क्या है गाजीपुर माइनर मर्डर केस? जिसे लेकर यूपी की सियासत तेज, सरकार को लगानी पड़ी धारा 163
गाजीपुर के कटारिया गांव में एक किशोरी की मौत का मामला अब स्थानीय राजनीति से बढ़कर राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश या ...और पढ़ें

गाजीपुर किशोरी मौत: कटारिया गांव की घटना पर सियासी घमासान, जानें पूरा मामला।
HighLights
किशोरी की मौत पर राष्ट्रीय नेताओं की सक्रियता।
स्थानीय ग्राम प्रधान और प्रतिद्वंद्वी की राजनीतिक रंजिश।
पुलिस ने धारा 163 लागू कर 16 गिरफ्तारियां कीं।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। कटरिया गांव में एक किशोरी की मौत का मामला अब केवल एक स्थानीय घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। अब कांग्रेस की ओर से राहुल और प्रियंका गांधी जहां इस प्रकरण पर एक्स पर पोस्ट कर इसे कानून व्यवस्था से जुड़ा प्रश्न बता रहे हैं वहीं अखिलेश यादव लगातार इस मामले में हमलावर हैं।
हालांकि इस घटना की जड़ में गांव की सियासत स्थानीय लोग मान रहे है, जहां ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आशुतोष सिंह ‘आशू’ और उनके प्रतिद्वंद्वी अनिल यादव के बीच पुरानी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा ने ही इस मामले को और भड़का दिया है। गांव के लोग इसे स्थानीय सियासत का मामला बता रहे हैं लेकिन किशोरी की हत्या, आत्महत्या के बीच का विवाद फिलहाल अभी शांत नहीं हो सका है।
अनिल यादव, जो गांव के यादव बहुल मौजा मलहपुरा के निवासी हैं, पिछले पंचायत चुनाव में आशू की मां रीना देवी से 100 से भी कम वोटों से हार गए थे। आगामी चुनाव की तैयारी के बीच यह घटना अब अवसर बताई जा रही है। पीड़ित परिवार और प्रधान का घर एक ही गांव में होने के कारण मामला और भी संवेदनशील हो गया है। हालांकि प्रकरण का पटाक्षेप अभी तक नहीं होने और नेताओं की सक्रियता की वजह से जिला राष्ट्रीय फलक पर चर्चा में बना हुआ है।
22 अप्रैल को सुलगा गांव
22 अप्रैल को समाजवादी पार्टी (सपा) का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा, जहां अनिल यादव प्रतिनिधिमंडल के साथ सक्रिय दिखे, जबकि प्रधान प्रतिनिधि आशू विरोध कर रहे ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे थे। विवाद इतना बढ़ गया कि हिंसा में कई लोग घायल हो गए। बवाल के दौरान पुलिस ने अनिल यादव को हिरासत में लिया, लेकिन वह गाड़ी से उतरकर भागने लगे। इसी दौरान प्रधान पक्ष के सूरज सिंह ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, जिससे उन्हें बुरी तरह पीटा गया। घटना के बाद मामला तूल पकड़ गया।
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सियासी तीरों ने प्रकरण को गर्माया
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान पर पुलिस ने बिना पुष्टि दुष्कर्म का आरोप लगाने को अनुचित बताया। वहीं, अखिलेश यादव ने प्रधान प्रतिनिधि पर कार्रवाई न होने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। किशोरी की मौत के बाद अब जिले में राजनीतिक गतिविधि बढ़ गई है। इस मामले में वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया और डीआईजी वैभव कृष्ण ने शुक्रवार की मध्यरात्रि कटरिया गांव में पीड़ित परिवार से मिलकर घटना की जानकारी ली।
प्रशासन हो गया सक्रिय
25 अप्रैल यानी बीते शनिवार दोपहर में मंडलायुक्त वाराणसी एस राजलिंगम और डीएम अनुपम शुक्ला भी पहुंचे। सभी अधिकारियों ने बैठक की। शाम को एडीजी पत्रकारों से बातचीत कर आगे की जानकारी देने का आश्वासन दिया। ज्ञात हो कि किशोरी की गंगा में लाश मिलने के बाद कटरिया गांव हाई प्रोफाइल बन गया है। सपा प्रतिनिधि मंडल और ग्रामीणों के बीच हुए पत्थरबाजी के बाद गांव की राजनीति प्रदेश स्तर तक पहुंच गई है।
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पुलिस ने की है कार्रवाई
सपा प्रतिनिधि मंडल पर विधायक सहित 46 नामजद और दो सौ अज्ञात पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। विधायकों पर दर्ज मुकदमे के बाद अखिलेश यादव का 29 अप्रैल को कटरिया आने का प्रोटोकॉल शुक्रवार को आया। पूर्व मुख्यमंत्री के आने की सूचना इंटरनेट मीडिया पर तरह-तरह की बयानबाजी से ट्रोल हो रही है। डीआईजी वैभव कृष्ण ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि घटना में सम्मिलित सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
पिता संतुष्ट, मगर आरोप प्रत्यारोप जारी
किशोरी के पिता ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और वह पुलिस कार्यवाही से पूरी तरह संतुष्ट हैं। मृतका के पिता ने कहा कि उनकी बेटी की मौत पर राजनीतिक दल और नेता राजनीतिक रोटी न सेंके। दूसरी ओर, गाजीपुर में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को कटरिया आने की अनुमति न देने के लिए भाजपा की राज्यसभा सदस्य डॉ. संगीता बलवंत ने मुख्यमंत्री और एसपी को पत्र भेजा है। पत्र में लिखा गया है कि पूर्व में बवाल और पथराव हो चुका है, इसलिए उन्हें आने की अनुमति न दी जाए।
कांग्रेस की टीम भी सक्रिय
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने शनिवार को एक्स हैंडल पर पोस्ट कर गाजीपुर के मामले को लेकर अपनी बात साझा की है। विश्वकर्मा समाज की नाबालिग लड़की का शव गंगा में मिलने के बाद दुष्कर्म और हत्या के आरोप लगने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 29 अप्रैल को पीड़ित परिवार से मिलने कटरिया गांव आने की घोषणा से पहले प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है।
जिले में धारा 163 लागू
पूरे जिले में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी गई है। कटरिया गांव में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश समेत धरना-प्रदर्शन, जुलूस और कैंडल मार्च पर 30 अप्रैल तक रोक लगा दी गई है। बीते 22 अप्रैल को सपा प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों और ग्रामीणों के बीच हुए पथराव मामले में पुलिस ने रविवार को छह और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। अब तक कुल 16 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं।
यह है पूरा मामला
14 अप्रैल को किशोरी अपने घर से गायब हो गई थी। 15 अप्रैल को उसका शव गंगा में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई थी। बाकी शरीर पर कोई निशान नहीं था। वहीं एक सीसीटीवी फुटेज में वह अकेली पुल की ओर जाती हुई दिख रही है। वहीं, दुष्कर्म के बाद हत्या का इंटरनेट मीडिया पर अफवाह फैलाने पर पुलिस ने तीन यू-ट्यूबर पर मुकदमा दर्ज किया था। 20 अप्रैल को सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने पत्र जारी कर 22 अप्रैल को 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गांव भेजा, लेकिन दो सौ से अधिक लोग पहुंच गए।
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ग्रामीण भड़के तो हुआ बवाल
सपा प्रदेश अध्यक्ष के पत्र में दुष्कर्म और हत्या के जिक्र पर ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के नेताओं का विरोध किया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। दस से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने सपा के दो विधायकों व जिलाध्यक्ष गोपाल यादव सहित 46 नामजद और दो सौ अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया है। 10 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
गांव में 22 अप्रैल को बिगड़ा माहौल
22 अप्रैल को सपा का प्रतिनिधिमंडल किशोरी के स्वजन से मिलने कटरिया गांव पहुंचा था। निर्धारित संख्या से अधिक लगभग 250 कार्यकर्ताओं के पहुंचने और किशोरी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाने से माहौल बिगड़ गया और पथराव हो गया। इस घटना में करंडा थानाध्यक्ष संतोष पाठक, शहर कोतवाल महेंद्र सिंह समेत कई घायल हो गए थे। पुलिस ने मामले में 46 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस प्रशासन लगातार कर रहा कार्रवाई
करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया में हुई घटना को लेकर इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कथित रूप से भ्रामक व तथ्यहीन टिप्पणियां करने के आरोप में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
अखिलेश यादव भी 29 अप्रैल को आएंगे
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 29 अप्रैल को अपराह्न एक बजे गाजीपुर के कटरिया गांव पहुंचेंगे। यह दौरा किशोरी के गंगा में शव मिलने के बाद सपा प्रतिनिधिमंडल और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के संदर्भ में है। 15 अप्रैल को किशोरी का शव गंगा में मिला था, जिसके बाद सपा ने दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए प्रतिनिधिमंडल को गांव भेजा था।
कई लोगों पर मुकदमा दर्ज
बुधवार को जब सपा प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा, तो ग्रामीणों ने हत्या और दुष्कर्म के आरोपों को खारिज करते हुए उनका विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ, जिसमें दस से अधिक लोग घायल हुए। पुलिस ने इस मामले में सदर विधायक जै किशन साहू, जंगीपुर विधायक वीरेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, पूर्व मंत्री राम आसरे वर्मा सहित 47 लोगों और 150 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।