीम्॥

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    (Picture Credit: Freepik)

    जरूर करें ये काम

    मां कूष्मांडा की पूजा में उन्हें हरे रंग के वस्त्र और हरी चूड़ियां अर्पित करें, क्योंकि हरे रंग की वस्तुएं मां कूष्मांडा की प्रिय मानी गई हैं। इसके साथ ही माता रानी को मालपुआ का भोग भी जरूर लगाएं। मां कुष्मांडा की कृपा पाने के लिए नवरात्र के चौथे दिन दिन एक पूरे पेठे का दान करें। माना जाता है कि यह दान सभी कष्टों को दूर करता है।

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