Akhilesh Yadav की 'चाय' से चढ़ा सियासत का रंग: जानिए कैसे एक प्याली चाय ने फतेहपुर से लखनऊ तक मचाया सियासी घमासान
अखिलेश यादव की फतेहपुर में एक चाय की दुकान पर चाय पीने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है, जिसमें भाजपा और सपा के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा ...और पढ़ें

HighLights
चाय दुकानदार के समर्थन से सपा अध्यक्ष पिछड़ों पिछड़ों को एकजुट करने के प्रयास में
भाजपा-सपा नेताओं में छिड़ी जंग, मुस्लिम खेमे को आगे लाकर पूर्व मंत्री का पलटवार
भाजपा-सपा में यूपी विधानसभा 2027 चुनाव को लेकर खेमेबंदी तेज हो गई है
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में चाय पर सियासत छिड़ चुकी है। फतेहपुर में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की 'चाय डिप्लोमेसी' अब बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गई है। इस चाय का चटख रंग अब फतेहपुर से लखनऊ तक दिखाई दे रहा है।
चाय दुकानदार आर्यन यादव के समर्थन में अखिलेश के खड़े होने और पूर्व मंत्री रणवेंद्र सिंह धुन्नी के पलटवार ने पिछड़ों और मुस्लिम समाज के बीच खेमेबंदी शुरू कर दी है। पुतला दहन और गंभीर आरोपों के बीच यह मामला अब केवल एक दुकान का नहीं, बल्कि यूपी के आगामी चुनावों के लिए वोट बैंक साधने की जंग बन चुका है।
यहां से हुई शुरुआत
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की 20 फरवरी को फतेहपुर के आर्यन यादव की दुकान पर पी गई चाय ने अब राजनीति का रंग चटख कर दिया है। पहले दुकानदार के यहां खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने छापा मारकर चाय के नमूने भरे व एल्युमिनियम के बर्तनों के प्रयोग पर सुधार की नसीहत दी। फिर मुस्लिम युवकों ने दुकानदार से मारपीट करते हुए उसे सपा का गुंडा बता दिया, लेकिन अब आरोपित लेनदेन का विवाद बता रहे हैं।
चाय दुकानदार को लखनऊ बुलाया
सपा अध्यक्ष ने दुकानदार की पैरवी कर एल्यूमिनियम के बर्तनों में चाय बनाने पर छापेमारी को लेकर सरकार पर तंज कसा। फिर दुकानदार को लखनऊ बुला पीतल के बर्तन दिए। पूरे मामले में भाजपा के पूर्व मंत्री रणवेंद्र सिंह धुन्नी पर साजिश रचने, अवैध खनन कराने, शराब बिकवाने के गंभीर आरोप लगाए।
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फिर हुआ भाजपा का पलटवार
पलटवार में धुन्नी ने कहा- पीडीए की वकालत करने वाले सपा अध्यक्ष अपनी बिरादरी यादव का पक्ष ले रहे हैं, जबकि मुस्लिम को अपना बताने के बजाय उसके हाल पर छोड़ दिया। इसके बाद सोमवार को मुस्लिम समाज के युवाओं ने अखिलेश यादव का पुतला फूंका व बैठक कर प्रदेश भर में सपा अध्यक्ष के पक्षपाती रवैये को बताने का निर्णय लिया। अब दोनों दलों के नेता एक-दूसरे को इसका जिम्मेदार व साजिश रचने वाला बता रहे हैं।
जानें क्या चाय पर छिड़ी राजनीति
दरअसल, पूरे प्रकरण के पीछे फतेहपुर व आसपास जिलों की राजनीति है। इसमें वह हुसेनगंज विधानसभा क्षेत्र भी शामिल है, जिसके चौराहा बहेरा चौकी में आर्यन यादव की दुकान पर अखिलेश ने चाय पी थी। इस सीट से वर्तमान में सपा की ऊर्षा मौर्या विधायक हैं, जिन्होंने पूर्व मंत्री धुन्नी को 25 हजार मतों से 2022 में हराया था। फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व कुर्मी बिरादरी के नरेश उत्तम पटेल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को हराया। पिछले महीने ही केंद्र सरकार ने निरंजन ज्योति को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष नियुक्त कर पिछड़ी जातियों को लुभाने का दांव खेला है।
छह में दो सपा के पास
फतेहपुर की लोकसभा सीट के साथ छह विधानसभा सीटों में दो सपा के पास हैं। अब फिर 2027 का चुनाव सामने है। इसलिए सपा यहां मुस्लिम व पिछड़े वर्ग को मोहरा बना अपनी राह मजबूत करने के प्रयास में है, जबकि भाजपा उसे रोककर अपनी पकड़ और गहरी करना चाह रही है। इसीलिए 15 अप्रैल को खाद्य विभाग के नमूने लेने व 17 अप्रैल को मुस्लिम युवकों की दुकानदार से मारपीट के प्रकरण को तूल देने की बात कही जा रही है।
अब प्रदेश भर में खेमेबंदी
सपा-भाजपा के बीच ये जंग इंटरनेट मीडिया पर कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की 52 विस सीटों समेत प्रदेश भर में राजनीतिक खेमेबंदी बढ़ा रही है। चाय दुकानदार को अखिलेश से मिलाने वाले सेवानिवृत आइपीएस रामतीरथ परमहंस कहते हैं कि दुकानदार को परेशान किया जा रहा है। समाजसेवी अशोक तपस्वी कहते हैं कि आर्यन राजनीति का मोहरा बन रहे हैं।
क्या कहते हैं भाजपा-सपा जिलाध्यक्ष
भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव ने कहा कि वोट बैंक बिखरता देख सपाई परेशान होकर पूर्व मंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि आर्यन से मारपीट करने वाले भाजपा समर्थित हैं। सपा अध्यक्ष तो न्याय दिला रहे, जिससे भाजपाई परेशान हैं।
बंद रही दुकान, फिर फूंका गया सपा अध्यक्ष का पुतला
उधर, चाय दुकानदार शेषमणि यादव के बेटे आर्यन ने असुरक्षित हालात की बात कहकर मंगलवार को भी दुकान बंद रखी। सपा के प्रदेश सचिव जगनायक यादव, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र ने मिलकर सुरक्षा का भरोसा दिलाया। वहीं, पूर्व मंत्री धुन्नी सिंह के समर्थन में युवाओं ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का पुतला फूंककर नारेबाजी की।
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