गृह प्रवेश के तुरंत बाद घर को खाली क्यों नहीं छोड़ना चाहिए? वास्तु के नियम यहां जानें
गृह प्रवेश के कई नियम बनाए गए हैं और उनका पालन करने से आपके घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। आइए आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों कहा जाता है कि आ ...और पढ़ें

गृह प्रवेश के बाद घर को खाली छोड़ना क्यों है अशुभ (Picture Credit: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर किसी का सपना होता है कि उसका अपना कोई न कोई घर जरूर हो और इसी सपने को पूरा करने के लिए हम अपना सबकुछ न्योछावर कर देते हैं और अपना घर बनाते हैं। यही नहीं नए घर में पहली बार प्रवेश करना भी किसी रोमांचक सपने से कम नहीं होता है।
न जाने कितने पड़ावों को पीछे छोड़ते हुए सही समय पर और सही तरीके से नए घर में प्रवेश करना वास्तु के अनुरूप माना जाता है। इसी वजह से गृह प्रवेश की परंपराएं और नियम बनाए गए हैं।
ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति वास्तु के नियमों का पालन करते हुए विधि-विधान के साथ गृह प्रवेश करता है उसे नए घर में किसी भी तरह की बाधाएं नहीं आती हैं। ऐसे ही कुछ नियमों से से एक है गृहप्रवेश के बाद घर की खाली क्यों नहीं रखना चाहिए। आइए इसके बारे में जानें यहां विस्तार से।
गृह प्रवेश क्या है और यह क्यों जरूरी माना जाता है?
गृह प्रवेश एक पवित्र रस्म है जो नए घर में रहने से पहले निभाई जाती है। यह परंपरा घर की एनर्जी को एक्टिवेट करती है और नेगेटिविटी को दूर भगाती है।
ऐसा कहा जाता है कि जब भी आप नए घर में प्रवेश करें उससे पहले विधि-विधान के साथ पूजा-पाठ और प्रवेश के नियमों का पालन जरूरी माना जाता है, जिससे आने वाले समय में घर में रखें वालों के जीवन में कोई भी समस्या न आए।
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जब सही इरादे और सही रस्मों के साथ गृह प्रवेश किया जाता है, तो यह आपके नए घर में खुशहाली, सुरक्षा और संतुलन लाने में मदद करता है। गृह प्रवेश में पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश के पांच तत्वों को एक साथ लाया जाता है, जिससे उस घर में रहने वालों की आध्यात्मिक और भौतिक भलाई प्राप्त हो सके।
गृह प्रवेश के बाद घर को खाली क्यों नहीं छोड़ना चाहिए?
गृह प्रवेश के दौरान जो भी पूजा-पाठ और हवन किए जाते हैं उनकी पूर्ण ऊर्जा घर के भीतर ही मौजूद होती है और उसी स्थान अपर स्थिर हो जाती है। ऐसे में जिस दिन गृह प्रवेश होता है उस घर को खाली नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि खाली घर से सकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल सकती है।
वास्तु के अनुसार, यदि पूजा के तुरंत बाद घर को बंद कर दिया जाता है तो घर के भीतर बुरी शक्तियों का प्रभाव बढ़ने लगता है और माता लक्ष्मी भी रूठ सकती हैं। ऐसे में जब आप इस घर में निवास करते हैं तो यह पूर्ण रूप से आपके अनुकूल नहीं हो पाता है और कभी मानसिक तो कभी शारीरिक समस्याएं बनी रहती हैं।
वैसे तो नए घर में आपको गृहप्रवेश की रस्म के बाद कम से तीन दिन निवास करना चाहिए, लेकिन यदि ऐसा संभव न हो तो आप उस पूरी रात अवश्य नए घर में रुकें जिस दिन यह रस्म हुई हो।
गृह प्रवेश के लिए ध्यान रखें ये बातें
- गृह प्रवेश हमेशा सबसे सही तारीख और समय चुनने के बाद वास्तु एक्सपर्ट या ज्योतिषी की सलाह के बाद ही करें।
- गृह प्रवेश से पहले अपने घर के हर कोने को साफ करें और उसे ताजे फूलों और रंगोली से सजाएं। घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाएं।
- अपने घर में पॉजिटिव एनर्जी बनाए रखने के लिए पंडित की उपस्थिति में हवन या पूजा का आयोजन करें।
- घर में पहले दाहिने पैर से प्रवेश करें और हमेशा जोड़े में प्रवेश करें। गृहप्रवेश हमेशा शंखनाद करते हुए तुलसी का पौधा हाथ में लेकर करना चाहिए।
- किसी भी तरह की नेगेटिव एनर्जी को दूर करने के लिए घर के हर कोने में गंगाजल छिड़कें मुख्य द्वार पर नारियल फोड़ें।
- समारोह के बाद रात भर वहीं रुकें। गृह प्रवेश के तुरंत बाद घर खाली छोड़ना शुभ नहीं माना जाता है।
अगर आप भी नए घर में गृह प्रवेश की रस्म निभा रही हैं तो यहां बताई बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
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