माता सीता की पूजा में करना न भूलें ये काम, वरना अधूरी रह जाएगी आपकी आराधना
माता सीता दयालुता की साक्षात मूर्ति हैं, इसलिए सादगी से की गई पूजा भी फलदायी मानी जाती है।

माता सीता की पूजा से मिलेगा अखंड सौभाग्य (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
25 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी सीता नवमी
माता सीता की पूजा में शामिल करें तुलसी दल
अखंड सौभाग्य के लिए अर्पित करें सिंदूर
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल सीता नवमी का पावन पर्व शनिवार, 25 अप्रैल को मनाया जाएगा। शीघ्र विवाह और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस दिन माता सीता और प्रभु श्री राम की संयुक्त रूप से (एक साथ) पूजा की जाती है। आइए जानते हैं माता जानकी की पूजा से जुड़ी अहम बातें, जिनके बिना यह पूजा अधूरी मानी जाती है।
पूजा में शामिल करना न भूलें ये चीजें
चूंकि माता सीता धन की देवी मां लक्ष्मी का ही अवतार हैं, इसलिए उनकी पूजा में इन चीजों का होना जरूरी है -
- माता सीता को कमल या गुड़हल का फूल अत्यंत प्रिय माने गए हैं।
- पूजा में अर्पित करने के लिए पीले रंग के वस्त्र या लाल चुनरी का इस्तेमाल जरूर करें।
- अखंड सौभाग्य के लिए माता को सिंदूर, चूड़ी, बिंदी सहित 16 शृंगार अर्पित करना चाहिए।
- भोग के लिए पूजा में पीले फल, गुड़ या घर में बनी शुद्ध मिठाइयां शामिल कर सकते हैं।
- माता सीता के भोग में तुलसी दल भी जरूर शामिल करना चाहिए।
- पूजा के दौरान गाय के घी का दीपक भी जरूर जलाना चाहिए।
पूजा में जरूर करें ये शुभ कार्य
वैवाहिक जीवन में मधुरता के लिए माता सीता को 16 शृंगार की सामग्री करें और लाल चुनरी जरूर चढ़ाएं। सीता नवमी या किसी भी राम-जानकी पूजा में 'जानकी चालीसा', 'जानकी स्तुति' और 'श्री रामायण जी' का पाठ जरूर करें। इसके बिना आराधना अधूरी मानी जाती है। माता सीता की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए आप सीता नवमी के अवसर पर छोटी कन्याओं को भोजन भी करवा सकते हैं।
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(Picture Credit- AI Generated)
मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद
सीता नवमी की पूजा के समय माता जानकी के माथे पर सिंदूर लगाएं। इसके बाद उसी सिंदूर को प्रसाद स्वरूप अपने माथे (मांग) पर लगाएं। इससे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। इसके साथ ही माता सीता की पूजा में जानकी स्तुति का पाठ भी जरूर करना चाहिए।
इस तरह करें मंत्र जप
पूजा में माता सीता के मंत्रों का जप हमेशा 'तुलसी की माला' से ही करना चाहिए। दांपत्य जीवन में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए आपको 'ॐ पतिव्रतायै नमः' मंत्र का जप करना चाहिए। इसके साथ ही माता जानकी और प्रभु राम की कृपा के लिए "ॐ जानकीवल्लभाय नमः" मंत्र का 108 बार जप करें।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
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