विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

माला जपते समय तर्जनी उंगली का इस्तेमाल क्यों है मना? यहां पढ़ें इसका गहरा रहस्य

Published: Sat, 29 Aug 2026 10:12 AM (IST)

हिंदू धर्म में माला जप के दौरान तर्जनी उंगली का प्रयोग वर्जित माना गया है, क्योंकि यह अहंकार का प्रतीक है और जप के मूल उद्देश्य को बाधित करता है।

माला जप के नियम (AI-Generated)

माला जप के नियम (AI-Generated)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में माला जप का अधिक महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधिपूर्वक माला का जप करने से व्यक्ति के जीवन में सदैव सुख-शांति बनी रहती है और ईश्वर की कृपा से जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

माला जप का शुभ फल तभी प्राप्त होता है, जब जप के दौरान नियमों का पालन किया गया हो। माला जपते समय तर्जनी उंगली का प्रयोग भूलकर भी नहीं करना चाहिए। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि माला जपते समय तर्जनी उंगली का इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं इसके पीछे की वजह के बारे में।

माला जप में न करें तर्जनी उंगली का प्रयोग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तर्जनी उंगली को निर्देश देने, चेतावनी देने और अहंकार के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। अगर माला जप के दौरान इस उंगली का प्रयोग किया जाता है, तो साधना का मूल उद्देश्य ही खत्म हो जाता है और जप का फल प्राप्त नहीं होता। ऐसा माना जाता है कि जप के दौरान इस उंगली का प्रयोग करने से पवित्रता खंडित हो सकती है। माला जप के अलावा तर्जनी उंगली का प्रयोग हवन में आहुति देने और तिलक लगाने में भी नहीं करना चाहिए।

किस उंगली से करें माला जप?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माला जप के लिए हमेशा मध्यमा (बीच की) उंगली का प्रयोग करना चाहिए। माना जाता है कि इस उंगली से माला जपने पर साधक को शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं और जीवन में सदैव सुख-शांति बनी रहती है।

माला जप के नियम

  • माला का जप हमेशा दाहिने हाथ से करना चाहिए।
  • जप के दौरान अंगूठे और मध्यमा उंगली का ही प्रयोग करें।
  • जप करते समय माला को जप की थैली (गोमुखी) में ही रखना चाहिए, जिससे जप के दौरान किसी की नजर माला पर न पड़े।
  • माला जप के लिए हमेशा साफ और पवित्र जगह का ही चयन करें।
  • माला जप के लिए आसन पर बैठकर ही करें।
  • जप के दौरान व्यक्ति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए।

खंडित माला से न करें जप

खंडित (टूटी हुई) माला से भूलकर भी जप नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि खंडित माला से जप करने पर शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है। अगर माला खंडित हो गई है, तो उसे किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर दें या फिर पीपल के पेड़ के पास रख दें। इसके बाद नई माला से जप करें।

यह भी पढ़ें- क्या आप भी करते हैं 'ॐ नमः शिवाय' का जप? नोट कर लें महादेव को प्रसन्न करने का 'सीक्रेट' तरीका

यह भी पढ़ें- गोधूलि बेला में भूलकर भी न करें ये 5 काम, मां लक्ष्मी हो सकती हैं नाराज

यह भी पढ़ें- आज से शुरू हुआ भाद्रपद का महीना, ये गलतियां जीवन भर रुलाएंगी, तुरंत पढ़ें नियम और दान

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।