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वैशाख पूर्णिमा 2026: सुख-शांति के लिए करें मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु के शक्तिशाली मंत्रों का जप

Published: Thu, 30 Apr 2026 04:31 PM (IST)

वैशाख पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है, जो इस बार शुक्रवार 1 मई को मनाई जाएगी।

वैशाख पूर्णिमा पर करें भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के मंत्रों का जप

वैशाख पूर्णिमा पर करें भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के मंत्रों का जप

HighLights

  1. 1 मई को मनाई जाएगी वैशाख माह की पूर्णिमा

  2. भगवान विष्णु को पंचामृत, केला, पंजीरी अर्पित करें

  3. मां लक्ष्मी की कृपा के लिए करें कनकधारा स्तोत्र पाठ

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पूर्णिमा तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन भगवान श्रीहरि और धन की देवी माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, शांति और अपार धन की प्राप्ति होती है। पूर्णिमा के दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने के बाद असीम कृपा की प्राप्ति के लिए उनके मंत्रों का जप भी जरूर करें।

कृपा प्राप्ति के लिए करें ये काम

  • पूर्णिमा के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठ जाएं। यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करें। अगर संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा 'गंगाजल' मिलाकर स्नान कर लें।
  • स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें (अर्घ्य दें)। अर्घ्य देते समय "ॐ घृणिः सूर्याय नमः" मंत्र का जाप करें।
  • भगवान विष्णु को पूजा में पंचामृत, केला और पंजीरी का विशेष भोग लगाएं, क्योंकि ये चीजें श्रीहरि को अत्यंत प्रिय हैं। इसके साथ ही मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं।
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(Picture Credit- AI Generated)

माता लक्ष्मी की कृपा के लिए महाउपाय

वैशाख पूर्णिमा के दिन धन की देवी को प्रसन्न करने के लिए 'कनकधारा स्तोत्र' का पाठ जरूर करें। मान्यता है कि इसका पाठ करने से घर की आर्थिक तंगी दूर होती है और लक्ष्मी जी का स्थायी वास होता है। वैशाख पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए 11 कौड़ियों पर हल्दी लगाकर लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दें। इस उपाय को करने से घर में सुख-समृद्धि और धन में वृद्धि होती है।

माता लक्ष्मी के मंत्र

1. मूल मंत्र - ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः

2. धन प्राप्ति मंत्र - ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः

3. महा लक्ष्मी मंत्र -

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः॥

4. लक्ष्मी गायत्री मंत्र - ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि, तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥

5. प्रसिद्ध स्तुति मंत्र - या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

6. लक्ष्मी कुबेर मंत्र - ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥

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(Picture Credit- AI Generated)

भगवान विष्णु के मंत्र

1. विष्णु मूल मंत्र - ॐ नमोः नारायणाय॥

2. विष्णु भगवते वासुदेवाय मंत्र - ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥

3. विष्णु गायत्री मंत्र -

ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

4. मङ्गलम् भगवान विष्णुः मंत्र -

मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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