पूजा में फूलों का महत्व: किस देवी-देवता को कौन सा फूल चढ़ाने से मिलती है विशेष कृपा?
हिंदू धर्म में पूजा के दौरान फूलों का विशेष महत्व माना गया है। जानिए किस देवी-देवता को कौन सा फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। ...और पढ़ें

देवी-देवताओं को चढ़ाएं उनके प्रिय फूल, पाएं विशेष कृपा और मनचाहा फल । (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ बहुत ही विधि-विधान से किया जाता है। स्नान और ध्यान के मध्य में पूजा को पूर्ण करने के लिए बहुत सारी कडि़यां आती हैं, जिनमें से भगवान पुष्प अर्पित करना भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। हिंदू धर्म के अनुसार भगवान को फूल अर्पित करना भक्ति, श्रद्धा और प्रेम का प्रतीक माना जाता है।
शिव पुराण, स्कंद पुराण और पद्म पुराण के अनुसार अलग-अलग देवी-देवताओं को अलग-अलग प्रकार के फूल प्रिय होते हैं। जहां शिव पुराण में शिव जी को उनके प्रिय पुष्प चढ़ाने की बात लिखी है, वहीं स्कंद पुराण में भगवान विष्णु और पद्म पुराण में माता दुर्गा के प्रिय फूलों का जिक्र मिलता है। तो चलिए जानते हैं कि किस देवी-देवता को कौन से फूल पसंद हैं और पूजा में उन्हें कौन से पुष्प अर्पित करने क्या फल मिलता है।
भगवान गणेश जी को चढ़ाएं लाल फूल
भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता माना जाता है। गणेश जी की पूजा में लाल रंग के फूल विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं। उन्हें लाल गुड़हल का फूल अर्पित किया जा सकता है। इसके अलावा दूर्वा घास श्री गणेश को अति प्रिय है। फूल के साथ यदि उन्हें यह घास भी चढ़ाई जाए, तो इसका बहुत अच्छा फल प्राप्त होता है। गणेश जी को पूजा में फूल अर्पित करने से मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की मान्यता है।
भगवान विष्णु के प्रिय फूल
भगवान विष्णु जगत के पालनहार माने जाते हैं। उनकी पूजा में पवित्र, सुंदर और सुगंधित फूलों का प्रयोग किया जाता है। भगवान विष्णु को तुलसी के साथ मोगरे का फूल और कमल का फूल चढ़ाना चाहिए। कमल के फूल को भगवान श्री हरि विष्णु का बहुत प्रिय माना गया है क्योंकि इसमें देवी लक्ष्मी का निवास स्थान होता है। मान्यता है कि कमल का फूल भगवान विष्णु को अर्पित करने से देवी लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती हैं।
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भगवान शिव को पसंद है ये फूल
भगवान शिव की पूजा में कई प्रकार के फूलों का उपयोग किया जाता है। शिव जी को धतूरे का फल और फूल दोनों ही अर्पित किए जाते हैं। इसके साथ ही आक का फूल और बेलपत्र विशेष रूप से महादेव के प्रिय माने जाते हैं। बेलपत्र भगवान शिव को अर्पित करने की परंपरा बहुत पुरानी है। मान्यता है कि इन फूलों को अर्पित करने से भगवान शिव भक्त पर अपने आशीर्वाद की बारिश कर देते हैं।
माता दुर्गा को प्रिय फूल
माता दुर्गा शक्ति और साहस की देवी मानी जाती हैं। उनकी पूजा में लाल गुड़हल और गुलाब का फूल बहुत शुभ माना जाता है। इसके साथ चमेली और कमल का फूल भी माता दुर्गा को अर्पित किया जाता है। लाल रंग शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, इसलिए भक्त देवी को इसी रंग का फूल सबसे ज्यादा अर्पित करते हैं। इसके अलावा मां दुर्गा का स्वरूप देवी काली को लाल टेसू यानी पलाश का फूल चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि इस एक फूल को कम से कम 3 दिन तक पानी में साफ करके देवी को अर्पित किया जा सकता है।
माता लक्ष्मी को चढ़ाए जाने वाले फूल
माता लक्ष्मी धन, वैभव और सुख-समृद्धि की देवी हैं। उनकी पूजा में कमल का फूल सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा गुलाब और चमेली का फूल भी माता लक्ष्मी को अर्पित किए जाते हैं। माता लक्ष्मी की पूजा में साफ-सफाई और सुगंधित वातावरण का विशेष ध्यान रखा जाता है।
भगवान कृष्ण को प्रिय फूल
भगवान कृष्ण प्रेम, करुणा और भक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। उनकी पूजा में सुगंधित फूलों का प्रयोग किया जाता है। भगवान कृष्ण को मोगरा, चमेली, मालती और कमल के फूल प्रिय माने जाते हैं। इन फूलों की सुगंध पूजा के माहौल को शांत और भक्तिमय बनाती है। भक्त भगवान कृष्ण को फूल अर्पित करके प्रेम और भक्ति का भाव व्यक्त करते हैं।
अतः भगवान को फूल चढ़ाना केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह भक्त और भगवान के बीच प्रेम का माध्यम है।
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