गृह प्रवेश: नवग्रह और वास्तु शांति पूजा न करने से मिलेंगे भयंकर परिणाम, जान लें क्यों है ये जरूरी
गृह प्रवेश से पहले नवग्रह और वास्तु शांति पूजा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह परिवार में सुख-शांति, आर्थिक समृद्धि बनाए रखने और वास्तु दोषों को दूर करन ...और पढ़ें

नवग्रह पूजा का धार्मिक महत्व (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। किसी भी नए काम की शुरुआत करने से पहले पूजा-पाठ किया जाता है। इससे काम में कोई भी रुकावट नहीं आती है और काम से सफलता मिलती है। इसी तरह से गृह प्रवेश से पहले नवग्रह और वास्तु शांति पूजा करने का विधान है।
इससे परिवार के सदस्यों को नौ ग्रहों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख, शांति बनी रहती है। इसलिए गृह प्रवेश से पहले नवग्रह शांति और वास्तु शांति पूजा कराना जरूरी माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं नवग्रह शांति और वास्तु शांति क्यों कराई जाती है।
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क्यों की जाती है नवग्रह पूजा?
ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है। सूर्य, मंगल, राहु, केतु, गुरु, शुक, चंद्र, बुध और शनि ब्रह्मांड के नौ ग्रह हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नौ ग्रह व्यक्ति के जीवन, स्वास्थ्य और भाग्य पर गहरा असर डालते हैं। अगर आपके परिवार में किसी की कुंडली में कोई अशुभ प्रभाव है, तो इसलिए नवग्रह पूजा की पूजा जाती है, जिससे ग्रह शांत होते हैं।
गृह प्रवेश से पहले नौ ग्रहों का आशीर्वाद लिया जाता है। इससे परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य अच्छा और आर्थिक समृद्धि बनी रहे। साथ ही नवग्रह पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। यह पूजा एक आध्यात्मिक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। इससे लोगों की कुंडली में ग्रहों की स्थिति अनुकूल होती है और उन पर 9 ग्रहों की कृपा बरसती है।
वास्तु शांति पूजा क्यों जरूरी है?
ग्रह प्रवेश से पहले वास्तु शांति पूजा करने का विधान है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर घर को बनवाते समय दिशाओं, कमरों की बनावट या जमीन से जुड़ी कोई गलती हो गई है, जिससे वास्तु दोष उत्पन्न होता है। ऐसे में वास्तु शांति पूजा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और वास्तु दोष दूर होता है। इसके अलावा घर का वातावरण की शुद्ध करने में वास्तु शांति पूजा मदद करती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मत्स्य पुराण में गृह प्रवेश के बारे में विस्तार से बताया गया है।
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इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- नवग्रह पूजा करते समय पूर्व या फिर उत्तर दिशा की तरफ आपका मुंह होना चाहिए।
- सबसे पहले भगवान गणेश की आराधना करनी चाहिए।
- नवग्रह स्तोत्र या सभी नौ ग्रहों के बीज मंत्रों का जाप करना करना चाहिए। ऐसा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
- इस दौरान किसी के बारे में गलत न सोचें और काले रंग के कपड़े धारण न करें।
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