नमो भारत स्टेशन के नीचे हुई बर्थडे पार्टी, 'घूरने' को लेकर हो गया बवाल; सीमा विवाद में उलझी मेरठ पुलिस
Meerut News: मेरठ के शताब्दी नगर स्थित नमो भारत स्टेशन के नीचे एक जन्मदिन पार्टी में दो गुटों के बीच घूरने को लेकर हिंसक झड़प हो गई। पुलिस सीमा विवाद ...और पढ़ें

नमो भारत स्टेशन के नीचे दो गुटों के बीच हिंसक झड़प। (AI जेनरेटिड फोटो)
HighLights
दोनों पक्ष के लोगों में एक-दूसरे को घूरने को लेकर कहासुनी हुई।
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को चौकी पहुंचाया।
जागरण संवाददाता, मेरठ। शताब्दी नगर स्थित नमो भारत स्टेशन के नीचे जन्मदिन की पार्टी में लिसाड़ी गांव, मोहकमपुर और रिठानी के युवकों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। मामूली कहासुनी के बाद विवाद बढ़कर लात-घूंसों तक पहुंच गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों गुट अलग-अलग बैठे थे। इस दौरान दोनों पक्ष के लोगों में एक-दूसरे को घूरने को लेकर कहासुनी होने लगी। कुछ ही देर बाद दोनों पक्षों में जमकर हाथापाई शुरू हो गई और दोनों गुटों के लोग आपस में मारपीट करने लगे।
सूचना मिलने पर शाप्रिक्स माल चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन घटनास्थल परतापुर थाना क्षेत्र में होने के कारण पुलिस को सीमा को लेकर असमंजस का सामना करना पड़ा। इसके बाद में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को शाप्रिक्स माल चौकी पहुंचाया। उधर, रिठानी पुलिस चौकी से भी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और दोनों पक्षों को अपने साथ चौकी ले गया।
थाना प्रभारी अजय शुक्ला ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बाद में समझौता हो गया और किसी ने तहरीर नहीं दी, इसलिए दोनों पक्ष के लोगों को हिदायत देने के बाद छोड़ दिया गया।
यह भी पढ़ें- मेरठ में घर से सामान लेने निकले थे व्यापारी, 25 मिनट बाद मिली मौत की खबर; ई-रिक्शा चालक ने नाले किनारे फेंका शव
मेडिकल कालेज में नवजात की मौत पर हंगामा
मेरठ: लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज में नवजात की मौत होने पर स्वजन ने हंगामा किया। आरोप लगाया कि नवजात को वेंटीलेटर की सुविधा नहीं मिल सकी। जिसके चलते उसकी मौत हो गई। बागपत निवासी गर्भवती मोनिका को प्रसव पीड़ा पर हालत खराब होने पर सीएचसी गौरीपुर से मेडिकल कालेज के लिए रेफर किया गया था।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- Delhi-Dehradun Highway पर हरिद्वार जल लेने जा रहे दो कांवड़ियों की हादसे में मौत, एक की हालत गंभीर
मंगलवार रात दो बजे उसके एक बच्चे का जन्म दिया था। जिसकी मौत बुधवार शाम छह बजे हो गई। स्वजन ने आरोप लगाया है कि नवजात शिशु को तत्काल वेंटीलेटर की जरूरत थी, लेकिन उसे वेंटीलेटर नहीं मिला। उपचार में लापरवाही बरती गई।
वहीं इस मामले में मेडिकल कालेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डा. अनुपमा वर्मा का कहना है कि सात महीने का बच्चा था। प्री-मेच्योर था। नवजात शिशु को आक्सीजन पर रखा गया था। उसे बचाने की कोशिश की गई, लेकिन ऐसे बच्चों में सभी अंग विकसित नहीं हो पाते हैं। जिससे बचा पाना मुश्किल होता है।