Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    जैन धर्म में नवकार मंत्र को सबसे शक्तिशाली क्यों माना जाता है? पढ़ें इसके जाप के फायदे

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 02:56 PM (IST)

    जैन धर्म में नवकार मंत्र को सबसे शक्तिशाली माना जाता है, जो मन-मस्तिष्क को ऊर्जा और शांति प्रदान करता है। इसके जाप से सभी पापों का नाश होता है और जीवन ...और पढ़ें

    जैन धर्म का सबसे शक्तिशाली नवकार मंत्र: जाप के अद्भुत लाभ (Picture Credit: AI Generated)

    जैन धर्म का सबसे शक्तिशाली नवकार मंत्र: जाप के अद्भुत लाभ (Picture Credit: AI Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जिस प्रकार हिंदू धर्म में मंत्रों का जाप फलदायी माना जाता है, वैसे ही अन्य धर्मों में भी मंत्रोचारण एक ऐसी प्रक्रिया मानी जाती है जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है।

    यही नहीं मंत्रों का सही उच्चारण हमारे मन-मस्तिष्क को ऊर्जा प्रदान करता है और शरीर को भी शक्ति देता है। हिंदू धर्म की ही तरह जैन धर्म में भी कई ऐसे मंत्र हैं जो अत्यंत प्रभावशाली माने हैं और जिनसे मानसिक शुद्धि मिलती है।

    इन्हीं में से एक है 'नवकार मंत्र' जिसे जैन धर्म का सबसे शक्तशाली मंत्र कहा जाता है। नवकार मंत्र को सबसे गहरा और सर्वव्यापी मंत्र कहा जाता है। यह एक ऐसा मंत्र है जो सभी संतों, सिद्धों और ऋषियों के दिव्य गुणों और उपलब्धियों का वर्णन करता है।

    यही नहीं नवकार मंत्र धर्म, जाति और पंथ की सीमाओं से परे है। आइए आपको बताते हैं जैन धर्म के सबसे शक्तिशाली नवकार मंत्र के जाप से होने वाले लाभ क्या हैं।

    नवकार मंत्र क्या है?

    जैन आगम ग्रंथ 'षट्खण्डागम' के मंगलाचरण में सबसे पहले यह मंत्र लिखा हुआ है और सबसे शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। मंत्र इस प्रकार है-

    नवकार मंत्र- 'नमो अरिहंताणं नमो सिद्धाणं नमो आयरियाणं नमो उवज्जायाणम णमो लोए सव्व साहूणम एसो पंच नमुक्कारो सव्व पावप्पणासणों मंगलाणम च सव्वेसिं पढमं हवई मंगलं'

    मंत्र का अर्थ- मैं उस प्रभु को नमन करता हूं, जिसने सभी दुश्मनों का नाश किया है, क्रोध-मान-माया-लोभ, राग-द्वेष, रूपी शत्रुओं का नाश करने वाला यह मंत्र है।

    मैं उन सभी देवों को नमन करता हूं जिन्होंने अंतिम मुक्ति प्राप्त की है। मैं उन आचार्यों को नमस्कार करता हूं जिन्होंने स्वयं आत्मा प्राप्त की है और हमें मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं।

    मैं मोक्ष की राह दिखाने वाले सभी गुरुओं को नमन करता हूं। मैं उन सभी को नमन करता हूं जिन्होंने आत्मा को प्राप्त किया और ब्रह्मांड में इस मार्ग पर आगे बढ़े। जो पांच नमस्कार किए गए हैं उनसे सभी पापों का नाश हो जाए। सभी शुभ मंत्रों में से यह सर्वोत्तम है।

    नवकार मंत्र सबसे शक्तिशाली क्यों है?

    नवकार मंत्र को जैन धर्म का सबसे शक्तिशाली मंत्र इसलिए माना जाता है क्योंकि इसका संदेश बहुत गहरा है और यह सभी के लिए है। इस मंत्र की महिमा के बारे में स्वयं इस मंत्र में ही बताया गया है जो इसे बहुत विशेष स्थान देता है। जो व्यक्ति श्रद्धा, समर्पण और सच्ची भावना के साथ नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करता है उसकी आत्मा और मन की शुद्धि होती है। इस मंत्र को जैन धर्म के लिए सदियों से सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

    खबरें और भी

    नवकार मंत्र का महत्व क्या है?

    जैन धर्म में किसी भी काम की शुरुआत से पहले इस मंत्र का जाप करने से सफलता के योग बनते हैं। इस मंत्र का पाठ सही तरीके से करने और इसके शब्दों का उच्चारण ठीक से करने से मानसिक शांति बनी रहती है। इस मंत्र का जाप सभी चिंताओं को दूर करता है और ऊर्जा का स्रोत बनता है।

    अगर आपके घर में लड़ाई-झगड़े की स्थिति बार-बार आती है तो आपको इस मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए। इस मंत्र की शक्ति इतनी ज्यादा है कि इसका केवल एक बार किया गया पाठ भी विशेष रूप से आपके लिए फलदायी हो सकता है और इसके जाप से जीवन के संघर्षों से बाहर आने में भी मदद मिलती है। इस मंत्र के जाप से व्यक्ति की बड़ी से बड़ी समस्या भी चुटकियों में हल हो जाती है।

    जैन साधुओं से लेकर आम लोगों के लिए भी नवकार मंत्र बहुत खास होता है और इसके उच्चारण को मन और मस्तिष्क को शक्तिशाली बनाने के लिए बहुत खास मंत्र माना जाता है।

    यह भी पढ़ें- क्या जैन धर्म में मृत्यु से पहले ही कर दिया जाता है अंतिम संस्कार? सल्लेखना की अनोखी परंपरा का रहस्य

    यह भी पढ़ें- जैन धर्म की पूजा पद्धति हिंदू मंदिरों से कैसे अलग है, क्या हैं अनोखी परंपराएं?

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।