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    Paush Purnima 2026 Date: 02 या 03 जनवरी, कब है पौष पूर्णिमा? पढ़ें तिथि और पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त

    Updated: Mon, 22 Dec 2025 05:45 PM (GMT+05:30)

    पूर्णिमा तिथि पर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही पवित्र नदी में स्नान भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अ ...और पढ़ें

    Paush Purnima 2026: पूर्णिमा के दिन कैसे करें मां लक्ष्मी को प्रसन्न (Image Source: AI-Generated)

    Paush Purnima 2026: पूर्णिमा के दिन कैसे करें मां लक्ष्मी को प्रसन्न (Image Source: AI-Generated)

    HighLights

    1. पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा होती है

    2. सुबह पवित्र नदी में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है

    3. पूर्णिमा व्रत करने से साधक को शुभ फल मिलता है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्णिमा के दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करने से साधक का जीवन खुशियों से भर जाता है। साथ ही अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं और साधक को जीवन में किसी भी चीज की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और अन्न-धन से भंडार भरे रहते हैं।

    वहीं, अब कुछ ही दिनों में नए साल की शुरुआत होने जा रही है, तो ऐसे में चलिए जानते हैं साल 2026 की पहली पूर्णिमा (Paush Purnima 2026) की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में।

    Paush Purnima 2026 (1)

    (Image Source: AI-Generated)

    पौष पूर्णिमा 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Paush Purnima 2026 Date and Shubh Muhurat)


    वैदिक पंचांग के अनुसार, पौष पूर्णिमा (Kab Hai Paush Purnima 2026) तिथि 02 जनवरी को शाम 06 बजकर 53 मिनट से शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 03 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में पौष पूर्णिमा 03 जनवरी को मनाई जाएगी।

    सूर्योदय और चन्द्रोदय का समय

    सूर्योदय- सुबह 07 बजकर 14 मिनट पर
    सूर्यास्त- शाम 05 बजकर 37 मिनट पर
    चन्द्रोदय- शाम 05 बजकर 28 मिनट पर
    चन्द्रास्त- कोई नहीं

    शुभ समय

    ब्रह्म मुहूर्त- 05 बजकर 25 मिनट से 06 बजकर 20 मिनट पर
    अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट पर
    गोधूलि मुहूर्त- दोपहर 05 बजकर 34 मिनट से 06 बजकर 02 मिनट पर
    विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 09 मिनट से 02 बजकर 51 मिनट पर

    पौष पूर्णिमा के करें इन चीजों का दान

    सनातन धर्म में पूर्णिमा के दिन दान करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पौष पूर्णिमा के दिन पूजा-अर्चना करने के बाद मंदिर या गरीब लोगों में अन्न, धन और कपड़े समेत आदि चीजों का दान करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और धन लाभ के योग बनते हैं। साथ ही सफेद चीजों का दान करने से साधक को तनाव की समस्या से छुटकारा मिलता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

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    जरूर करें दीपदान

    पौष पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद दीपदान करें। ऐसा माना जाता है कि पौष पूर्णिमा के दिन दीपदान करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है और पापों का नाश होता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।