गरुड़ पुराण: मृत्यु के ठीक बाद आत्मा के साथ क्या होता है? यहां पढ़ें यमलोक का पूरा सच
गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा का विस्तृत वर्णन किया गया है, जिसमें यमदूतों का आगमन और यमलोक की यात्रा शामिल है। यह आत्मा के 13 ...और पढ़ें
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गरुड़ पुराण: मौत के ठीक बाद क्या होता है? (AI-Generated Image)
HighLights
मृत्यु के बाद यमदूतों का आगमन और प्राणों का निकलना।
आत्मा की यमलोक तक की यात्रा और 13 दिनों का भटकाव।
वैतरणी नदी पार कर कर्मों के अनुसार न्याय मिलना।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में गरुड़ पुराण को अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। इसमें मृत्यु और उसके बाद की यात्रा के बारे में वर्णन किया गया है। गरुड़ पुराण में बताया गया है कि मृत्यु के ठीक बाद आत्मा के साथ क्या-क्या होता है। क्या आप जानते हैं कि मृत्यु के बाद आत्मा के साथ कौन-सा विशेष क्रम शुरू होता है। अगर नहीं पता, तो ऐसे में आइए जानते हैं गरुड़ पुराण से जुड़े रहस्य के बारे में।
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1. यमदूतों का आगमन और प्राण निकलना- गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जब इंसान का अंतिम समय नजदीक आता है, तो उसके बोलने की क्षमता खत्म हो जाती है। मृत्यु के ठीक बाद उसको लेने के लिए यम के दूत आते हैं। जिन लोगों ने जीवन के दौरान अच्छे कर्म किए होते हैं, तो उनके प्राण आसानी से निकलते हैं, लेकिन बुरे कर्म करने वाले लोगों को अंतिम समय में कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है।
2. यमलोक की यात्रा- मृत्यु के ठीक बाद यमदूत आत्मा को यमलोक लेकर जाते हैं। इस यात्रा के समय यमदूत जिन लोगों ने पाप किए होते हैं, तो उन्हें डराते हैं और उनके बुरे कर्मों की याद दिलाते हैं। यमलोक में आत्मा को यमराज के सामने पेश किया जाता है। वहां पर आत्मा के पूरे जीवन का लेखा-जोखा बताया जाता है। इसके बाद यमदूत उस आत्मा को उसी के घर छोड़ जाते हैं, जिस स्थान पर उसकी मृत्यु हुई थी
3. 13 दिनों का भटकाव- मृत्यु के 13 तक आत्मा घर और परिजनों के आसपास ही रहती है। इन 13 दिनों तक परिवार के लोग उस आत्मा के लिए भोजन रखते हैं।
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4. यमलोक की अंतिम यात्रा- तेरहवीं होने के बाद यम के दूत उस आत्मा को लेने आते हैं। इसी यात्रा में वैतरणी नदी भी आती है।
5.वैतरणी नदी- यमलोक की यात्रा के दौरान एक वैतरणी नाम की नदी पड़ती है। पापी लोगों को इस नदी में भारी कष्ट और पीड़ा होती है, लेकिन अच्छे कर्म करने वाले लोग को वैतरणी को आसानी से पार कर लेते हैं।
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6. कर्मों के अनुसार सजा- वैतरणी नदी को पार करने के बाद उस आत्मा को उसके कर्मों के अनुसार सजा दी जाती है और उसे फिर से नया जन्म मिलता है।
गरुड़ पुराण में मिलता है वर्णन
मृत्यु और उसके बाद की घटनाओं का वर्णन गरुड़ पुराण के उत्तर खण्ड मिलता है। इसे प्रेत खण्ड के नाम से भी जाना जाता है।
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