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    Falgun Amavasya 2026: कब है फाल्गुन अमावस्या? यहां पता करें तिथि और शुभ मुहूर्त

    Updated: Sun, 25 Jan 2026 05:35 PM (GMT+05:30)

    कुछ दिनों में फाल्गुन की शुरुआत होने वाली है। इस माह में लोगों में होली का उत्साह देखने को मिलता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस माह में फाल्गुन अमावस् ...और पढ़ें

    Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या का धार्मिक महत्व (Image Source: AI-Generated)

    Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या का धार्मिक महत्व (Image Source: AI-Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धार्मिक मान्यता के अनुसार, फाल्गुन अमावस्या के दिन पितरों का निमित्त तर्पण और श्राद्ध करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। साथ ही उनकी कृपा साधक पर बनी रहती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन दान करने से पितरों को तृप्त होते हैं। ऐसे में आइए जानत हैं कि फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya 2026) की तिथि और शुभ मुहर्त के बारे में।

    फाल्गुन अमवस्या 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Falgun Amavasya 2026 Date and Shubh Muhurat)

    पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह अमावस्या तिथि की शुरुआत 16 फरवरी 05 बजकर 34 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 17 फरवरी को शाम को 05 बजकर 30 मिनट पर होगा। ऐसे में 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या मनाई जाएगी।

    सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 58 मिनट पर
    सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 13 मिनट पर
    चन्द्रोदय- नहीं
    चन्द्रास्त- शाम 06 बजकर 10 मिनट पर

    ब्रह्म मुहूर्त- 05 बजकर 16 मिनट से 06 बजकर 07 मिनट तक
    अमृत काल - सुबह 10 बजाकर 39 मिनट से दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक
    विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 28 मिनट से 03 बजकर 13 मिनट तक
    गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 10 मिनट से 06 बजकर 36 मिनट तक

    Falgun Amavasya 2026 (1)

     (Image Source: AI-Generated)

    फाल्गुन अमावस्या के दिन क्या करें?

    • फाल्गुन अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें। इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा से कारोबार में वृद्धि होती है। साथ ही नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
    • इसके अलावा पूर्वजों का तर्पण करना चाहिए। इससे जातक को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। पितृ दोष दूर होता है।
    • अन्न और काले तिल का दान जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि फाल्गुन अमावस्या के दिन दान करने से जीवन में कोई कमी नहीं होती है और अन्न-धन के भंडार भरे रहते हैं। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा का विधान है। पेड़ के पास तेल का दीपक जलाएं। इससे शनि दोष दूर होता है।

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