क्या आपके काम भी बार-बार अटक रहे हैं? तो वैशाख अमावस्या पर पितृ दोष शांति के लिए करें इन मंत्रों का जप
अमावस्या तिथि पर विशेष मंत्रों का जप, पवित्र स्नान, श्राद्ध, पिंडदान और दान-पुण्य करने से पितृ दोष से राहत मिलती है। ...और पढ़ें
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पितरों की कृपा के लिए करें इन मंत्रों का जप (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
17 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी वैशाख अमावस्या
पितृ दोष शांति और पितरों की कृपा के लिए करें मंत्र जप
स्नान, श्राद्ध, पिंडदान और दान से पितृ होते हैं प्रसन्न
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार वैशाख अमावस्या शुक्रवार 17 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। यह तिथि पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए विशेष महत्व रखती है। ऐसे में आपको इस दिन पर कुछ खास मंत्रों का जप करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही पितृ दोष से भी राहत मिल सकती है।
पितरों की कृपा प्राप्ति के मंत्र
- ॐ श्री पितराय नमः
- ॐ श्री पितृदेवाय नमः
- ॐ श्री पितृभ्यः नमः
- ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः
- ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः पितृगणाय च नमः
- ॐ श्राध्दाय स्वधा नमः
- ॐ नमः शिवाय
- ॐ श्रीं सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेशं हं हं सुख शांतिम् देहि फट् स्वाहा
- ॐ पितृदेवताभ्यो नमः
- ॐ पितृ गणाय विद्महे जगत धारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्
पितृ गायत्री मंत्र -
देवताभ्यः पितृभ्यश्च महा योगिभ्य एव च ।
नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः ।।
वैशाख अमावस्या के दिन आपको इस मंत्र का जप जरूर करना चाहिए। आप इस मंत्र का एक माला या अधिक जप कर सकते हैं, जिससे पितृ दोष का प्रभाव कम होता है।
इन मंत्रों का जप है प्रभावशाली -
अमावस्या पर आपको भगवान शिव और भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करने से विशेष लाभ मिल सकता है।
1. ॐ नमः शिवाय
2. महामृत्युंजय मंत्र -
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||
3. गायत्री मंत्र -
ॐ भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्यः धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
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(Picture Credit- AI Generated)
अमावस्या पर पितरों की कृपा प्राप्ति के उपाय
पितृ दोष से राहत के लिए अमावस्या तिथि को सबसे उत्तम माना जाता है। इस दिन पर किए गए श्राद्ध, पिंडदान, दान-पुण्य से पितरों की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें। अगर ऐसा न कर सकें, तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
इस दिन जल में काले तिल मिलाकर दक्षिण दिशा की ओर अर्घ्य देने आपको पितृ दोष से राहत मिल सकती है। वहीं इस दिन पर ब्राह्मणों को भोजन करवाना चाहिए और दान-दक्षिणा देकर विदा करें। इसके साथ ही आप पितृ दोष से राहत पाने के लिए गीता का पाठ भी करवा सकते हैं। साथ ही आप इस दिन पर पितृ चालीसा का पाठ करके भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
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