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    बरेली के नाथ कॉरिडोर पर 'ब्रेक': 54 करोड़ का अंडरपास लखनऊ में अटका, तपेश्वर नाथ मंदिर की राह हुई मुश्किल

    Updated: Wed, 08 Apr 2026 07:51 AM (IST)

    बरेली के नाथ कॉरिडोर में तपेश्वर नाथ मंदिर के लिए प्रस्तावित अंडरपास लखनऊ में अटक गया है। रेलवे ने 54 करोड़ का एस्टीमेट दिया था, जिसे लोक निर्माण विभा ...और पढ़ें

    नाथ कारिडोर

    नाथ कारिडोर

    HighLights

    1. कई महीने मंथन के बाद सहमत हुआ रेलवे, 54 करोड़ का दिया एस्टीमेट

    2. लोक निर्माण विभाग के माध्यम से छह महीने पहले भेजा गया था शासन को

    जागरण संवाददाता, बरेली। योगी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल नाथ कारिडोर में तपेश्वर नाथ मंदिर को जोड़ने के लिए प्रस्तावित अंडरपास राजधानी में अटक गया है। महीनों मशक्कत के बाद रेलवे प्रशासन ने यार्ड से होकर अंडरपास बनाने पर सहमति जताई थी और 54 करोड़ रुपये का एस्टीमेट दिया था, जिसे लोक निर्माण विभाग के माध्यम से शासन को भेजा गया था।

    गुजरे वित्तीय वर्ष में ही मंजूरी देकर बजट आवंटन की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन बजट का आवंटन ही नहीं हो सका। अब यह परियोजना अधर में लटकती दिखाई दे रही है। शहर के अलखनाथ मंदिर, तपेश्वर नाथ मंदिर, धोपेश्वर नाथ मंदिर, त्रिवटीनाथ मंदिर, वनखंडी नाथ मंदिर, पशुपति नाथ मंदिर, मढ़ीनाथ मंदिर को जोड़ने वाले मार्गों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई।

    32.5 किमी के कारिडोर में सात मंदिरों को आपस में जोड़ने के लिए चौड़ीकरण कराया जा चुका है। तपेश्वर नाथ मंदिर तक मार्ग चौड़ीकरण में अंडरपास बनाने के लिए रेलवे की एनओसी नहीं मिल पाने से दो साल पहले तीन करोड़ रुपये सरेंडर भी करने पड़े थे। मंडलायुक्त के हस्तक्षेप के बाद रेलवे प्रशासन ने महीनों मंथन के बाद रेलवे जंक्शन के पूर्वी यार्ड में दोहरा अंडरपास बनवाने पर सहमति दी।

    इसके लिए एस्टीमेट भी उपलब्ध करा दिया। जिस तरह कारिडोर के प्रस्तावों को धड़ाधड़ मंजूरी और बजट का आवंटन किया जा रहा था, उससे लग रहा था कि एस्टीमेट पहुंचते ही मंजूर कर बजट जारी कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। 31 मार्च भी गुजर गई, लेकिन अधिकारी इंतजार ही करते रह गए। बजट कब तक मिलेगा, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।

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    अंडरपास की यह बनी है कार्ययोजना

    जिला प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों ने सर्वे कराकर जो कार्ययोजना तय की है उसमें कारिडोर में कैंट से होते हुए जंक्शन पर पहुंचने पर यात्री प्लेटफार्म के बाहर आने के लिए लगे एस्केलेटर के सामने से बायीं तरफ मुड़कर कर्मचारी यूनियन के कार्यालय, बाइक स्टैंड होते हुए पूर्वी यार्ड पहुंचेंगे। यहीं पर दोहरा अंडरपास निकलेगा। नार्थ कालोनी से साउथ कालोनी होते हुए सुभाष नगर पुलिया तक अंडरपास और सड़क का चौड़ीकरण कराकर तपेश्वर नाथ मंदिर से जोड़ा जाएगा।

     

    नाथ कारिडोर में तपेश्वर नाथ मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण कराने के लिए अंडरपास बनाने का एस्टीमेट रेलवे प्रशासन ने दिया था, जिसे शासन को भेजा जा चुका है। बजट कब तक मिल पाएगा, कुछ नहीं बता सकते। बजट आवंटित होने पर रेलवे को उपलब्ध कराया जाएगा, रेलवे ही निर्माण कराएगा।

    - भगत सिंह, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी


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