Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Chaitra Navratri 2026 4 Day: नवरात्र के चौथे दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां, रूठ सकती हैं मां कुष्मांडा

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 03:09 PM (IST)

    चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2026) का चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित है, जो तपस्या और शुभ आचरण का प्रतीक हैं। ...और पढ़ें

    Chaitra Navratri 2026 4 Day: नवरात्र के चौथे दिन के नियम। (Ai Generated Image)

    Chaitra Navratri 2026 4 Day: नवरात्र के चौथे दिन के नियम। (Ai Generated Image)

    HighLights

    1. आज चैत्र नवरात्र का चौथा दिन है

    2. इस दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है

    3. नवरात्र के चौथे दिन को लेकर कई सारे नियम बनाए गए हैं

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Chaitra Navratri 4 Day 2026: चैत्र नवरात्र का चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि देवी कूष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से ही इस ब्रह्मांड की रचना की थी। वहीं, नवरात्र के चौथे दिन को लेकर कई सारे नियम बनाए गए हैं, जिनके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। आइए उन नियमों को जानते हैं।

    Chaitra Navratri 2026 4 Day RUES

    Ai Generated Image

    क्या करें? (Chaitra Navratri 2026 4 Day Dos)

    मां कूष्मांडा को पेठा बेहद प्रिय है। इस दिन मां को पेठा का भोग लगाने से लंबी आयु और सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
    मां कूष्मांडा को सादगी पसंद है। इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
    पूजा के समय इस मंत्र "ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥" का 108 बार जाप करें।
    मां दुर्गा का यह स्वरूप भक्तों को रोग, शोक और दरिद्रता से मुक्ति दिलाने में मदद करता है।

    क्या न करें? (Chaitra Navratri 2026 4 Day Donts)

    • नवरात्र के चौथे दिन तामसिक भोजन जैसे कि प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा का सेवन करने से बचें। इस दिन आप व्रत नहीं भी रख रहे हैं, तो भी सात्विक भोजन ही करें।
    • शास्त्रों के अनुसार, नवरात्र के नौ दिनों तक बाल, दाढ़ी और नाखून काटना अशुभ माना जाता है।
    • इस दिन घर में क्लेश न करें और न ही किसी को अपशब्द बोलें। मां कूष्मांडा की पूजा संयम सिखाती है, इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें।
    • पूजा के समय या मंदिर जाते समय चमड़े की बेल्ट, पर्स या जूते-चप्पल का उपयोग करने से बचें।

    पूजन मंत्र (Puja Mantra)

    • ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥
    • या देवी सर्वभू‍तेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
    • वन्दे वांछित कामर्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्। सिंहरूढ़ा अष्टभुजा कूष्मांडा यशस्वनीम्॥
    • सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥

    यह भी पढ़ें- चैत्र नवरात्र 2026: मां दुर्गा को भूलकर भी न चढ़ाएं ये फल, पढ़ें पूजा और भोग से जुड़े जरूरी नियम

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

    खबरें और भी