मृतक के कपड़े क्यों नहीं पहनने चाहिए? गरुड़ पुराण के अनुसार जान लें इसके भयंकर परिणाम
गरुड़ पुराण के अनुसार, मृतक के कपड़े पहनने से आत्मा आकर्षित होती है और उसे परलोक की यात्रा में कष्ट होता है, जिससे पहनने वाले को भी मानसिक परेशानी हो ...और पढ़ें
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मृतक के कपड़ों का क्या करें? (Picture Credit: AI Generated)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण को अधिक महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है। इस धार्मिक ग्रंथ में मृत्यु और उसके बाद आत्मा की यात्रा के बारे में वर्णन किया गया है। गरुड़ पुराण में बताया गया है कि व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी चीजों का क्या करना चाहिए।
कई लोग मृतक व्यक्ति के कपड़ों को पहन लेते हैं, लेकिन गरुड़ पुराण के अनुसार, मृतक के पहने हुए कपड़ों का इस्तेमाल परिवार के सदस्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि मृत्यु के बाद भी आत्मा का अपनी प्रिय चीजों से मोह तुरंत खत्म नहीं होता है। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर क्यों मृत्यु के बाद मृतक के कपड़े क्यों नहीं पहनने चाहिए और उसके कपड़ों का क्या करना चाहिए। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं इसके पीछे की वजह के बारे में।
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(Picture Credit: AI Generated)
मृतक के कपड़े क्यों नहीं पहनने चाहिए?
गरुड़ पुराण के अनुसार, व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके कपड़े पहनने से आत्मा आकर्षित होती है और आत्मा अपने परिवार वालों के आसपास भटकती रहती है। इससे आत्मा को परलोक की यात्रा के दौरान कई तरह के कष्टों का सामना करना पड़ता है और आत्मा मोह माया के बंधन में फंसी रहती है। ऐसा माना जाता है कि मृतक के कपड़े पहनने से व्यक्ति को जीवन में मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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कपड़ों का क्या करें?
व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके कपड़ों को किसी जरूरतमंद, गरीब व्यक्ति या ब्राह्मण को किसी को दान कर देना चाहिए। गरुड़ पुराण में बताया गया है कि व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी चीजों को दान करने से मृतक की आत्मा को शांति प्राप्त होती है और परलोक की यात्रा में उन्हें पुण्य की प्राप्ति होती है। इसलिए मृतक के कपड़ों को दान करना उत्तम माना जाता है।
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मृतक के गहनों का क्या करें?
गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद मृतक के गहनों को शुद्ध करवाकर ही पहनने चाहिए। ऐसा माना जाता है कि गहनों का शुद्धिकरण न करने से मृतक की आत्मा आकर्षित होती है, जिससे आत्मा को परलोक की यात्रा में कष्टों का सामना करना पड़ता है। मृतक के कपड़े और उससे जुड़ी चीजों का इस्तेमाल न करने का वर्णन गरुड़ पुराण में मिलता है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।