नौतपा 2026: 25 मई से बरसेगी आग! क्यों ये 9 दिन होते हैं सबसे ज्यादा गर्म?
25 मई से शुरू हो रहे हैं गर्मी के सबसे भीषण 9 दिन। जानिए क्यों नौतपा का तपना अच्छी बारिश ...और पढ़ें

नौतपा के 9 दिन क्यों होते हैं सबसे गर्म? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अभी मई का महीना पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है और सूरज ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जून और जुलाई की तपिश अभी बाकी है, लेकिन उससे पहले हमें 'नौतपा' की भीषण गर्मी का सामना करना होगा।
साल 2026 में 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो रही है। ये वो 9 दिन होते हैं जब गर्मी अपने चरम पर होती है और लू का प्रकोप सबसे ज्यादा रहता है।
क्या होता है नौतपा?
नौतपा का सीधा संबंध ज्योतिष और सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन से है। जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो वे वहां कुल 15 दिनों तक रहते हैं। इन 15 दिनों में से शुरुआती 9 दिनों को 'नौतपा' कहा जाता है। इस दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी पर एकदम सीधी पड़ती हैं, जिससे तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
नौतपा 2026 की तारीखें
पंचांग के अनुसार, इस साल 25 मई 2026 से लेकर 2 जून 2026 तक सूर्य वृषभ राशि में रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे। इन 9 दिनों तक भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी। ज्योतिष के अनुसार, 10वें दिन से सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी बढ़ने लगती है, जिससे तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने लगती है।
अच्छी बारिश का संकेत है नौतपा
नौतपा का तपना सिर्फ परेशानी ही नहीं, बल्कि एक शुभ संकेत भी है। पुरानी कहावत है- "तपै नवतपा नव दिन जोय, तौ पुन बरखा पूरन होय"। इसका अर्थ है कि नौतपा के इन 9 दिनों में जितनी अधिक गर्मी पड़ेगी, आने वाले मानसून में उतनी ही शानदार बारिश होगी। खेती-किसानी के लिए नौतपा का तपना बहुत जरूरी माना जाता है।

(Image Source: AI-Generated)
सूर्य देव को प्रसन्न करने के उपाय
भीषण गर्मी के इस समय में सूर्य के कुप्रभावों से बचने और उनकी कृपा पाने के लिए ये कार्य करें:
अर्घ्य देना: रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।
दान का महत्व: इन दिनों में पानी, गुड़, घी, गेहूं और लाल कपड़े का दान गरीबों को करना बेहद शुभ होता है।
मंत्र जप: 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करें या सूर्य गायत्री मंत्र का जाप करें।
परोपकार: प्यासे लोगों और पशु-पक्षियों के लिए पानी का इंतजाम करना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है।
यह भी पढ़ें- गर्मी का होने वाला है वार, माह भर के बाद नौतपा का ताप सहने के लिए हो जाएं तैयार
यह भी पढ़ें- नौतपा 2026: इस दिन सूर्य करेंगे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश; इन 9 दिनों में क्या करें, क्या नहीं?
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।