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हस्‍तरेखा शास्‍त्र : हथेली पर त्रिशूल का निशान क्यों माना जाता है खास? पढ़ें ऐसे लोगों के व्यक्तित्व से जुड़े संकेत

Updated: Wed, 26 Aug 2026 08:34 PM (IST)

हस्तरेखा शास्त्र में हथेली पर त्रिशूल का निशान बेहद शुभ माना जाता है, जो आध्यात्मिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का ...और पढ़ें

हथेली पर त्रिशूल का निशान। (Picture Credit- AI Generated)

हथेली पर त्रिशूल का निशान। (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. हथेली पर त्रिशूल का निशान बेहद शुभ माना जाता है।

  2. यह धन, सफलता और मान-सम्मान का प्रतीक है।

  3. विभिन्न पर्वतों पर इसके अलग-अलग मायने हैं।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हस्तरेखा शास्त्र में हथेली पर बने त्रिशूल के निशान को काफी खास माना जाता है। मान्यता है कि हथेली पर स्पष्ट त्रिशूल का चिह्न होना बेहद शुभ संकेत होता है। त्रिशूल भगवान शिव का प्रमुख अस्त्र माना जाता है, इसलिए इसे आध्यात्मिक शक्ति, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है। चलिए हम आपको हथेली पर इस चिह्न के बनने से मिलने वाले संकेतों के बारे में बताते हैं।

धन और सफलता का संकेत

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हथेली पर स्पष्ट और सही आकार का त्रिशूल व्यक्ति के लिए सफलता और मान-सम्मान मिलने का संकेत माना जा सकता है। ऐसे लोगों में आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति मजबूत होती है। अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और सही फैसलों के कारण ये जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करते हैं।

सूर्य पर्वत पर त्रिशूल

अगर त्रिशूल का निशान अनामिका उंगली के नीचे स्थित सूर्य पर्वत पर दिखाई देता है, तो इसे शुभ माना जाता है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, ऐसा चिह्न व्यक्ति को यश, प्रसिद्धि और सम्मान दिला सकता है। ऐसे व्यक्ति को अपने काम के क्षेत्र में पहचान मिलने और आर्थिक स्थिति मजबूत होने का संकेत माना जाता है।

भाग्य रेखा या शनि पर्वत पर त्रिशूल

यदि भाग्य रेखा के अंत में या शनि पर्वत पर त्रिशूल जैसा निशान बनता है, तो इसे भी शुभ संकेत माना जाता है। ऐसी हथेली वाले व्यक्ति के लिए कहा जाता है कि उसे करियर में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। वह बड़ा अधिकारी, सफल कारोबारी बन सकता है। ऐसे लोगों को भाग्य का साथ भी मिलता है।

गुरु पर्वत पर त्रिशूल

तर्जनी उंगली के नीचे स्थित गुरु पर्वत पर त्रिशूल का निशान होने पर व्‍यक्ति अति महत्वाकांक्षी और नेतृत्व क्षमता में बहुत ही माहिर होता है। ऐसे लोग ज्ञान प्राप्त करने में रुचि रखते हैं और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करते हैं। इनमें दूसरों का मार्गदर्शन करने और जिम्मेदारी संभालने की क्षमता भी अच्‍छी होती है।

बुध पर्वत पर त्रिशूल

कनिष्ठिका यानी छोटी उंगली के नीचे बुध पर्वत होता है। यहां त्रिशूल का निशान होने पर व्यक्ति की बातचीत करने की कला और व्यापारिक समझ अच्छी होती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।